{"_id":"583f12e14f1c1b9345de6efe","slug":"juni-first-reached-the-village-kumaon-commissioner-kljuni","type":"story","status":"publish","title_hn":"झूनी, खलझूनी गांव पहली बार पहुंचे कुमाऊं कमिश्नर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
झूनी, खलझूनी गांव पहली बार पहुंचे कुमाऊं कमिश्नर
अमर उजाला ब्यूरो बागेश्वर
Updated Wed, 30 Nov 2016 11:26 PM IST
विज्ञापन
प्राइमरी स्कूल में बच्चों के साथ मध्याह्न भोजन ग्रहण करते कमिश्नर और डीएम। गणेश उपाध्याय
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मंडलायुक्त डी सैंथिल पांडियन ने डीएम मंगेश घिडियाल और अन्य अफसरों के साथ बुधवार को जिले के सुदूरवर्ती खलझूनी, झूनी और बैछम का पैदल भ्रमण किया। उन्होंने गांवों में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली को लेकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। कई स्कूली बच्चों ने मंडलायुक्त को आंख, हाथ तथा अन्य पेट संबंधी बीमारियां बताई।
कमिश्नर पांडियन ने बुधवार को अधिकारियों के साथ लगभग बीस किलोमीटर का पैदल सफर करके ग्रामवासियों से मुलाकात की और विकास योजनाओं का जायजा लिया। श्री पांडियन आजादी के बाद पहले कमिश्नर हैं जिन्होंने इस दुर्गम इलाके का पैदल भ्रमण किया। इससे पूर्व 1823 में यानि 193 वर्ष पूर्व तत्कालीन ब्रिटिश हुकूमत के कमिश्नर ने बागेश्वर के ग्रामीण इलाकों का मुआयना किया था।
गांव में खुशी में झूमे ग्रामीणों ने मंडलायुक्त पांडियन डीएम घिल्डियाल और अन्य अधिकारियों का पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ जोरदार स्वागत किया। कमिश्नर पांडियन ने झूनी, खल्झूनी गांव के प्राइमरी स्कूलों का भ्रमण कर मध्याह्न भोजन योजना के तहत दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की जांच की। उन्होंने बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर दोपहर का भोजन किया।
विज्ञापन
उन्होंने प्राइमरी स्कूल को दो हजार रुपये की धनराशि भी दी। स्कूली बच्चों ने उन्हें आंख, हाथ तथा अन्य पेट संबंधी बीमारियां बताई। जिस पर पांडियन ने बच्चों के स्वास्थ्य की नि:शुल्क जांच कराने की बात कही। ग्रामीण महिलाओं से पांच साल तक के बच्चों केे पालन पोषण और उनके स्वास्थ्य पर विस्तृत चर्चा की।
कहा कि स्कूलों मे भी बच्चों की स्वास्थ्य परीक्षण की भी नि:शुल्क व्यवस्था है। उन्होंने महिलाओं से कहा कि वह अधिक से अधिक संख्या में अपने बच्चों को स्कूलों में भेजें। पांडियन ने निरीक्षण के दौरान मौजूद अधिकारियों से कहा कि वह अपना और अपने परिवार का जन्मदिन विभागीय वर्षगांठ, अन्य पारिवारिक कार्यक्रम सरकारी स्कूल के बच्चों के बीच मनाएं। भ्रमण में मुख्य विकास अधिकारी श्याम सुंदर सिंह पांगती के अलावा कई विभागों के अधिकारी मौजूद थे।
विज्ञापन
कमिश्नर पांडियन ने बुधवार को अधिकारियों के साथ लगभग बीस किलोमीटर का पैदल सफर करके ग्रामवासियों से मुलाकात की और विकास योजनाओं का जायजा लिया। श्री पांडियन आजादी के बाद पहले कमिश्नर हैं जिन्होंने इस दुर्गम इलाके का पैदल भ्रमण किया। इससे पूर्व 1823 में यानि 193 वर्ष पूर्व तत्कालीन ब्रिटिश हुकूमत के कमिश्नर ने बागेश्वर के ग्रामीण इलाकों का मुआयना किया था।
विज्ञापन
गांव में खुशी में झूमे ग्रामीणों ने मंडलायुक्त पांडियन डीएम घिल्डियाल और अन्य अधिकारियों का पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ जोरदार स्वागत किया। कमिश्नर पांडियन ने झूनी, खल्झूनी गांव के प्राइमरी स्कूलों का भ्रमण कर मध्याह्न भोजन योजना के तहत दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की जांच की। उन्होंने बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर दोपहर का भोजन किया।
विज्ञापन
उन्होंने प्राइमरी स्कूल को दो हजार रुपये की धनराशि भी दी। स्कूली बच्चों ने उन्हें आंख, हाथ तथा अन्य पेट संबंधी बीमारियां बताई। जिस पर पांडियन ने बच्चों के स्वास्थ्य की नि:शुल्क जांच कराने की बात कही। ग्रामीण महिलाओं से पांच साल तक के बच्चों केे पालन पोषण और उनके स्वास्थ्य पर विस्तृत चर्चा की।
कहा कि स्कूलों मे भी बच्चों की स्वास्थ्य परीक्षण की भी नि:शुल्क व्यवस्था है। उन्होंने महिलाओं से कहा कि वह अधिक से अधिक संख्या में अपने बच्चों को स्कूलों में भेजें। पांडियन ने निरीक्षण के दौरान मौजूद अधिकारियों से कहा कि वह अपना और अपने परिवार का जन्मदिन विभागीय वर्षगांठ, अन्य पारिवारिक कार्यक्रम सरकारी स्कूल के बच्चों के बीच मनाएं। भ्रमण में मुख्य विकास अधिकारी श्याम सुंदर सिंह पांगती के अलावा कई विभागों के अधिकारी मौजूद थे।