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Bageshwar News: कमिश्नर के दौरे से पहले जागा अस्पताल प्रशासन, रात भर चली रंगाई-पुताई
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बागेश्वर। जिले के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे कुमाऊं कमिश्नर दीपक रावत बुधवार सुबह जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण करेंगे। कमिश्नर के आगमन की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन में अफरातफरी मच गई। व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद दिखाने के लिए मंगलवार देर रात तक अस्पताल परिसर में युद्धस्तर पर सुधार कार्य चलते रहे।
आयुक्त के तेवरों से वाकिफ जिला अस्पताल प्रबंधन कोई भी कसर बाकी नहीं छोड़ना चाहता। यही कारण रहा कि बुधवार सुबह होने वाले भ्रमण के लिए मंगलवार रात नौ बजे तक अस्पताल में रंगाई-पुताई का काम जारी रहा। दीवारों के दाग-धब्बे छिपाने के साथ-साथ साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन ने न केवल वार्डों की सफाई कराई, बल्कि दवाओं के स्टॉक और ओपीडी की व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त किया।
सूत्रों की मानें तो आयुक्त रावत जन-सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। उनके कड़े रुख को देखते हुए चिकित्सक और कर्मचारी भी अलर्ट मोड पर हैं। आम दिनों में शाम ढलते ही शांत हो जाने वाले अस्पताल परिसर में मंगलवार रात नजारा बदला हुआ था। लाइटों की रोशनी में मजदूर दीवारों को चमकाने में जुटे रहे, तो वहीं जिम्मेदार अधिकारी खुद खड़े होकर कार्यों की निगरानी करते नजर आए। अब देखना यह होगा कि रात भर की गई यह तैयारी कमिश्नर की जांच की कसौटी पर कितनी खरी उतरती है।
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आयुक्त के तेवरों से वाकिफ जिला अस्पताल प्रबंधन कोई भी कसर बाकी नहीं छोड़ना चाहता। यही कारण रहा कि बुधवार सुबह होने वाले भ्रमण के लिए मंगलवार रात नौ बजे तक अस्पताल में रंगाई-पुताई का काम जारी रहा। दीवारों के दाग-धब्बे छिपाने के साथ-साथ साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन ने न केवल वार्डों की सफाई कराई, बल्कि दवाओं के स्टॉक और ओपीडी की व्यवस्थाओं को भी दुरुस्त किया।
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सूत्रों की मानें तो आयुक्त रावत जन-सुविधाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए अस्पताल पहुंच रहे हैं। उनके कड़े रुख को देखते हुए चिकित्सक और कर्मचारी भी अलर्ट मोड पर हैं। आम दिनों में शाम ढलते ही शांत हो जाने वाले अस्पताल परिसर में मंगलवार रात नजारा बदला हुआ था। लाइटों की रोशनी में मजदूर दीवारों को चमकाने में जुटे रहे, तो वहीं जिम्मेदार अधिकारी खुद खड़े होकर कार्यों की निगरानी करते नजर आए। अब देखना यह होगा कि रात भर की गई यह तैयारी कमिश्नर की जांच की कसौटी पर कितनी खरी उतरती है।
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