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डेढ़ माह बाद बाजार खुले लेकिन आशा के अनुरूप नहीं हुई बिक्री
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बागेश्वर। करीब डेढ़ महीने बाद नौ घंटे के लिए खुले बाजार में वह गति नहीं देखी गई जो होनी चाहिए थी। समय पर सूचना न मिलने की वजह से भी बाजारों में लोगों की आवाजाही कम रही। जिले में 50 से 60 लाख का ही व्यापार होने का अनुमान लगाया जा रहा है। सामान्य दिनों में जिले का व्यापार 2-3 करोड़ रहता था।
बुधवार सुबह आठ बजे जिला मुख्यालय के साथ ही कस्बाई बाजारों में अधिकतर दुकानें खुल गई थीं लेकिन ग्राहकों की आवाजाही काफी कम थी। सुबह 10 बजे के बाद बाजार में लोगों के आने का सिलसिला शुरू हुआ लेकिन बाजारों में पहले जैसी रौनक देखने को नहीं मिली। दुकानों में इक्का-दुक्का ही ग्राहक दिखाई दे रहे थे। ग्राहक कपड़े, रेडीमेड वस्त्र खरीदते दिखे। महिलाओं ने चूड़ियों और अन्य श्रृंगार सामग्री की खरीद की। स्वर्णकारों की दुकानों में भी सन्नाटा पसरा दिखा।
इलेक्ट्रानिक्स, हार्डवेयर की दुकानों में अमूमन सुनसानी देखी गई। बाजारों में कम लोगों की आवाजाही के पीछे सूचना देरी से मिलना भी एक वजह रही। कांडा से पहुंचे मोहन चंद्र और काफलीगैर से आए रमेश सिंह का कहना था कि सरकार को दुकानों के खुलने के दिन की जानकारी समय पर देनी चाहिए, ताकि लोग समय से खरीदारी के लिए आ सकें।
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उधर, उद्योग व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष बबलू नेगी का कहना है कि बुधवार को बाजार मंदा रहा। समय पर सूचना न मिलना भी इसका कारण रहा। ऑनलाइन खरीद भी व्यापार को प्रभावित कर रही है। उनका कहना था कि बुधवार को जिलेभर का व्यापार 50-60 लाख के आंकड़े को भी नहीं छू पाया।
मिठाई की दुकानें और रेस्टोरेंट रहे बंद
बागेश्वर। बुधवार को छूट के दौरान मिठाई की दुकानों के साथ ही अधिकतर रेस्टोरेंट भी बंद रहे। इसके पीछे पहले से मिठाई और खाद्य सामग्री तैयार न होना रहा। फिर कुछ घंटे खोलने से इस तबके के व्यापारियों को कोई खास लाभ होने वाला नहीं था।
25 लाख की शराब बिकी शराब
बागेश्वर। जिला मुख्यालय स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान में सुबह सात बजे से ही लोग लाइन लगाने लगे थे। गरुड़, कपकोट के साथ ही अन्य क्षेत्रों में भी शराब की दुकानों में भीड़ देखी गई। शराब के तलबगारों के शराब की दुकान में प्रवेश के लिए बेरीकेडिंग की गई थी। पुलिस का भी पहरा था। दोपहर दो बजे बाद शराब की दुकानों में भीड़ कम हो गई थी। जिले की शराब की दुकानों में करीब 25 लाख रुपये से अधिक की शराब बिकने का अनुमान है।
दोपहर तक लगता रहा जाम
बागेश्वर। बुधवार को अन्य दिनों की अपेक्षा बाजार में वाहनों की संख्या अधिक रही। इस कारण नगर की सड़कों में कई बार जाम लगा। जाम खुलवाने में पुलिस कर्मियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दोपहर दो बजे बाद वाहनों की संख्या भी कम हो गई थी।
कोरोना संक्रमण की दर कम होने के बाद सभी दुकानों को खोलने का निर्णय सही है, लेकिन रोजाना दुकानें खोली जानी चाहिए। सप्ताह में दो या तीन दिन दुकान खोलने के निर्णय को बदला जाना चाहिए। नियमित दुकान खुलेंगी तभी हालात पटरी पर आ सकेंगे। - देव अधिकारी, रेस्टोरेंट कारोबारी बागेश्वर
सरकार को दुकानों को नियमित रूप से खोलने की छूट देनी चाहिए। दुकानें रोज खुलनी चाहिए, चाहे दोपहर एक बजे तक ही खुलें। कई दिन छोड़कर बाजार खोलने से बाजार में अनावश्यक भीड़ भी जमा होगी। - महिपाल भरड़ा पुस्तक विक्रेता बागेश्वर
जहां सभी दुकानों को कुछ समय के लिए ही सही, खोलने की अनुमति मिली, वहीं गिफ्ट कारोबारी सीजन के समय घरों में बैठे रहे। अब भी सरकार ने नियमित दुकान खोलने का निर्णय जारी नहीं किया है। इस निर्णय को बदला जाना चाहिए। - मोहम्मद नाजिम (राजा), गिफ्ट सामान विक्रेता बागेश्वर
