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Bageshwar News: मरीजों की मददगार, 108 एंबुलेंस खुद बीमार
Wed, 16 Jul 2025 12:15 AM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Wed, 16 Jul 2025 12:15 AM IST
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बागेश्वर में 108 एंबुलेंस के साइलेंसर से निकलता धुआं। स्रोत- सोशल मीडिया
बागेश्वर। जिले में 108 योजना के तहत संचालित एंबुलेंस सेवा बदहाल है। सेवा में लगे पुराने और जर्जर वाहन मरीजों के लिए परेशानी का कारण बन रहे हैं। ऐसा ही एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें काला धुंआ छोड़ती एक एंबुलेंस तेज रफ्तार से सड़क पर चल रही है। वीडियो को देखकर लोग शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
आपातकालीन स्थिति में गर्भवतियों और मरीजों को ग्रामीण क्षेत्रों से अस्पताल तक लाने में मददगार बताई जाने वाली एंबुलेंस सेवा की हालत जिले में ठीक नहीं है। जर्जर वाहनों के भरोसे संचालित होने वाली 108 एंबुलेंस सेवा मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
जिले में 108 सेवा के 10 वाहन अलग-अलग स्थानों से संचालित हो रहे हैं। इनमें जिला अस्पताल में दो वाहन, कांडा, कपकोट, रीमा, बनलेख, शामा, कंधार, बैजनाथ और दाणोंछीना में एक-एक एंबुलेंस मौजूद रहती है। इनमें से कई वाहन छह से सात साल पुराने हैं।
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मंगलवार को जिला मुख्यालय से ताकुला रोड पर जा रही एक एंबुलेंस वाहन से काला धुआं निकल रहा था। राहगीरों ने धुएं का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करते हुए वाहनों की फिटनेस सवाल खड़े किए। वीडियो पर यूजर्स ने भी कमेंट करके सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए।
कई बार गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही हांफ जाते हैं वाहन
जिले में 108 एंबुलेंस सेवा कई बार मरीजों को अपने गंतव्य तक पहुंचाने से पहले हांफ जाती है। ऐसे में मरीज और उनके परिजनों को आधे रास्ते में दूसरे वाहनों की तलाश कर मंजिल तक जाना पड़ता है। 20 फरवरी 2025 को जिला अस्पताल से गंभीर रूप से घायल को ले जा रही 108 एंबुलेंस सेवा ताकुला मार्ग पर पौड़ीधार के पास खराब हो गई थी। दूसरा वाहन भेजने के बाद मरीज को हल्द्वानी ले जाया गया। 22 दिसंबर 2023 में जिला अस्पताल से रेफर मरीज को हायर सेंटर ले जा रही एंबुलेंस के चालक ने नशे में एंबुलेंस को रास्ते में खड़ी कर दी और वाहन में ही सो गया। मरीज के परिजन उसे जगाने का प्रयास करते रहे और मरीज एंबुलेंस में तड़पता रहा। बीते तीन जून 2025 को मरीज और तीमारदार ने चालक पर नशे में होने का आरोप लगाया था जिसके बाद मरीज को रेडक्रॉस की एंबुलेंस से हायर सेंटर भेजा गया।
कोट
एंबुलेंस की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। - अमित कुमार, एआरटीओ बागेश्वर
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आपातकालीन स्थिति में गर्भवतियों और मरीजों को ग्रामीण क्षेत्रों से अस्पताल तक लाने में मददगार बताई जाने वाली एंबुलेंस सेवा की हालत जिले में ठीक नहीं है। जर्जर वाहनों के भरोसे संचालित होने वाली 108 एंबुलेंस सेवा मरीजों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।
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जिले में 108 सेवा के 10 वाहन अलग-अलग स्थानों से संचालित हो रहे हैं। इनमें जिला अस्पताल में दो वाहन, कांडा, कपकोट, रीमा, बनलेख, शामा, कंधार, बैजनाथ और दाणोंछीना में एक-एक एंबुलेंस मौजूद रहती है। इनमें से कई वाहन छह से सात साल पुराने हैं।
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मंगलवार को जिला मुख्यालय से ताकुला रोड पर जा रही एक एंबुलेंस वाहन से काला धुआं निकल रहा था। राहगीरों ने धुएं का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करते हुए वाहनों की फिटनेस सवाल खड़े किए। वीडियो पर यूजर्स ने भी कमेंट करके सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए।
कई बार गंतव्य तक पहुंचने से पहले ही हांफ जाते हैं वाहन
जिले में 108 एंबुलेंस सेवा कई बार मरीजों को अपने गंतव्य तक पहुंचाने से पहले हांफ जाती है। ऐसे में मरीज और उनके परिजनों को आधे रास्ते में दूसरे वाहनों की तलाश कर मंजिल तक जाना पड़ता है। 20 फरवरी 2025 को जिला अस्पताल से गंभीर रूप से घायल को ले जा रही 108 एंबुलेंस सेवा ताकुला मार्ग पर पौड़ीधार के पास खराब हो गई थी। दूसरा वाहन भेजने के बाद मरीज को हल्द्वानी ले जाया गया। 22 दिसंबर 2023 में जिला अस्पताल से रेफर मरीज को हायर सेंटर ले जा रही एंबुलेंस के चालक ने नशे में एंबुलेंस को रास्ते में खड़ी कर दी और वाहन में ही सो गया। मरीज के परिजन उसे जगाने का प्रयास करते रहे और मरीज एंबुलेंस में तड़पता रहा। बीते तीन जून 2025 को मरीज और तीमारदार ने चालक पर नशे में होने का आरोप लगाया था जिसके बाद मरीज को रेडक्रॉस की एंबुलेंस से हायर सेंटर भेजा गया।
कोट
एंबुलेंस की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी। - अमित कुमार, एआरटीओ बागेश्वर