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Bageshwar News: बागनाथ मंदिर में होल्यारों ने किया चीर बंधन, लगाया अबीर- गुलाल
Wed, 20 Mar 2024 10:55 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Wed, 20 Mar 2024 10:55 PM IST
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बागेश्वर के कठायतबाड़ा में होली गायन करतीं महिला होल्यार। संवाद
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बागेश्वर। आमलकी एकादशी के दिन चीर बंधन के साथ ही कुमाऊं में खड़ी होली गायन की शुरूआत हो गई है। बागनाथ मंदिर मेें होल्यारों ने चीर बंधन किया। भगवान शिव को अबीर-गुलाल अर्पित कर होली गायन किया।
बागनाथ मंदिर प्रबंधन समिति और नगर के होल्यारों ने चीर बंधन कर कैलै बांधी चीर हो रघुनंदन राजा.. से होली गायन की शुरूआत की। होली शिव के मन माही बसे काशी... का भी गायन किया। मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नंदन सिंह रावल ने बताया कि मंदिर में चतुर्दशी के दिन जिले के विभिन्न गांवों की होली का समागम भी होता है। वहां पर होल्यार केशवानंद जोशी, दलीप सिंह खेतवाल, चरण सिंह बघरी, इंद्र सिंह परिहार, खीमानंद पंत, हेम चंद्र जोशी, कैलाश उपाध्याय, श्याम सिंह नेगी आदि थे। संवाद
गांवों में बांधी गई चीर, रंग भरी होली शुरू
बागेश्वर। एकादशी के दिन चीर बंधन के साथ ही जिले के विभिन्न गांवों में रंगभरणी होली का आयोजन शुरू हो गया है। छरड़ी तक गांव-गांव में पुरुष और महिलाओं की टोली घर-घर जाकर होली गायन करेंगी। बागेश्वर और गरुड़ विकासखंड के अधिकतर जबकि कपकोट ब्लॉक के कुछ गांवों में होली गायन किया जाता है। एक सप्ताह तक होल्यार होली की मस्ती में डूब जाते हैं। छरड़ी के दिन रंगों की होली खेली जाती है। जिसके अगले दिन टीका पर्व के साथ होली का समापन होता है। संवाद
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कपकोट में चीर बंधन के साथ होली शुरू
कपकोट (बागेश्वर)। कपकोट में चीर बंधन के साथ ही होली गायन का आगाज हो गया है। आणू मोहल्ला स्थित अखाड़े में विधिविधान से चीर बांधी गई। पंडित अमित जोशी ने मंत्रोच्चार किया। गायन में बसंत जोशी गुरुजी, चंद्र सिंह कपकोटी, गणेश उपाध्याय, गजेंद्र सिंह कपकोटी, महिमन कपकोटी, हरीश कपकोटी, नारायण सिंह कपकोटी आदि मौजूद थे। वहीं, ऐठान, असों, गडेरा, भयूं आदि में भी होली गायन की शुरूआत हो गई है। संवाद
बागनाथ मंदिर प्रबंधन समिति और नगर के होल्यारों ने चीर बंधन कर कैलै बांधी चीर हो रघुनंदन राजा.. से होली गायन की शुरूआत की। होली शिव के मन माही बसे काशी... का भी गायन किया। मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष नंदन सिंह रावल ने बताया कि मंदिर में चतुर्दशी के दिन जिले के विभिन्न गांवों की होली का समागम भी होता है। वहां पर होल्यार केशवानंद जोशी, दलीप सिंह खेतवाल, चरण सिंह बघरी, इंद्र सिंह परिहार, खीमानंद पंत, हेम चंद्र जोशी, कैलाश उपाध्याय, श्याम सिंह नेगी आदि थे। संवाद
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गांवों में बांधी गई चीर, रंग भरी होली शुरू
बागेश्वर। एकादशी के दिन चीर बंधन के साथ ही जिले के विभिन्न गांवों में रंगभरणी होली का आयोजन शुरू हो गया है। छरड़ी तक गांव-गांव में पुरुष और महिलाओं की टोली घर-घर जाकर होली गायन करेंगी। बागेश्वर और गरुड़ विकासखंड के अधिकतर जबकि कपकोट ब्लॉक के कुछ गांवों में होली गायन किया जाता है। एक सप्ताह तक होल्यार होली की मस्ती में डूब जाते हैं। छरड़ी के दिन रंगों की होली खेली जाती है। जिसके अगले दिन टीका पर्व के साथ होली का समापन होता है। संवाद
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कपकोट में चीर बंधन के साथ होली शुरू
कपकोट (बागेश्वर)। कपकोट में चीर बंधन के साथ ही होली गायन का आगाज हो गया है। आणू मोहल्ला स्थित अखाड़े में विधिविधान से चीर बांधी गई। पंडित अमित जोशी ने मंत्रोच्चार किया। गायन में बसंत जोशी गुरुजी, चंद्र सिंह कपकोटी, गणेश उपाध्याय, गजेंद्र सिंह कपकोटी, महिमन कपकोटी, हरीश कपकोटी, नारायण सिंह कपकोटी आदि मौजूद थे। वहीं, ऐठान, असों, गडेरा, भयूं आदि में भी होली गायन की शुरूआत हो गई है। संवाद