सरकार को दुकानें रोजाना खोलने का आदेश जारी करना चाहिए। अगर प्रशासन चाहे तो दुकान खोलने की समय सीमा कम कर सकता है। सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक ही सही, लेकिन दुकानें नियमित खोली जानी चाहिए। - भगवान सिंह ड्योड़ी, कापी-किताब विक्रेता बागेश्वर
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बुधवार सुबह आठ बजे जिला मुख्यालय के साथ ही कस्बाई बाजारों में अधिकतर दुकानें खुल गई थीं लेकिन ग्राहकों की आवाजाही काफी कम थी। सुबह 10 बजे के बाद बाजार में लोगों के आने का सिलसिला शुरू हुआ लेकिन बाजारों में पहले जैसी रौनक देखने को नहीं मिली। दुकानों में इक्का-दुक्का ही ग्राहक दिखाई दे रहे थे। ग्राहक कपड़े, रेडीमेड वस्त्र खरीदते दिखे। महिलाओं ने चूड़ियों और अन्य श्रृंगार सामग्री की खरीद की। स्वर्णकारों की दुकानों में भी सन्नाटा पसरा दिखा।
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इलेक्ट्रानिक्स, हार्डवेयर की दुकानों में अमूमन सुनसानी देखी गई। बाजारों में कम लोगों की आवाजाही के पीछे सूचना देरी से मिलना भी एक वजह रही। कांडा से पहुंचे मोहन चंद्र और काफलीगैर से आए रमेश सिंह का कहना था कि सरकार को दुकानों के खुलने के दिन की जानकारी समय पर देनी चाहिए, ताकि लोग समय से खरीदारी के लिए आ सकें।
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उधर, उद्योग व्यापार मंडल जिलाध्यक्ष बबलू नेगी का कहना है कि बुधवार को बाजार मंदा रहा। समय पर सूचना न मिलना भी इसका कारण रहा। ऑनलाइन खरीद भी व्यापार को प्रभावित कर रही है। उनका कहना था कि बुधवार को जिलेभर का व्यापार 50-60 लाख के आंकड़े को भी नहीं छू पाया।
मिठाई की दुकानें और रेस्टोरेंट रहे बंद
बागेश्वर। बुधवार को छूट के दौरान मिठाई की दुकानों के साथ ही अधिकतर रेस्टोरेंट भी बंद रहे। इसके पीछे पहले से मिठाई और खाद्य सामग्री तैयार न होना रहा। फिर कुछ घंटे खोलने से इस तबके के व्यापारियों को कोई खास लाभ होने वाला नहीं था।
25 लाख की शराब बिकी शराब
बागेश्वर। जिला मुख्यालय स्थित अंग्रेजी शराब की दुकान में सुबह सात बजे से ही लोग लाइन लगाने लगे थे। गरुड़, कपकोट के साथ ही अन्य क्षेत्रों में भी शराब की दुकानों में भीड़ देखी गई। शराब के तलबगारों के शराब की दुकान में प्रवेश के लिए बेरीकेडिंग की गई थी। पुलिस का भी पहरा था। दोपहर दो बजे बाद शराब की दुकानों में भीड़ कम हो गई थी। जिले की शराब की दुकानों में करीब 25 लाख रुपये से अधिक की शराब बिकने का अनुमान है।
दोपहर तक लगता रहा जाम
बागेश्वर। बुधवार को अन्य दिनों की अपेक्षा बाजार में वाहनों की संख्या अधिक रही। इस कारण नगर की सड़कों में कई बार जाम लगा। जाम खुलवाने में पुलिस कर्मियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दोपहर दो बजे बाद वाहनों की संख्या भी कम हो गई थी।
कोरोना संक्रमण की दर कम होने के बाद सभी दुकानों को खोलने का निर्णय सही है, लेकिन रोजाना दुकानें खोली जानी चाहिए। सप्ताह में दो या तीन दिन दुकान खोलने के निर्णय को बदला जाना चाहिए। नियमित दुकान खुलेंगी तभी हालात पटरी पर आ सकेंगे। - देव अधिकारी, रेस्टोरेंट कारोबारी बागेश्वर
सरकार को दुकानों को नियमित रूप से खोलने की छूट देनी चाहिए। दुकानें रोज खुलनी चाहिए, चाहे दोपहर एक बजे तक ही खुलें। कई दिन छोड़कर बाजार खोलने से बाजार में अनावश्यक भीड़ भी जमा होगी। - महिपाल भरड़ा पुस्तक विक्रेता बागेश्वर
जहां सभी दुकानों को कुछ समय के लिए ही सही, खोलने की अनुमति मिली, वहीं गिफ्ट कारोबारी सीजन के समय घरों में बैठे रहे। अब भी सरकार ने नियमित दुकान खोलने का निर्णय जारी नहीं किया है। इस निर्णय को बदला जाना चाहिए। - मोहम्मद नाजिम (राजा), गिफ्ट सामान विक्रेता बागेश्वर
सरकार को दुकानें रोजाना खोलने का आदेश जारी करना चाहिए। अगर प्रशासन चाहे तो दुकान खोलने की समय सीमा कम कर सकता है। सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक ही सही, लेकिन दुकानें नियमित खोली जानी चाहिए। - भगवान सिंह ड्योड़ी, कापी-किताब विक्रेता बागेश्वर