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राष्ट्रीय लोक अदालत में 18 वादों का निस्तारण, 22 लाख से अधिक का समझौता कराया
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लोक अदालत में 18 वाद निस्तारित, 22 लाख से अधिक का समझौता
बागेश्वर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली और उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के निर्देश पर आयोजित लोक अदालत की दो बैंचों में 18 वादों का निस्तारण करा 22.53 लाख रुपये का समझौता कराया गया।
जिला न्यायालय में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत की पहली बैंच में अपर जिला जज कुलदीप शर्मा ने एमएसीटी के दो वादों का निस्तारण कर 13.25 लाख रुपये का समझौता कराया।
दूसरी बैंच में न्यायिक मजिस्ट्रेट रिजवान अंसारी ने 138 एनआई अधिनियम, वैवाहिक, धन वसूली वाद और सिविल केस के छह वादों का निस्तारण करा 3:33 लाख रुपये का समझौता कराया। लोक अदालत में प्रीलिटिगेशन के 10 मामलों में भी 5.94 लाख रुपये का समझौता कराया गया।
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अल्मोड़ा में 44 वाद निस्तारित, समझौते पर दिलाए 36.96 लाख सुलह
अल्मोड़ा। राष्ट्रीय और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिले के न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। न्यायालयों में 44 वादों का निस्तारण कर 36.96 लाख रुपये सुलह समझौते के आधार पर दिलाए गए। वादों के निस्तारण के लिए कुल पांच बैंच बनाई गई थी।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश की बैंच के समक्ष कुल 28 वाद निस्तारण के लिए रखे गए। जिला सत्र न्यायालय में एक एमएसीटी वाद का निस्तारण कर 75 हजार रुपये, उपभोक्ता प्रतितोष के 15 वादों का निपटारा कर 6.15 लाख रुपये पक्षकारों को क्षतिपूर्ति के रूप में दिलाए गए।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की बैंच के समक्ष 89 वाद आए थे। इनमें से बैंक के प्रीलिटिगेशन से संबंधित 16 वादों का निस्तारण कर समझौते के आधार पर 17.86 लाख रुपये की राशि का समझौता ऋणी और बैंक के बीच कराया गया।
सिविल जज (सीडि) की बैंच में निस्तारण के लिए रखे गए 25 वादों में से चार का निस्तारण हुआ। सिविल जज (सीडि) के यहां परिवार न्यायालय के एक वैवाहिक वाद का निस्तारण कर समझौते के आधार पर 12000 रुपये पक्षकार को दिलाए गए।
इस बैंच में सिविल जज (सीडि) न्यायालय के क्रिमिनल कंपाउंडेबल से संबंधित एक वाद का निस्तारण किया। इसी बैंच में सिविल जज (जूडि) न्यायालय के एनआई एक्ट से संबंधित दो वादों का निस्तारण कर 3.61 लाख रुपये समझौते के आधार पर दिलाया गया। रानीखेत के न्यायालय के कुल पांच वाद से एमएसीटी के एक वाद का निस्तारण कर 2.60 लाख रुपये दिलाए गए।
सिविल जज (जूडि) रानीखेत की बैंच के समक्ष सिविल जज (जूडि) रानीखेत, सिविल जज (जूडि) द्वाराहाट और सिविल जज (जूडि) भिकियासैंण के न्यायालयों के कुल 26 वाद रखे गए थे।
सिविल जज (जूडि)/न्यायिक मजिस्ट्रेट रानीखेत के न्यायालय के दो एनआई एक्ट और दो अन्य सिविल मामलों का सुलह समझौता कर 4.50 लाख रुपये पक्षकार को दिलाए गए, जबकि सिविल जज (जूडि)/ न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वाराहाट के न्यायालय के तीन एनआई एक्ट वादों का निस्तारण कर 1.36 लाख रुपये पक्षकारों को दिलाए गए।
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बागेश्वर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली और उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नैनीताल के निर्देश पर आयोजित लोक अदालत की दो बैंचों में 18 वादों का निस्तारण करा 22.53 लाख रुपये का समझौता कराया गया।
जिला न्यायालय में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत की पहली बैंच में अपर जिला जज कुलदीप शर्मा ने एमएसीटी के दो वादों का निस्तारण कर 13.25 लाख रुपये का समझौता कराया।
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दूसरी बैंच में न्यायिक मजिस्ट्रेट रिजवान अंसारी ने 138 एनआई अधिनियम, वैवाहिक, धन वसूली वाद और सिविल केस के छह वादों का निस्तारण करा 3:33 लाख रुपये का समझौता कराया। लोक अदालत में प्रीलिटिगेशन के 10 मामलों में भी 5.94 लाख रुपये का समझौता कराया गया।
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अल्मोड़ा में 44 वाद निस्तारित, समझौते पर दिलाए 36.96 लाख सुलह
अल्मोड़ा। राष्ट्रीय और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर जिले के न्यायालयों में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। न्यायालयों में 44 वादों का निस्तारण कर 36.96 लाख रुपये सुलह समझौते के आधार पर दिलाए गए। वादों के निस्तारण के लिए कुल पांच बैंच बनाई गई थी।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश की बैंच के समक्ष कुल 28 वाद निस्तारण के लिए रखे गए। जिला सत्र न्यायालय में एक एमएसीटी वाद का निस्तारण कर 75 हजार रुपये, उपभोक्ता प्रतितोष के 15 वादों का निपटारा कर 6.15 लाख रुपये पक्षकारों को क्षतिपूर्ति के रूप में दिलाए गए।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की बैंच के समक्ष 89 वाद आए थे। इनमें से बैंक के प्रीलिटिगेशन से संबंधित 16 वादों का निस्तारण कर समझौते के आधार पर 17.86 लाख रुपये की राशि का समझौता ऋणी और बैंक के बीच कराया गया।
सिविल जज (सीडि) की बैंच में निस्तारण के लिए रखे गए 25 वादों में से चार का निस्तारण हुआ। सिविल जज (सीडि) के यहां परिवार न्यायालय के एक वैवाहिक वाद का निस्तारण कर समझौते के आधार पर 12000 रुपये पक्षकार को दिलाए गए।
इस बैंच में सिविल जज (सीडि) न्यायालय के क्रिमिनल कंपाउंडेबल से संबंधित एक वाद का निस्तारण किया। इसी बैंच में सिविल जज (जूडि) न्यायालय के एनआई एक्ट से संबंधित दो वादों का निस्तारण कर 3.61 लाख रुपये समझौते के आधार पर दिलाया गया। रानीखेत के न्यायालय के कुल पांच वाद से एमएसीटी के एक वाद का निस्तारण कर 2.60 लाख रुपये दिलाए गए।
सिविल जज (जूडि) रानीखेत की बैंच के समक्ष सिविल जज (जूडि) रानीखेत, सिविल जज (जूडि) द्वाराहाट और सिविल जज (जूडि) भिकियासैंण के न्यायालयों के कुल 26 वाद रखे गए थे।
सिविल जज (जूडि)/न्यायिक मजिस्ट्रेट रानीखेत के न्यायालय के दो एनआई एक्ट और दो अन्य सिविल मामलों का सुलह समझौता कर 4.50 लाख रुपये पक्षकार को दिलाए गए, जबकि सिविल जज (जूडि)/ न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वाराहाट के न्यायालय के तीन एनआई एक्ट वादों का निस्तारण कर 1.36 लाख रुपये पक्षकारों को दिलाए गए।