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Bageshwar News: मुनार की मडुवा बिस्कुट फैक्टरी के ताले खुले, शुरू हुआ कारोबार
Sat, 23 Aug 2025 11:39 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sat, 23 Aug 2025 11:39 PM IST
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बागेश्वर। 2022 से बंद पड़ी मुनार की मडुवा बिस्कुट फैक्टरी के ताले खुल गए हैं। सीडीओ के निर्देशन में गठित चार सदस्यों की टीम के प्रयासों के बाद फैक्टरी में फिर से मडुवे के बिस्कुट बनने शुरू हो गए हैं। स्वयं सहायता समूह के प्रशिक्षित लोग बिस्कुट के अलावा अन्य बेकरी उत्पाद भी तैयार कर रहे हैं।
मुनार गांव में मां चिल्ठा स्वायत्त सहकारिता लोहारखेत ने 2017 में मडुवा के बिस्कुट बनाने का प्लांट लगाया था। यहां के बने बिस्कुटों ने कम समय में ही लोगों के बीच पहचान बना ली। 29 अप्रैल 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में मुनार में बनने वाले मडुवे के बिस्कुट का जिक्र कर इसे राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित कर दिया था। हालांकि यह फैक्ट्री लंबे समय तक नहीं चल सकी और 2022 में बंद हो गई। विगत 18 जून को अमर उजाला ने ''''जिस फैक्टरी का मन की बात में हुआ था जिक्र, उस पर पड़ गए ताले '''' शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर का संज्ञान लेकर सीडीओ आरसी तिवारी ने परियोजना निदेशक शिल्पी पंत की अध्यक्षता में चार सदस्यों की टीम गठित की।
टीम में रीप के परियोजना अधिकारी मोहम्मद आरिफ खान, एआर कॉपरेटिव आशीष कुमार और बीडीओ ख्याली राम को शामिल किया गया। टीम ने मां चिल्ठा स्वायत्त सहकारिता के कार्यकारिणी बोर्ड से संपर्क कर फैक्टरी के संचालन में आ रही दिक्कतों को जाना। तीन चरण की वार्ता के बाद स्वायत्त सहकारिता के मार्ग दर्शन में ही फैक्टरी के संचालन का रास्ता साफ हो सका।
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इनसेट
कुशल कारीगर और मार्केटिंग नहीं होने से बंद थी फैक्टरी
बागेश्वर। कार्यकारिणी बोर्ड की ओर से बताया गया कि कुशल कारीगर और बाजार तक उत्पाद पहुंचाने की व्यवस्था नहीं होने के कारण फैक्टरी बंद करनी पड़ी थी। गठित कमेटी ने परेशानी को दूर करते हुए प्रशिक्षित कारीगर का प्रबंध किया। बेकरी में तैयार होने वाले उत्पादों की मार्केटिंग का प्लान भी बताया गया। रीप के परियोजना अधिकारी आरिफ खान ने बताया कि फिलहाल फैक्टरी में मडुवे के बिस्कुट के साथ बेकरी के अन्य उत्पाद भी बनाए जा रहे हैं। धीरे-धीरे मडुवे के अन्य उत्पाद भी बनाए जाएंगे।
कोट
मुनार की मडुवा फैक्टरी का संचालन शुरू हो गया है। वहां बनने वाले उत्पादों को बाजार मुहैया कराने के लिए प्राथमिकता से कार्य किया जा रहा है। फैक्टरी का संचालन नियमित हो, इसके लिए समय-समय पर निगरानी और समीक्षा भी की जाएगी।
आरसी तिवारी, सीडीओ, बागेश्वर
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मुनार गांव में मां चिल्ठा स्वायत्त सहकारिता लोहारखेत ने 2017 में मडुवा के बिस्कुट बनाने का प्लांट लगाया था। यहां के बने बिस्कुटों ने कम समय में ही लोगों के बीच पहचान बना ली। 29 अप्रैल 2018 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में मुनार में बनने वाले मडुवे के बिस्कुट का जिक्र कर इसे राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित कर दिया था। हालांकि यह फैक्ट्री लंबे समय तक नहीं चल सकी और 2022 में बंद हो गई। विगत 18 जून को अमर उजाला ने ''''जिस फैक्टरी का मन की बात में हुआ था जिक्र, उस पर पड़ गए ताले '''' शीर्षक से खबर प्रकाशित की थी। खबर का संज्ञान लेकर सीडीओ आरसी तिवारी ने परियोजना निदेशक शिल्पी पंत की अध्यक्षता में चार सदस्यों की टीम गठित की।
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टीम में रीप के परियोजना अधिकारी मोहम्मद आरिफ खान, एआर कॉपरेटिव आशीष कुमार और बीडीओ ख्याली राम को शामिल किया गया। टीम ने मां चिल्ठा स्वायत्त सहकारिता के कार्यकारिणी बोर्ड से संपर्क कर फैक्टरी के संचालन में आ रही दिक्कतों को जाना। तीन चरण की वार्ता के बाद स्वायत्त सहकारिता के मार्ग दर्शन में ही फैक्टरी के संचालन का रास्ता साफ हो सका।
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कुशल कारीगर और मार्केटिंग नहीं होने से बंद थी फैक्टरी
बागेश्वर। कार्यकारिणी बोर्ड की ओर से बताया गया कि कुशल कारीगर और बाजार तक उत्पाद पहुंचाने की व्यवस्था नहीं होने के कारण फैक्टरी बंद करनी पड़ी थी। गठित कमेटी ने परेशानी को दूर करते हुए प्रशिक्षित कारीगर का प्रबंध किया। बेकरी में तैयार होने वाले उत्पादों की मार्केटिंग का प्लान भी बताया गया। रीप के परियोजना अधिकारी आरिफ खान ने बताया कि फिलहाल फैक्टरी में मडुवे के बिस्कुट के साथ बेकरी के अन्य उत्पाद भी बनाए जा रहे हैं। धीरे-धीरे मडुवे के अन्य उत्पाद भी बनाए जाएंगे।
कोट
मुनार की मडुवा फैक्टरी का संचालन शुरू हो गया है। वहां बनने वाले उत्पादों को बाजार मुहैया कराने के लिए प्राथमिकता से कार्य किया जा रहा है। फैक्टरी का संचालन नियमित हो, इसके लिए समय-समय पर निगरानी और समीक्षा भी की जाएगी।
आरसी तिवारी, सीडीओ, बागेश्वर