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पलायन रोकने को बने ठोस रोजगार नीति
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो/बागेश्वर।
Updated Sun, 26 Jul 2015 12:51 AM IST
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उत्तराखंड क्रांति दल की जिला इकाई की गोष्ठी में राज्य की हालत पर चर्चा की गई। पर्वतीय क्षेत्र से पलायन रोकने के लिए ठोस रोजगार नीति बनाने की मांग की गई।
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राज्य से विभिन्न मसलों पर राज्यपाल को ज्ञापन भेजा गया। क्ताओं ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में आज भी स्वास्थ्य और शिक्षा की सुविधाएं नहीं हैं।
जंगली जानवरों के कारण कृषि व्यावसाय चौपट हो गया है। इसी कारण लोग गावों से पलायन कर रहे हैं। वक्ताओं ने राज्य में पलायन रोकने के लिए परंपरागत कृषि आधारित व्यावसाय को बचाने के साथ ही स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग पर जोर दिया।
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बैठक में उत्तराखंड के लिए खनन की ठोस जन पक्षीय नीति बनाने और फल, सब्जी उत्पादों का समर्थन मूल्य घोषित करने की मांग की गई।
गैरसैंण में पूर्णकालिक स्थायी राजधानी बनाने, आधार कार्ड बनाने के काम का न्याय पंचायत स्तर तक विकेंद्रीकरण करने, जंगली सूअरों, बंदरों और हिंसक जीवों से लोगों को मुक्ति दिलाने, गांवों में बिजली, पेयजल, स्वास्थ्य की सुविधा जुटाने पर जोर दिया गया।
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उक्रांद कार्यकर्ताओं ने अनावश्यक प्राथमिक स्कूलों को बंद करते हुए प्रत्येक न्याय पंचायत के स्तर पर एक आवासीय माध्यमिक स्कूल खोलने की मांग की।
इन मांगों के संबंध में राज्यपाल को ज्ञापन भेजा गया। बैठक में भुवन कांडपाल, नरेंद्र बघरी, विशन सिंह टंगड़िया, मदन सिंह टंगड़िया, करम सिंह, दिनेश भट्ट, विशन सिंह भंडारी, मोनू आर्या, भाष्कर कनवाल आदि ने भाग लिया। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष मनोज जोशी ने की।