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जान के दुश्मन बने बिजली के झूलते तार
ब्यूूराे, अमर उजाला, बागेश्वर।
Updated Tue, 08 Sep 2015 01:13 AM IST
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ग्राम पंचायत बिजोरीझाल के सैनिखेत तोक में बिजली के झूलते तार लोगों की जान के दुश्मन बने हैं। तारों से बचने के लिए ग्रामीणों ने रस्सियों और टेड़े पोलों को लकड़ी के लट्ठों का सहारा दिया है।
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ग्रामीण ऊर्जा निगम से तारों को कसने की कई बार मांग कर चुके हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। गुस्साए लोगों ने तारों के शीघ्र नहीं कसे जाने और पोलों को सीधा नहीं करने पर आंदोलन की चेेतावनी दी है।
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बिजोरीझाल के ग्रामीणों ने बताया कि सैनिखेत तोक में बिजली के कई तार काफी नीचे तक झूल रहे हैं। कई पोल टेड़े होने के कारण उनके कभी भी गिरने का खतरा बना है।
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तारों के नहीं कसे जाने और पेड़ों की टहनियों की लॉपिंग नहीं होने के कारण राह चलते लोगों को करंट लगने का भय बना है। कई जगह तार आपस में मिल गए हैं, जिससे स्पार्किंग हो रही है।
ग्रामीणों ने समस्या के समाधान के लिए कई बार ऊर्जा निगम और उसके लाइमैन से कह चुके हैं, लेकिन आज तक उनकी कोई सुनवाई नहीं हो सकी है।
करंट का लगने का भय सताने के कारण कुछ जागरूक लोगों ने किसी बड़ी दुर्घटना से बचने के लिए तारों और टेड़े पोलों को लकड़ी के लट्ठों के सहारे रोका है।
लोगों का कहना है कि जोर की हवा चलने पर उनके कभी भी गिरने का खतरा बना है। ग्रामीणों ने चेेतावनी दी है कि यदि शीघ्र तारों को नहीं कसा गया और पोलों को सीधा नहीं किया गया तो आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
चेेतावनी देने वालों में चतुर सिंह कोरंगा, रघुवर सिंह, घनश्याम सिंह, दरबान सिंह, गुंसाई सिंह आदि शामिल हैं। इधर ऊर्जा निगम के ईई भाष्कर पांडे ने कहा कि संबंधित जेई को भेजकर समस्या का समाधान करवाएंगे।