बागेश्वर। 2009 से चिह्नित 352 राज्य आंदोलनकारियों में अब तक प्रमाण पत्र नहीं दिए जाने से रोष है। आक्रोशित राज्य आंदोलनकारियों ने जिलाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन किया। जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर जिले के सभी राज्य आंदोलनकारियों को जल्द प्रमाण पत्र निर्गत करने की मांग की। आठ नवंबर तक मांग पूरी नहीं होने पर राज्य स्थापना दिवस के बाद आंदोलन करने की चेतावनी दी।
बृृहस्पतिवार को चिह्नित राज्य आंदोलनकारियों ने डीएम कार्यालय में प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद शिष्टमंडल डीएम से मिला। आंदोलनकारियों ने कहा कि जिला प्रशासन ने 2011, 2013 और 2019 में तीन बार आंदोलनकारियों की राजस्व विभाग और एलआईयू से जांच कराई। आंदोलनकारियों से आंदोलन के प्रमाण की मूल प्रति मांगी गई। इसके बाद तहसीलवार शिविर लगाकर जिले के आंदोलनकारियों को चिह्नित कर फोटो युक्त परिचय पत्र भी बना दिए गए। कहा कि आंदोलनकारियों को लगातार भ्रमित किया जा रहा है। कहा कि प्रशासन को अपनी ही जांच एजेंसियों पर भरोसा नहीं है। अज्ञात फोन का हवाला देकर आंदोलनकारियों को प्रमाण पत्र से वंचित रखा जा रहा है। आंदोलनकारियों ने कहा कि बहुत बार प्रशासन अपमान कर चुका है, अगर जल्द मांग पूरी नहीं हुई तो 10 दिसंबर के बाद आंदोलन करने को मजबूर होना पड़ेगा। इस मौके पर हीरा सिंह नेगी, नवीन चंद्र जोशी, हयात सिंह धपोला, आलम सिंह मेहरा, किशोर चंद्र कांडपाल आदि मौजूद रहे।