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कौसानी में टूटा आईटीबीपी के जवान का मकान
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तेज बारिश के दौरान कौसानी में टूटा आईटीबीपी के जवान विपिन उप्रेती का भवन।
- फोटो : BAGESHWAR
कौसानी/कपकोट/बागेश्वर। दो दिन लगातार बारिश के बाद मंगलवार को तेज धूप से उमस बढ़ गई। इधर कौसानी में भूस्खलन होने से आईटीबीपी के जवान विपिन उप्रेती का मकान दरक गया। वहीं कपकोट में ग्राम पंचायत दोबाड़ की निवर्तमान प्रधान जानकी देवी ने बताया कि गांव में भूस्खलन और भूकटाव हो रहा है। मकान टूटने से छह परिवार बेघर हो गए हैं।
आपदा प्रभावित क्षेत्र के लोगों ने गांव को विस्थापित करने की मांग की है। इसके लिए विधायक बलवंत सिंह भौर्याल समेत प्रशासनिक अधिकारियों को भी बताया गया लेकिन प्रभावित ग्रामीणों को कोई राहत नहीं मिल सकी। घेटी गांव की आनंदी देवी ने बताया कि उनका आवासीय मकान भी बारिश के कारण टूट गया है। कई लोगों को बताने के बावजूद उसे मुआवजा नहीं मिल सका।
कहां, कितनी बारिश
कपकोट - 10 मिमी
गरुड़ में - 7.5 ममी
बागेश्वर - 05 मिमी
--
नदियों का जलस्तर
सरयू - 866.10 मीटर
गोमती - 863.40 मीटर
--
बागेश्वर जिले की छह ग्रामीण सड़कें बंद
कपकोट/बागेश्वर। मलबा गिरने, भूस्खलन होने से जिले की छह ग्रामीण सड़कें बंद हैं। इनमें कपकोट-पोलिंग, दफौट-गुरना-रतमोल, कंधार-रौल्याणा-मजकोट, कपकोट-तोली, कर्मी-तोली, रौल्याणा-लोहागढ़ी मोटर मार्ग शामिल हैं। इन सड़कों से मलबा हटाने के लिए जेसीबी भेजी गई है। ग्रामीणों ने सभी सड़कों को जल्दी साफ करवाने की मांग की है। ब्यूरो
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तीन बेटियों संग महिला लापता, पिंडर में बहने की आशंका
कपकोट/बागेश्वर। कपकोट के निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य गोविंद दानू ने बताया कि ग्राम बाछम निवासी डिकर सिंह दानू की पत्नी हीरा देवी (38) रक्षाबंधन पर अपने मायके ग्राम बघर गई थी। उसके अगले दिन वह लापता हो गई। उसके साथ तीन बेटियां चांदनी (9), नगीना (7), सुनीता (3) भी लापता हैं। उनके कपड़े पिंडर नदी पर बने झूला पुल के पास मिले हैं। इस कारण ग्रामीणों ने उनके नदी में बहने की आशंका जताते हुए आपदा प्रबंधन विभाग को भी सूचित किया गया है। ब्यूरो
कपकोट के गांवों में 30 घंटे बाद आई बिजली
कपकोट/बागेश्वर। दो दिनों तक हुई बारिश के दौरान कई पेड़ कपकोट जाने वाली 33केवी लाइन पर गिर गए थे। इस कारण रविवार शाम से इन गांवों में बिजली गुल हो गई थी। सोमवार को हुई बारिश के कारण भी काम पूरा नहीं हो सका था। लोग मोबाइल चार्ज करने तक के लिए तरसने लगे थे। संचार सुविधा समेत पेयजल की आपूर्ति भी चरमरा गई थी। इससे परेशान लोगों ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों से बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की थी। यूपीसीएल के ईई भास्कर पांडे ने बताया कि मंगलवार को सभी लाइनें सुधार दी गई हैं। इस कारण 30 घंटे बाद बिजली आई तो लोगों को राहत मिली।
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आपदा प्रभावित क्षेत्र के लोगों ने गांव को विस्थापित करने की मांग की है। इसके लिए विधायक बलवंत सिंह भौर्याल समेत प्रशासनिक अधिकारियों को भी बताया गया लेकिन प्रभावित ग्रामीणों को कोई राहत नहीं मिल सकी। घेटी गांव की आनंदी देवी ने बताया कि उनका आवासीय मकान भी बारिश के कारण टूट गया है। कई लोगों को बताने के बावजूद उसे मुआवजा नहीं मिल सका।
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कहां, कितनी बारिश
कपकोट - 10 मिमी
गरुड़ में - 7.5 ममी
बागेश्वर - 05 मिमी
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नदियों का जलस्तर
सरयू - 866.10 मीटर
गोमती - 863.40 मीटर
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बागेश्वर जिले की छह ग्रामीण सड़कें बंद
कपकोट/बागेश्वर। मलबा गिरने, भूस्खलन होने से जिले की छह ग्रामीण सड़कें बंद हैं। इनमें कपकोट-पोलिंग, दफौट-गुरना-रतमोल, कंधार-रौल्याणा-मजकोट, कपकोट-तोली, कर्मी-तोली, रौल्याणा-लोहागढ़ी मोटर मार्ग शामिल हैं। इन सड़कों से मलबा हटाने के लिए जेसीबी भेजी गई है। ग्रामीणों ने सभी सड़कों को जल्दी साफ करवाने की मांग की है। ब्यूरो
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तीन बेटियों संग महिला लापता, पिंडर में बहने की आशंका
कपकोट/बागेश्वर। कपकोट के निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य गोविंद दानू ने बताया कि ग्राम बाछम निवासी डिकर सिंह दानू की पत्नी हीरा देवी (38) रक्षाबंधन पर अपने मायके ग्राम बघर गई थी। उसके अगले दिन वह लापता हो गई। उसके साथ तीन बेटियां चांदनी (9), नगीना (7), सुनीता (3) भी लापता हैं। उनके कपड़े पिंडर नदी पर बने झूला पुल के पास मिले हैं। इस कारण ग्रामीणों ने उनके नदी में बहने की आशंका जताते हुए आपदा प्रबंधन विभाग को भी सूचित किया गया है। ब्यूरो
कपकोट के गांवों में 30 घंटे बाद आई बिजली
कपकोट/बागेश्वर। दो दिनों तक हुई बारिश के दौरान कई पेड़ कपकोट जाने वाली 33केवी लाइन पर गिर गए थे। इस कारण रविवार शाम से इन गांवों में बिजली गुल हो गई थी। सोमवार को हुई बारिश के कारण भी काम पूरा नहीं हो सका था। लोग मोबाइल चार्ज करने तक के लिए तरसने लगे थे। संचार सुविधा समेत पेयजल की आपूर्ति भी चरमरा गई थी। इससे परेशान लोगों ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों से बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की थी। यूपीसीएल के ईई भास्कर पांडे ने बताया कि मंगलवार को सभी लाइनें सुधार दी गई हैं। इस कारण 30 घंटे बाद बिजली आई तो लोगों को राहत मिली।