फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   Namati Chetabagad Village of Kapkot

राज्य गठन के बाद पूर्व सीएम,कोश्यारी के गांव के हालात में सुधार

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 07 Nov 2022 11:36 PM IST
विज्ञापन
Namati Chetabagad Village of Kapkot
बागेश्वर। आगामी नौ नवंबर को राज्य गठन के 22 साल पूरे हो जाएंगे। इन 22 वर्षों में राज्य ने काफी कुछ हासिल किया। काफी कुछ हासिल करना अभी शेष है यानी कि राज्य आंदोलन के शहीदों और राज्य आंदोलनकारियों के सपने अब भी अधूरे हैं। बात उत्तराखंड की अंतरिम सरकार के दूसरे मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी के गृह क्षेत्र नामतीचेटाबगड़ (कपकोट) की करें तो राज्य बनने के बाद इस क्षेत्र के हालात में कुछ अंतर जरूर आया है।
विज्ञापन

नामतीचेटाबगड़ गांव में सड़क काफी समय पहले पहुंच चुकी है। राज्य गठन से पहले गांव में सरकारी हाईस्कूल था। राज्य गठन के बाद हाईस्कूल को इंटर की सुविधा मिली है। उच्च शिक्षा के लिए आज भी 55 किमी दूर कपकोट और 80 किमी दूर बागेश्वर पर निर्भरता बनी हुई है।
विज्ञापन

क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार नहीं हुआ है। क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधा के नाम पर उप स्वास्थ्य केंद्र है। स्वास्थ्य सुविधा के लिए भी कपकोट और जिला मुख्यालय पर इलाके के लोगों को निर्भर रहना पड़ता है। यानी कि माननीयों के इलाकों में ही व्यवस्थाएं मुकम्मल नहीं हुई हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

पालनाधूरा के लोगों को नहीं मिल पा रही सड़क की सुविधा
बागेश्वर। आसपास के इलाके आज भी यातायात सुविधा के लिए तरस रह हैं। नामतीचेटाबगड़ का पालनाधूरा क्षेत्र के लोगों को सड़क स्वीकृत होने के बाद भी यातायात सुविधा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। आठ साल पहले स्वीकृत रमाड़ी-कनोली-पालनाधूरा 12 किमी लंबी सड़क का कार्य अधूरा पड़ा है। करीब तीन किमी हिस्से से अधिक में सड़क का निर्माण कार्य अवशेष है।
कपकोट के कई इलाके आज भी संचार विहीन
बागेश्वर। कपकोट क्षेत्र के तमाम इलाके राज्य गठन के बाद भी संचार सुविधा से नहीं जुड़ पाए हैं। भारत सरकार का डिजिटल इंडिया का नारा उस क्षेत्र के लोगों के लिए सपना ही है। जिले के कीमू, गोगिना, भनार, माजखेत, कालापैरकापड़ी समेत तमाम इलाके आज भी संचार सुविधा से वंचित हैं। इन इलाकों को संचार सुविधा से जोड़ने के लिए बीएसएनएल के करीब 20 टावर स्वीकृत हैं। टावर लगाने की कवायद चल रही है। नए टावर लगने के बाद संचार सुविधा पुख्ता होने की उम्मीद है।
राज्य गठन के बाद नामतीचेटाबगड़ की ओर सरकार का ध्यान गया है। नामतीचेटाबगड़ तक यातायात की सुविधा मिली है। हाईस्कूल को इंटर का दर्जा मिला है। स्वास्थ्य, संचार की सुविधा मिलने की उम्मीद क्षेत्र के लोगों को है। - नारायण सिंह कोश्यारी, पूर्व प्रधान, नामतीचेटाबगड़।
पालनाधूरा के लोगों को स्वीकृत सड़क का भी लाभ नहीं पाया है। सड़क आठ साल बाद भी अधूरी है। बीते विधानसभा चुनाव में इलाके के लोगों ने चुनाव बहिष्कार का निर्णय लिया था। जिला प्रशासन की पहल पर क्षेत्र के लोग मतदान करने पर राजी हुए लेकिन उसके बाद भी कोई सुध नहीं ली गई। - धाम सिंह कोश्यारी, पूर्व प्रधान, पालनाधूरा।

नामतीचेटाबगड़ क्षेत्र की समस्याओं का पूर्व में भी प्राथमिकता से निराकरण किया गया है। क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। सड़क को सुविधाजनक बनाया जाएगा। - सुरेश गढ़िया, विधायक, कपकोट।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed