{"_id":"5bb265c0867a557f015d30af","slug":"life-imprisonment-for-husband-mother-in-law-father-in-law","type":"story","status":"publish","title_hn":"नवविवाहिता की हत्या में पति, सास, ससुर, ननद को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नवविवाहिता की हत्या में पति, सास, ससुर, ननद को उम्रकैद
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
Updated Mon, 01 Oct 2018 11:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला सत्र न्यायाधीश डॉ. जीके शर्मा ने हत्यारोपी पति, सास, ससुर, ननद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
बैजनाथ थाने में 13 सितंबर 2017 को विमला देवी पत्नी मोहन चंद्र खुल्बे निवासी मन्यूड़ा ने नवविवाहित बेटी आरती की हत्या का केस दर्ज कराया था। आरोप था कि सैन्य कर्मी पति रवि पांडे, ससुर महेश पांडे, सास तारकेश्वरी देवी उर्फ तारा देवी, ननद रुचि पांडे ने आरती को जहर देकर हत्या कर दी। इससे पहले रवि और आरती की शादी भी विवादों के बीच हुई थी। आरोप था कि रवि ने आरती को प्रेम जाल में फंसाया।
बाद में रवि शादी से मुकरने लगा। मामला पुलिस तक पहुंचा तो वह शादी के लिए राजी हुआ। शादी के तुरंत बाद ही पति और अन्य आरोपी ससुराली आरती का उत्पीड़न करने लगे थे। अंतत: उन्होंने गर्भवती आरती की हत्या कर दी।
विज्ञापन
इस मामले की जांच के बाद बैजनाथ पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट अदालत में पेश की। सुनवाई में अभियोजन पक्ष ने 18 गवाह पेश किए। लैब परीक्षण में भी जहर की पुष्टि हुई। आखिरकार दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद जिला सत्र न्यायाधीश ने उत्पीड़न और हत्या में सभी आरोपियों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही आरोपियों पर 1.70 लाख रुपये का जुर्माना भी ठोका। चारों आरोपियों को अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया गया है। डीजीसी अधिवक्ता आबिद हसन और एडीसी चंचल पपोला ने पैरवी की। विवेचना सीओ महेश जोशी और सीओ वीर सिंह ने की।
विज्ञापन
बैजनाथ थाने में 13 सितंबर 2017 को विमला देवी पत्नी मोहन चंद्र खुल्बे निवासी मन्यूड़ा ने नवविवाहित बेटी आरती की हत्या का केस दर्ज कराया था। आरोप था कि सैन्य कर्मी पति रवि पांडे, ससुर महेश पांडे, सास तारकेश्वरी देवी उर्फ तारा देवी, ननद रुचि पांडे ने आरती को जहर देकर हत्या कर दी। इससे पहले रवि और आरती की शादी भी विवादों के बीच हुई थी। आरोप था कि रवि ने आरती को प्रेम जाल में फंसाया।
विज्ञापन
बाद में रवि शादी से मुकरने लगा। मामला पुलिस तक पहुंचा तो वह शादी के लिए राजी हुआ। शादी के तुरंत बाद ही पति और अन्य आरोपी ससुराली आरती का उत्पीड़न करने लगे थे। अंतत: उन्होंने गर्भवती आरती की हत्या कर दी।
विज्ञापन
इस मामले की जांच के बाद बैजनाथ पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट अदालत में पेश की। सुनवाई में अभियोजन पक्ष ने 18 गवाह पेश किए। लैब परीक्षण में भी जहर की पुष्टि हुई। आखिरकार दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों के अवलोकन के बाद जिला सत्र न्यायाधीश ने उत्पीड़न और हत्या में सभी आरोपियों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही आरोपियों पर 1.70 लाख रुपये का जुर्माना भी ठोका। चारों आरोपियों को अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया गया है। डीजीसी अधिवक्ता आबिद हसन और एडीसी चंचल पपोला ने पैरवी की। विवेचना सीओ महेश जोशी और सीओ वीर सिंह ने की।