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मलबा भरने से आधी हो गई झील की गहराई
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बैजनाथ झील
- फोटो : GARUD
गरुड़(बागेश्वर)। बैजनाथ कृत्रिम झील की निर्माण के बाद से आज तक सफाई नहीं हुई। मलबा भरने से झील की गहराई मात्र डेढ़ से दो मीटर रह गई है। लोगों ने जिला प्रशासन से झील की सफाई कराने की मांग की है।
सिंचाई प्रथम उप खंड बैजनाथ ने 2015 में बैजनाथ कृत्रिम झील का निर्माण किया था। स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि बैजनाथ झील पर्यटन विकास में मील का पत्थर साबित होगी। सिंचाई विभाग की योजना के तहत बैजनाथ झील में नौकायन होगा। लेकिन, नौकायन तो दूर जिला प्रशासन ने आज तक झील की सफाई नहीं की है। सफाई नहीं होने और मलबा भरने से चार मीटर गहरी झील की गहराई अब औसतन डेढ़ से दो मीटर रह गई है।
देखरेख के अभाव में झील में जगह-जगह पर काई जम गई है। सिंचाई विभाग के एई एससी सती ने बताया कि झील की सफाई दो साल में बार होनी चाहिए। बताया कि विभाग ने दो वर्ष पूर्व राजस्व विभाग को झील की सफाई कराने को लिखा दिया था। बैजनाथ के प्रधान राजेंद्र गोस्वामी, बैजनाथ मंदिर समूह के मुख्य सचेतक भगवत गिरी गोस्वामी ने डीएम से बैजनाथ झील की शीघ्र सफाई कराने को कहा है।
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सिंचाई प्रथम उप खंड बैजनाथ ने 2015 में बैजनाथ कृत्रिम झील का निर्माण किया था। स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि बैजनाथ झील पर्यटन विकास में मील का पत्थर साबित होगी। सिंचाई विभाग की योजना के तहत बैजनाथ झील में नौकायन होगा। लेकिन, नौकायन तो दूर जिला प्रशासन ने आज तक झील की सफाई नहीं की है। सफाई नहीं होने और मलबा भरने से चार मीटर गहरी झील की गहराई अब औसतन डेढ़ से दो मीटर रह गई है।
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देखरेख के अभाव में झील में जगह-जगह पर काई जम गई है। सिंचाई विभाग के एई एससी सती ने बताया कि झील की सफाई दो साल में बार होनी चाहिए। बताया कि विभाग ने दो वर्ष पूर्व राजस्व विभाग को झील की सफाई कराने को लिखा दिया था। बैजनाथ के प्रधान राजेंद्र गोस्वामी, बैजनाथ मंदिर समूह के मुख्य सचेतक भगवत गिरी गोस्वामी ने डीएम से बैजनाथ झील की शीघ्र सफाई कराने को कहा है।
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