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Bageshwar News: कविता की सेहत में सुधार, आज होगी डिस्चार्ज
Wed, 16 Jul 2025 12:13 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Wed, 16 Jul 2025 12:13 AM IST
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कपकोट के सीएचसी में भर्ती कविता देवी। संवाद
बागेश्वर। कुंवारी गांव में जंगली मशरूम खाने से बीमार हुई कविता देवी के स्वास्थ्य में सुधार हो रहा है। उन्हें सीएचसी कपकोट में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों के अनुसार उन्हें आज अस्पताल से डिस्चार्ज किया जाएगा।
13 जुलाई को कविता और उनकी सास धनुली देवी ने जंगली मशरूम की सब्जी खाई थी। मशरूम विषाक्त होने से धनुली देवी की मौत हो गई थी। कविता को सोमवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्साधिकारी डॉ. ब्रजेश घटियाल ने बताया कि अस्पताल लाने से पहले गांव में उसका प्राथमिक उपचार किया गया था। अस्पताल लाने के बाद उसे सघन निगरानी में रखा गया है।
मशरूम से उसके शरीर पर काफी बुरा प्रभाव पड़ा था। अब धीरे-धीरे सेहत में सुधार है। महिला ने भोजन करना शुरू कर दिया है। बुधवार को उसे डिस्चार्ज किया जाएगा।
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जंगली फल और सब्जियों से रहें सावधान : सीएमओ
सीएमओ डॉ. कुमार आदित्य तिवारी ने मानसून के दौरान जंगलों में होने वाले फल, मशरूम आदि का प्रयोग नहीं करने की अपील की है। कहा कि अधिकतर मशरूम देखने में काफी लुभावने और आकर्षक लगते हैं लेकिन वे जहरीले होते हैं। जंगली फलों को खाने से पहले उनकी पहचान होनी जरूरी है। कहा कि चटकीले और रंग-बिरंगे मशरूम खाने से बीमार पड़ने या जान गंवाने का खतरा रहता है। लोगों को घरों में उगने वाली लौकी, तुरई, कद्दू आदि मौसमी सब्जियों का प्रयोग करना चाहिए। बरसात में घरों में ही कई प्रकार की सब्जियां उगाईं जा सकती हैं। अगर मशरूम खाना ही है तो घरों में ऑर्गेनिक तरीके से उगाई गई मशरूम खाएं।
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13 जुलाई को कविता और उनकी सास धनुली देवी ने जंगली मशरूम की सब्जी खाई थी। मशरूम विषाक्त होने से धनुली देवी की मौत हो गई थी। कविता को सोमवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्साधिकारी डॉ. ब्रजेश घटियाल ने बताया कि अस्पताल लाने से पहले गांव में उसका प्राथमिक उपचार किया गया था। अस्पताल लाने के बाद उसे सघन निगरानी में रखा गया है।
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मशरूम से उसके शरीर पर काफी बुरा प्रभाव पड़ा था। अब धीरे-धीरे सेहत में सुधार है। महिला ने भोजन करना शुरू कर दिया है। बुधवार को उसे डिस्चार्ज किया जाएगा।
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जंगली फल और सब्जियों से रहें सावधान : सीएमओ
सीएमओ डॉ. कुमार आदित्य तिवारी ने मानसून के दौरान जंगलों में होने वाले फल, मशरूम आदि का प्रयोग नहीं करने की अपील की है। कहा कि अधिकतर मशरूम देखने में काफी लुभावने और आकर्षक लगते हैं लेकिन वे जहरीले होते हैं। जंगली फलों को खाने से पहले उनकी पहचान होनी जरूरी है। कहा कि चटकीले और रंग-बिरंगे मशरूम खाने से बीमार पड़ने या जान गंवाने का खतरा रहता है। लोगों को घरों में उगने वाली लौकी, तुरई, कद्दू आदि मौसमी सब्जियों का प्रयोग करना चाहिए। बरसात में घरों में ही कई प्रकार की सब्जियां उगाईं जा सकती हैं। अगर मशरूम खाना ही है तो घरों में ऑर्गेनिक तरीके से उगाई गई मशरूम खाएं।