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Bageshwar News: गोपनीय पत्र सोशल मीडिया स्टेटस पर लगाने वाला दोषमुक्त
Tue, 11 Apr 2023 11:25 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Tue, 11 Apr 2023 11:25 PM IST
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बागेश्वर। सिविल जज/न्यायिक मजिस्ट्रेट रिजवान अहमद की अदालत ने सरकारी गोपनीय पत्र को सोशल मीडिया प्लेटफार्म के स्टेटस पर लगाने के आरोपी को दोषमुक्त करने का फैसला सुनाया है।
मामला कोरोना काल का है। सात जून 2020 को जल संस्थान ग्रुप में कोविड पॉजिटिव लोगों की सूची वायरल हो गई थी। ग्रुप के सदस्य अनिल कुमार ने इसे अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर लगा लिया। पुलिस ने गोपनीय पत्र के वायरल होने की जांच की। जांच के दौरान सीएमओ कार्यालय के तीन कर्मचारियों के साथ अनिल का नाम भी सामने आया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 72 सूचना एवं प्रोद्योगिकी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया। पुलिस ने जांच के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश कराए गए। सीएमओ कार्यालय में तैनात कर्मचारियों ने अपना जुर्म माना और उन्हें अर्थदंड की सजा हुई। अनिल ने खुद को निर्दोष बताकर विचारण चाहा। न्यायालय ने माना कि पत्र सीएमओ कार्यालय से वायरल किया गया था और आरोपी के नंबर पर इसे अन्य लोगों ने फारवर्ड किया है। अदालत ने स्क्रीन शॉट दस्तावेज को साक्ष्य में ग्राह्य नहीं मानते हुए आरोपी को दोषमुक्त किया।
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मामला कोरोना काल का है। सात जून 2020 को जल संस्थान ग्रुप में कोविड पॉजिटिव लोगों की सूची वायरल हो गई थी। ग्रुप के सदस्य अनिल कुमार ने इसे अपने व्हाट्सएप स्टेटस पर लगा लिया। पुलिस ने गोपनीय पत्र के वायरल होने की जांच की। जांच के दौरान सीएमओ कार्यालय के तीन कर्मचारियों के साथ अनिल का नाम भी सामने आया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 72 सूचना एवं प्रोद्योगिकी अधिनियम के तहत केस दर्ज किया। पुलिस ने जांच के बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अभियोजन पक्ष की ओर से आठ गवाह पेश कराए गए। सीएमओ कार्यालय में तैनात कर्मचारियों ने अपना जुर्म माना और उन्हें अर्थदंड की सजा हुई। अनिल ने खुद को निर्दोष बताकर विचारण चाहा। न्यायालय ने माना कि पत्र सीएमओ कार्यालय से वायरल किया गया था और आरोपी के नंबर पर इसे अन्य लोगों ने फारवर्ड किया है। अदालत ने स्क्रीन शॉट दस्तावेज को साक्ष्य में ग्राह्य नहीं मानते हुए आरोपी को दोषमुक्त किया।
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