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राज्य में सर्वोत्तम रहा काफलीगैर कृषि विज्ञान केंद्र
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बागेश्वर के कृषि विज्ञान केंद्र काफलीगैर में प्रमाणपत्र के साथ वैज्ञानिक और कर्मचारी। संवाद न्?
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) काफलीगैर को कृषि तकनीक मूल्यांकन और हस्तांतरण के क्षेत्र में किए गए उत्कृष्ट कार्यों के लिए राज्य में सर्वोत्तम घोषित किया गया है।
केंद्र के प्रभारी डॉ. कमल कुमार पांडे ने बताया कि विज्ञान केंद्रों की वार्षिक जोनल कार्यशाला के दौरान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान जोन-1 लुधियाना पंजाब की ओर से केवीके को यह पुरस्कार दिया गया है। उन्होंने बताया कि केंद्र ने पिछले साल कौशल विकास के तहत दो और कृषकोपयोगी 46 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए। केंद्र ने उन्नत बीज और सब्जी के करीब सवा लाख गुणवत्तायुक्त पौधे किसानों को उपलब्ध कराए। 66 हेक्टेयर भूमि पर प्रथम पंक्ति प्रदर्शन के साथ 500 चूजे भी बांटे। केंद्र ने पारंपरिक कृषि विकास योजना, क्लस्टर प्रथम पंक्ति प्रदर्शन दलहन, तिलहन के अलावा आत्मा परियोजना के तहत चलने वाली गतिविधियों में भागीदारी की।
राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम, उर्वरक उपयोग जागरूकता कार्यक्रम, ऊर्जा एवं जल संरक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम, गाजर घास उन्मूलन जागरूकता कार्यक्रम, स्वच्छता ही सेवा आदि कार्यक्रमों का आयोजन सफलतापूर्वक किया। कृषि अनुसंधान संस्थान अल्मोड़ा के निदेशक डॉ. लक्ष्मीकांत, प्रधान वैज्ञानिक डॉ. जेके बिष्ट ने पुरस्कार मिलने पर केंद्र को बधाई दी है। हरीश जोशी, निधि सिंह, एमपी सिंह आदि ने खुशी जताई है।
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केंद्र के प्रभारी डॉ. कमल कुमार पांडे ने बताया कि विज्ञान केंद्रों की वार्षिक जोनल कार्यशाला के दौरान भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थान जोन-1 लुधियाना पंजाब की ओर से केवीके को यह पुरस्कार दिया गया है। उन्होंने बताया कि केंद्र ने पिछले साल कौशल विकास के तहत दो और कृषकोपयोगी 46 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए। केंद्र ने उन्नत बीज और सब्जी के करीब सवा लाख गुणवत्तायुक्त पौधे किसानों को उपलब्ध कराए। 66 हेक्टेयर भूमि पर प्रथम पंक्ति प्रदर्शन के साथ 500 चूजे भी बांटे। केंद्र ने पारंपरिक कृषि विकास योजना, क्लस्टर प्रथम पंक्ति प्रदर्शन दलहन, तिलहन के अलावा आत्मा परियोजना के तहत चलने वाली गतिविधियों में भागीदारी की।
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राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम, उर्वरक उपयोग जागरूकता कार्यक्रम, ऊर्जा एवं जल संरक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम, गाजर घास उन्मूलन जागरूकता कार्यक्रम, स्वच्छता ही सेवा आदि कार्यक्रमों का आयोजन सफलतापूर्वक किया। कृषि अनुसंधान संस्थान अल्मोड़ा के निदेशक डॉ. लक्ष्मीकांत, प्रधान वैज्ञानिक डॉ. जेके बिष्ट ने पुरस्कार मिलने पर केंद्र को बधाई दी है। हरीश जोशी, निधि सिंह, एमपी सिंह आदि ने खुशी जताई है।
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