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मेलार्थी चांचरी के गीतों में जमकर थिरके
ब्यूरो/अमर उजाला, कपकोट (बागेश्वर)।
Updated Thu, 31 Aug 2017 10:55 PM IST
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बदियाकोट में ब्रह्मकमलों के साथ अनवाल।
- फोटो : amar ujala
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विकास खंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र के ग्राम पंचायत बदियाकोट में आयोजित नंदाष्टमी का मेला भंडारे के साथ संपन्न हो गया है। भंडारे में कुमाऊं और गढ़वाल से बड़ी संख्या में आए श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
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मंदिर में ढोल-नगाड़ों, झांझर और बुखौरों के साथ सुबह और शाम आरती हो रही थी। मेलार्थी चांचरी के गीतों में जमकर थिरके। उन्होंने सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी लुत्फ उठाया। कपकोट ब्लॉक मुख्यालय से करीब 35 किमी की दूरी पर स्थित भगवती माता के मंदिर क्षेत्र के लोगों की गहरी आस्था है।
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मंदिर में हर साल सल्पाती का मेला, आठ साल में घर आंठियों और बारह साल बाद नंदकुंड उपजात यात्रा का मेला लगता है। इस बार यहां नंदाष्टमी मेले का आयोजन था। मेले में कुमाऊं के अलावा गढ़वाल मंडल के कई गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे हुए थे।
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गढ़वाल से आने वाले पूजार्थियों को पूजा का समय निर्धारित है। मंदिर में भगवती माता की पूजा-अर्चना के साथ ही लाटू और तिब्बती हूण देवता की भी पूजा की गई। देव डंगरियों ने अवतरित होकर लोगों को आर्शीबाद दिया।
श्रद्धालुओं ने अपनी मनौती पूरी होने पर मंदिर में घंटियां, चांदी के छत्र और पूजा के काम आने वाले बर्तन अर्पित किए। कालाकोटी और बसेड़ा परिवार के लोगों ने मां नंदा के डोले को विसर्जित किया।
पुजारी मंगल सिंह धामी, केशर सिंह, स्वरूप सिंह, दयाल सिंह आदि ने प्रसाद वितरित किया। जिला पंचायत सदस्य गोविंद दानू, ग्राम प्रधान केदार सिंह दानू, हुकुम सिंह, पुष्कर सिंह, केशर सिंह और पे्रम सिंह आदि ने मेले को संपन्न कराने में दिए गए सहयोग के प्रति सभी का आभार जताया है।
ब्रह्म कमल से होती है देवी की पूजा
कपकोट (बागेश्वर)। भगवती माता की पूजा ब्रह्म्म कमल से होती है। ब्रह्म कमल उच्च हिमालयी क्षेत्र में होते हैं। ग्राम पंचायत बदियाकोट में हुई नंदाष्टमी पूजा के लिए बकरी चराने वाले अनवाल ब्रह्म कमल तोड़कर लाए थे। देवी की पूजा के बाद इन्हीं कमलों को पुजारियों ने प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं में भी वितरित किए।