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रूनीखेत के नारायण तैयार कर रहे जांबाज
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कैप्टन नारायण सिंह उन्यूणी।
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। सैनिक का हौसला और जज्बा सेवानिवृत्ति के बाद भी कायम रहता है। यह साबित किया है ग्राम रूनीखेत निवासी ऑनरेरी कैप्टन नारायण सिंह उन्यूणी ने। वह सेवानिवृत्ति के बाद से युवाओं को सेना भर्ती का निशुल्क प्रशिक्षण दे रहे हैं। बड़ी उपलब्धि ही कही जाएगी कि तीन वर्ष में उनके 24 प्रशिक्षु भारतीय सेना का अंग बन चुके हैं। इनमें से पांच युवक इसी नवंबर में सेना में भर्ती हुए हैं।
12 कुमाऊं रेजीमेंट के जांबाज कैप्टन नारायण सिंह उन्यूणी अप्रैल 2017 में सेवानिवृत्त हुए। उनके जज्बे को सलाम करना होगा कि उन्होंने अप्रैल 2017 से ही गांव के दो युवाओं को सैन्य भर्ती का प्रशिक्षण देना शुरू किया। देखते ही देखते उनके पास आसपास गांवों के लोग भी प्रशिक्षण के लिए आने लगे। कैप्टन उन्यूणी युवाओं को सेना की तरह ही कठोर प्रशिक्षण देते हैं। युवाओं को कड़ी परीक्षा से गुजरना होता है। कंधे पर रस्सी बांधकर टायर खींचना, आग के गोले से गुजरना। रोज कई किमी की दौड़ प्रशिक्षण का हिस्सा है। कैप्टन उन्यूणी युवाओं को अमूमन चार-पांच माह का प्रशिक्षण देते हैं। उन्हें शारीरिक रूप से तो मजबूत किया ही जाता है। मानसिक रूप से भी मजबूती प्रदान की जाती है। इसके लिए वह योगाभ्यास भी कराते हैं। वह युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए भी प्रेरित करते हैं। कैप्टन उन्यूणी ने जिस मकसद से युवाओं को प्रशिक्षण देना शुरू किया उसका प्रतिफल एक वर्ष बाद ही मिलने लगा। कैप्टन उन्यूणी के चेले एक के बाद एक सेना में भर्ती होने लगे। इस नवंबर से पहले उनके 19 शिष्य सेना में भर्ती हो चुके थे। इसी माह जिले के पांच और युवा सेना में भर्ती हुए हैं। बागेश्वर समेत हल्द्वानी, द्वाराहाट, सोमेश्वर, कपकोट के 61 युवा उनसे प्रशिक्षण ले रहे हैं। कैप्टन उन्यूणी कहते हैं कि वह युवाओं को निशुल्क प्रशिक्षण देते रहेंगे। संवाद
योगेश, पारस, कवींद्र, भाष्कर, राजेश बोले थैंक्स गुरुजी
बागेश्वर। इसी नवंबर में सेना में भर्ती हुए बागेश्वर के ग्राम मोटासेमल निवासी योगेश परिहार, खोली निवासी पारस परिहार, अमतौड़ा निवासी कवींद्र सिंह, मंडलसेरा निवासी राजेश थापा, सात निवासी भाष्कर सैन्य भर्ती का परिणाम आने के बाद कैप्टन नारायण सिंह उन्यूणी से मिले और जीवन संवारने के लिए उनका आभार जताया।
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लिखित परीक्षा के लिए भी किया जाता है तैयार
बागेश्वर। कैप्टन उन्यूणी के भर्ती प्रशिक्षण कैंप में न केवल शारीरिक दक्षता पर ध्यान दिया जाता है बल्कि युवाओं को लिखित परीक्षा के लिए भी तैयार किया जाता है। आनंदी एकेडमी स्कूल के प्रधानाचार्य चंदन सिंह परिहार प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को लिखित परीक्षा के टिप्स देते हैं। बाकायदा समय-समय पर लिखित परीक्षा कराई जाती है। प्रधानाचार्य चंदन सिंह परिहार ने कैप्टन उन्यूणी के जज्बे की सराहना की। कहा कि सेना में भी कैप्टन का कार्यकाल बेहतरीन रहा है। यही कारण है कि सेना ने उन्हें सेवाकाल में ही ऑनरेरी कैप्टन के पद से नवाज दिया था। अमूमन सेवानिवृत्ति पर यह पद दिया जाता है।
