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मॉक ड्रिल: भूकंप के दौरान मलबे में फंसे छात्र-छात्राओं को निकालने का पूर्वाभ्यास
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कपकोट में मॉकड्रिल के दौरान रस्सी के सहारे बचाव कार्य का अभ्यास करता एनडीआरएफ कर्मी। संवाद न्यू?
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। जिलाधिकारी विनीत कुमार के निर्देशन में आईआरएस, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम ने भूकंप के दौरान खोज बचाव का पूर्वाभ्यास किया। मॉड ड्रिल के दौरान भूकंप से क्षतिग्रस्त स्कूल के भवन से छात्र-छात्राओं को सुरक्षित बाहर निकालने का अभ्यास किया गया।
मॉक ड्रिल की शुरुआत जिला कंट्रोल रूम को मिली भूकंप की सूचना से हुई। शनिवार की सुबह 9.10 बजे जिला आपदा कंट्रोल रूम में विकास खंड कपकोट में तीव्र भूकंप के झटके महसूस होने की सूचना मिली। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.48 मापी गई। आपदा में राइंका कपकोट, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय और सीएचसी कपकोट के भवन क्षतिग्रस्त हो गए, जिनमें कई विद्यार्थी फंस गए। डीएम ने तत्काल जिला कंट्रोल रूम पहुंचकर घटना की जानकारी लेने और आपदा प्रबंधन की टीम को घटना स्थल की ओर रवाना निर्देश दिए।
टीम के साथ डीएम और पुलिस अधीक्षक देंवेंद्र पींचा भी घटना स्थल को रवाना हुए। मॉकड्रिल में क्षतिग्रस्त राइंका के भवन में चार बच्चे फंसे थे। एसडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में छह बच्चे फंसे थे, जिन्हें एनडीआरएफ ने निकाला। इनमें एक बच्चा गंभीर, दो आंशिक और तीन हल्के घायल हुए थे। जिन्हें सुरक्षित बाहर निकालकर स्टेजिंग एरिया में उपचार के लिए लाने का पूर्वाभ्यास हुआ। वहीं सीएचसी में फंसे एक घायल को भी सुरक्षित बाहर निकालने का छद्म अभ्यास किया गया। इस मौके पर एडीएम चंद्र सिंह इमलाल, डीडीओ केएन तिवारी, एसडीएम प्रमोद कुमार, तहसीलदार पूजा शर्मा, सीओ विपिन पंत, थानाध्यक्ष मदन लाल, आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल, डॉ. बृजेश रावत आदि मौजूद थे।
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मॉक ड्रिल की शुरुआत जिला कंट्रोल रूम को मिली भूकंप की सूचना से हुई। शनिवार की सुबह 9.10 बजे जिला आपदा कंट्रोल रूम में विकास खंड कपकोट में तीव्र भूकंप के झटके महसूस होने की सूचना मिली। भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.48 मापी गई। आपदा में राइंका कपकोट, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय और सीएचसी कपकोट के भवन क्षतिग्रस्त हो गए, जिनमें कई विद्यार्थी फंस गए। डीएम ने तत्काल जिला कंट्रोल रूम पहुंचकर घटना की जानकारी लेने और आपदा प्रबंधन की टीम को घटना स्थल की ओर रवाना निर्देश दिए।
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टीम के साथ डीएम और पुलिस अधीक्षक देंवेंद्र पींचा भी घटना स्थल को रवाना हुए। मॉकड्रिल में क्षतिग्रस्त राइंका के भवन में चार बच्चे फंसे थे। एसडीआरएफ की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में छह बच्चे फंसे थे, जिन्हें एनडीआरएफ ने निकाला। इनमें एक बच्चा गंभीर, दो आंशिक और तीन हल्के घायल हुए थे। जिन्हें सुरक्षित बाहर निकालकर स्टेजिंग एरिया में उपचार के लिए लाने का पूर्वाभ्यास हुआ। वहीं सीएचसी में फंसे एक घायल को भी सुरक्षित बाहर निकालने का छद्म अभ्यास किया गया। इस मौके पर एडीएम चंद्र सिंह इमलाल, डीडीओ केएन तिवारी, एसडीएम प्रमोद कुमार, तहसीलदार पूजा शर्मा, सीओ विपिन पंत, थानाध्यक्ष मदन लाल, आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल, डॉ. बृजेश रावत आदि मौजूद थे।
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