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पानी के लिए तेंदुए से भी टक्कर लेने को तैयार
अमर उजाला/ब्यूरो/ बागेश्वर।
Updated Mon, 15 Jun 2015 11:08 PM IST
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ग्राम पंचायत खुल्दोड़ी के काकड़ीगैर और बल्दोड़ी ऐसे तोक हैं, जहां पानी के लिए लोगों को रतजगा करना पड़ता है। रात तीन बजे उठकर महिलाएं और बच्चे एक किमी दूर स्रोत पर जाते हैं।
ऐसे में तेंदुए के हमले का भय बना रहता है। प्यास के लिए महिलाएं जान जोखिम में डालने को विवश हैं। इसके बावजूद न अफसरों को दिखता है, न जनप्रतिनिधि सुध लेते हैं। ग्रामीणों ने पेयजल योजना शीघ्र नहीं बनाए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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बावजूद गांव के लिए योजना नहीं बनाई गई है। वर्षों पूर्व बनी एक अन्य योजना बंजर पड़ी। पुरानी योजना के चालू नहीं होने और नई योजना के नहीं बनने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
नजदीक में पानी की योजना नहीं होने के कारण ग्रामीणों को पानी के लिए एक किमी दूर जाना पड़ रहा है। रात में बुजुर्ग महिलाओं और बच्चों को तेंदुओं का भय अलग से सता रहा है।
पानी के बगैर ग्रामीण न तो नहा पा रहे हैं और न ही कपड़े धो पा रहे हैं। पानी के अभाव में समय पर सिंचाई न होने से शाकभाजी की फसल भी प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों ने पेयजल संस्थान से पानी की योजना शीघ्र नहीं बनाए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। चेतावनी देने वालों में हरीश सिंह मेहता, ललित मेहता, गणेश सिंह, चरण सिंह ने पानी की योजना शीघ्र नहीें बनने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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ऐसे में तेंदुए के हमले का भय बना रहता है। प्यास के लिए महिलाएं जान जोखिम में डालने को विवश हैं। इसके बावजूद न अफसरों को दिखता है, न जनप्रतिनिधि सुध लेते हैं। ग्रामीणों ने पेयजल योजना शीघ्र नहीं बनाए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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ग्राम पंचायत खुल्दोड़ी के काकड़ीगैर और बल्दोड़ी तोक में 47 परिवार रहते हैं। पीने के पानी की कोई योजना नहीं होने के कारण ग्रामीणों को पानी के लिए एक किमी दूर जाना पड़ रहा है। वहां पानी के दो स्रोत हैं।
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बावजूद गांव के लिए योजना नहीं बनाई गई है। वर्षों पूर्व बनी एक अन्य योजना बंजर पड़ी। पुरानी योजना के चालू नहीं होने और नई योजना के नहीं बनने से ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
नजदीक में पानी की योजना नहीं होने के कारण ग्रामीणों को पानी के लिए एक किमी दूर जाना पड़ रहा है। रात में बुजुर्ग महिलाओं और बच्चों को तेंदुओं का भय अलग से सता रहा है।
पानी के बगैर ग्रामीण न तो नहा पा रहे हैं और न ही कपड़े धो पा रहे हैं। पानी के अभाव में समय पर सिंचाई न होने से शाकभाजी की फसल भी प्रभावित हो रही है।
ग्रामीणों ने पेयजल संस्थान से पानी की योजना शीघ्र नहीं बनाए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। चेतावनी देने वालों में हरीश सिंह मेहता, ललित मेहता, गणेश सिंह, चरण सिंह ने पानी की योजना शीघ्र नहीें बनने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।