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मिशन कीवी के तहत 10 हेक्टेयर में 3990 कीवी के पौधे रोपेगा उद्यान विभाग

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Mon, 07 Nov 2022 11:32 PM IST
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Keewi farming in Bageshwar
बागेश्वर बाजार में बिक्री के लिए आया शामा, लीती क्षेत्र का कीवी। संवाद - फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। जिले के 1600 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले गांवों के किसानों के लिए अच्छी खबर है। मिशन कीवी के तहत उद्यान विभाग ने 10 हेक्टेयर जमीन में 3990 कीवी के पौधे रोपने का लक्ष्य रखा है। योजना की शुरुआत हो चुकी है और इन दिनों किसानों से आवेदन लिए जा रहे हैं। अगले महीने विभाग की ओर से गड्ढे खोदने का काम शुरू कर दिया जाएगा और जनवरी में कीवी के पौधों का रोपण होगा। सबकुछ योजना के मुताबिक रहा तो आने वाले तीन साल में जिले में कीवी का रिकॉर्ड उत्पादन होने लगेगा।
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जिले में कीवी की खेती की शुरुआत शामा गांव से हुई थी। धीरे-धीरे कीवी का विस्तार कपकोट तहसील के लीती, भनार और गरुड़ तहसील के कौसानी, अणा, कंस्यारी, पिंगलो तक हुआ। पिछले वर्ष कीवी का चयन एक जिला एक उत्पाद के लिए हुआ था। वर्तमान में करीब 35 किसान चार हेक्टेयर जमीन पर कीवी की खेती करते हैं। जिले में सालाना 400 क्विंटल से अधिक कीवी की पैदावार हो रही है। जिसका विपणन स्थानीय बाजार से लेकर बरेली तक किया जाता है। स्थानीय बाजार में किसान को कीवी के 110 से 140 रुपये प्रति किलो तक दाम मिल जाते हैं जबकि ग्राहकों को यह 180 से 200 रुपये प्रति किलोग्राम तक मिलता है। वहीं शामा के ए ग्रेड कीवी की बाहरी जनपदों में अच्छी मांग है। गांव से सीधा बरेली जाने वाले कीवी के लिए किसान को 220 रुपये प्रति किलोग्राम तक दाम मिल रहे हैं।
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क्या है योजना, कैसें करें आवेदन
बागेश्वर। मिशन कीवी के तहत उद्यान विभाग ने प्रति एकड़ 12 लाख रुपये की योजना बनाई है। योजना के तहत किसान को 80 प्रतिशत का अनुदान दिया जाएगा और 20 प्रतिशत उसे स्वयं वहन करना होगा। विभाग की ओर से किसान को पौधों के बढ़ने में सहायक एंगल, घेरबाड़ और सिंचाई के लिए ड्रिप तकनीकी भी प्रदान की जाएगी। योजना का लाभ उठाने के लिए किसान के पास चेक में या एकमुश्त 20 नाली जमीन होनी अनिवार्य है। जमीन के समीप सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था होनी चाहिए। मानकों को पूरा करने वाले किसान नजदीकी सचल दल केंद्र में आवेदन जमा करवा सकते हैं।
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कीवी और कीवी से बने उत्पादों की बाजार में काफी मांग है। कीवी का पौधा तीन साल में फल देने लगता है। जिले में इस समय भी अच्छी मात्रा में कीवी का उत्पादन हो रहा है। योजना के परवान चढ़ने के बाद जिला कीवी उत्पादन के क्षेत्र में अव्वल बन जाएगा।
आरके सिंह, जिला उद्यान अधिकारी, बागेश्वर।
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