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12 कुमाऊं रेजीमेंट के जांबाज कैप्टन नारायण सिंह उन्यूणी अप्रैल 2017 में सेवानिवृत्त हुए। उनके जज्बे को सलाम करना होगा कि उन्होंने अप्रैल 2017 से ही गांव के दो युवाओं को सैन्य भर्ती का प्रशिक्षण देना शुरू किया। देखते ही देखते उनके पास आसपास गांवों के लोग भी प्रशिक्षण के लिए आने लगे। कैप्टन उन्यूणी युवाओं को सेना की तरह ही कठोर प्रशिक्षण देते हैं। युवाओं को कड़ी परीक्षा से गुजरना होता है। कंधे पर रस्सी बांधकर टायर खींचना, आग के गोले से गुजरना। रोज कई किमी की दौड़ प्रशिक्षण का हिस्सा है। कैप्टन उन्यूणी युवाओं को अमूमन चार-पांच माह का प्रशिक्षण देते हैं। उन्हें शारीरिक रूप से तो मजबूत किया ही जाता है। मानसिक रूप से भी मजबूती प्रदान की जाती है। इसके लिए वह योगाभ्यास भी कराते हैं। वह युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए भी प्रेरित करते हैं। कैप्टन उन्यूणी ने जिस मकसद से युवाओं को प्रशिक्षण देना शुरू किया उसका प्रतिफल एक वर्ष बाद ही मिलने लगा। कैप्टन उन्यूणी के चेले एक के बाद एक सेना में भर्ती होने लगे। इस नवंबर से पहले उनके 19 शिष्य सेना में भर्ती हो चुके थे। इसी माह जिले के पांच और युवा सेना में भर्ती हुए हैं। बागेश्वर समेत हल्द्वानी, द्वाराहाट, सोमेश्वर, कपकोट के 61 युवा उनसे प्रशिक्षण ले रहे हैं। कैप्टन उन्यूणी कहते हैं कि वह युवाओं को निशुल्क प्रशिक्षण देते रहेंगे। संवाद
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योगेश, पारस, कवींद्र, भाष्कर, राजेश बोले थैंक्स गुरुजी
बागेश्वर। इसी नवंबर में सेना में भर्ती हुए बागेश्वर के ग्राम मोटासेमल निवासी योगेश परिहार, खोली निवासी पारस परिहार, अमतौड़ा निवासी कवींद्र सिंह, मंडलसेरा निवासी राजेश थापा, सात निवासी भाष्कर सैन्य भर्ती का परिणाम आने के बाद कैप्टन नारायण सिंह उन्यूणी से मिले और जीवन संवारने के लिए उनका आभार जताया।
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लिखित परीक्षा के लिए भी किया जाता है तैयार
बागेश्वर। कैप्टन उन्यूणी के भर्ती प्रशिक्षण कैंप में न केवल शारीरिक दक्षता पर ध्यान दिया जाता है बल्कि युवाओं को लिखित परीक्षा के लिए भी तैयार किया जाता है। आनंदी एकेडमी स्कूल के प्रधानाचार्य चंदन सिंह परिहार प्रशिक्षण लेने वाले युवाओं को लिखित परीक्षा के टिप्स देते हैं। बाकायदा समय-समय पर लिखित परीक्षा कराई जाती है। प्रधानाचार्य चंदन सिंह परिहार ने कैप्टन उन्यूणी के जज्बे की सराहना की। कहा कि सेना में भी कैप्टन का कार्यकाल बेहतरीन रहा है। यही कारण है कि सेना ने उन्हें सेवाकाल में ही ऑनरेरी कैप्टन के पद से नवाज दिया था। अमूमन सेवानिवृत्ति पर यह पद दिया जाता है।

बागेश्वर के रूनीखेत में सैन्य प्रशिक्षण के दौरान योगाभ्यास करते प्रशिक्षु। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : BAGESHWAR