{"_id":"6ab0251dffc78b9599055e2b","slug":"access-to-sports-facilities-will-help-talent-flourish-bageshwar-news-c-231-1-bgs1001-128176-2026-09-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bageshwar News: मिलेंगी खेल की सुविधाएं तो निखरेंगी प्रतिभाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bageshwar News: मिलेंगी खेल की सुविधाएं तो निखरेंगी प्रतिभाएं
Sun, 20 Sep 2026 11:55 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sun, 20 Sep 2026 11:55 PM IST
विज्ञापन
कपकोट (बागेश्वर)। कपकोट के सीमांत और पर्वतीय क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं को तराशने के लिए खेल बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। युवा कल्याण विभाग की पहल से कपकोट ब्लॉक में तीन मिनी स्टेडियम संचालित हैं, जबकि तीन अन्य मिनी स्टेडियमों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। इसके अलावा शामा के खड़लेख में भी एक खेल मैदान बनकर तैयार है।
युवा कल्याण विभाग के अनुसार केदारेश्वर, असों और सुमटी-बैसानी में मिनी स्टेडियमों का संचालन शुरू हो चुका है, जहां युवा नियमित अभ्यास कर रहे हैं। फरसाली, पोथिंग और कर्मी में मिनी स्टेडियमों का निर्माण जारी है। विभागीय मानकों के तहत मिनी स्टेडियम का आकार कम से कम 80 मीटर लंबा और 60 मीटर चौड़ा होता है, जबकि शामा के खड़लेख में 50 मीटर लंबा और 40 मीटर चौड़ा मैदान तैयार किया गया है।
इनसेट
केदारेश्वर मिनी स्टेडियम बना खेल गतिविधियों का केंद्र
केदारेश्वर मिनी स्टेडियम में खेलों को बढ़ावा देने के लिए एक महिला खेल प्रशिक्षक (बॉक्सिंग) और एक पुरुष व्यायाम प्रशिक्षक की तैनाती की गई है। इनके अलावा जिला खेल विभाग की ओर से यहां बॉक्सिंग, क्रिकेट और ताइक्वांडो के कोच तैनात किए गए हैं। मैदान की देखरेख और सुरक्षा के लिए पीआरडी जवानों को जिम्मा सौंपा गया है। स्थानीय खेल प्रेमियों का कहना है कि अब इन मैदानों पर नियमित प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण शिविरों के आयोजन की जरूरत है।
विज्ञापन
कोट -
ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को स्थानीय स्तर पर अभ्यास के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मिनी स्टेडियमों का विकास किया जा रहा है। सुरक्षा और रखरखाव के लिए पीआरडी जवानों की तैनाती की गई है। प्रयास है कि इन मैदानों पर नियमित खेल गतिविधियां होनी चाहिए जिससे कि स्थानीय युवाओं को आगे बढ़ने का मौका मिले। - संदीप खंकरियाल, क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी, कपकोट
विज्ञापन
युवा कल्याण विभाग के अनुसार केदारेश्वर, असों और सुमटी-बैसानी में मिनी स्टेडियमों का संचालन शुरू हो चुका है, जहां युवा नियमित अभ्यास कर रहे हैं। फरसाली, पोथिंग और कर्मी में मिनी स्टेडियमों का निर्माण जारी है। विभागीय मानकों के तहत मिनी स्टेडियम का आकार कम से कम 80 मीटर लंबा और 60 मीटर चौड़ा होता है, जबकि शामा के खड़लेख में 50 मीटर लंबा और 40 मीटर चौड़ा मैदान तैयार किया गया है।
विज्ञापन
इनसेट
केदारेश्वर मिनी स्टेडियम बना खेल गतिविधियों का केंद्र
केदारेश्वर मिनी स्टेडियम में खेलों को बढ़ावा देने के लिए एक महिला खेल प्रशिक्षक (बॉक्सिंग) और एक पुरुष व्यायाम प्रशिक्षक की तैनाती की गई है। इनके अलावा जिला खेल विभाग की ओर से यहां बॉक्सिंग, क्रिकेट और ताइक्वांडो के कोच तैनात किए गए हैं। मैदान की देखरेख और सुरक्षा के लिए पीआरडी जवानों को जिम्मा सौंपा गया है। स्थानीय खेल प्रेमियों का कहना है कि अब इन मैदानों पर नियमित प्रतियोगिताओं और प्रशिक्षण शिविरों के आयोजन की जरूरत है।
विज्ञापन
कोट -
ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को स्थानीय स्तर पर अभ्यास के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मिनी स्टेडियमों का विकास किया जा रहा है। सुरक्षा और रखरखाव के लिए पीआरडी जवानों की तैनाती की गई है। प्रयास है कि इन मैदानों पर नियमित खेल गतिविधियां होनी चाहिए जिससे कि स्थानीय युवाओं को आगे बढ़ने का मौका मिले। - संदीप खंकरियाल, क्षेत्रीय युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल अधिकारी, कपकोट