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बागेश्वर: हिमालयी क्षेत्र से सटे खाती में की मास हिस्टीरिया प्रभावितों की जांच
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बागेश्वर के खाती गांव में लगाए स्वास्थ्य शिविर में जांच करते डिप्टी सीएमओ डॉ. हरीश पोखरिया। संवा?
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जिला मुख्यालय से 71 किमी दूर हिमालयी क्षेत्र से सटे खातीगांव में मास हिस्टीरिया की चपेट में आई बालिकाओं का स्वास्थ्य परीक्षण करने के साथ ही उनकी काउंसिलिंग की। आवश्यक दवाओं का वितरण किया। मास हिस्टीरिया की चपेट में आई सभीबालिकाओं को स्वस्थ बताया जा रहा है।
बीते नवंबर माह से जीआईसी खाती में पढ़ने वाली बालिकाएं रोने, चिल्लाने के साथ ही अजीब हरकतें कर रही थीं। बालिकाओं में बेहोशी छा रही थी। उनमें मास हिस्टीरिया के लक्षण दिखाई दे रहे थे। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 9 दिसंबर को गांव का भ्रमण कर बालिकाओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक सलाह दी थी। तब जीआईसी खाती में पढ़ने वाली वाछम गांव की बालिकाएं शिविर में नहीं पहुंची थीं। अन्य बालिकाएं सामान्य हो गई थीं।
हाल में एक बार फिर विद्यालय में पढ़ने वाली बालिकाएं उसी प्रकार की हरकतें करने लगीं। डीएम अनुराधा पाल ने खातीगांव में शिविर लगाने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए थे। शिविर संचालन में खाती में हंस फाउंडेशन के सहयोग से संचालित अस्पताल के स्टाफ को सहयोग करने के निर्देश जारी किए थे।
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शनिवार को डिप्टी सीएमओ/मनोचिकित्सक डॉ. हरीश पोखरिया खाती गांव पहुंचे। उन्होंने जीआईसी खाती में छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया। बालिकाओं की काउंसिलिंग की। शिविर में वाछम गांव की 8 बालिकाओं लेकर अभिभावक पहुंचे हुए थे। डॉ. पोखरिया ने बताया कि बालिकाओं के साथ ही उनके अभिभावकों की भी काउंसिलिंग की गई। इन दिनों विद्यालय में प्री बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं। परीक्षा को लेकर भी बालिकाएं तनाव महसूस कर रही थीं। उन्हें परीक्षाओं को सकारात्मक रूप में लेने के साथ ही नियमित पढ़ाई करने की सलाह दी गई। नियमित योग करने की भी सलाह दी गई। अभिभावकों की भी काउंसिलिंग की गई।
बताया कि सभी बालिकाओं के खून की जांच के लिए सैंपल जिला अस्पताल में जमा करवा दिए हैं। अभिभावकों को बालिकाओं के संपर्क में रहने की सलाह दी गई है। बताया गया कि किशोरावस्था में हारमोंस में बदलाव के कारण इस तरह की दिक्कतें आती हैं। अभिभावकों, क्षेत्र के ग्राम प्रधानों, जीआईसी के प्रधानाचार्य किसी प्रकार की समस्या आने पर जिला नोडल अधिकारी से संपर्क करने को कहा गया है। शविर संचालन में हंस फाउंडेशन के सलाहकार एनबी अवस्थी और हंस फाउंडेशन संचालित अस्पताल के डॉक्टर, स्टाफ ने सहयोग दिया।
गांव के लोगों का भी स्वास्थ्य जांचा
बागेश्वर। डिप्टी सीएमओ डॉ. हरीश पोखरिया की मौजूदगी में खाती के लोनिवि गेस्ट हाउस में शिविर लगाकर गांव के लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई। लोगों को कमर दर्द, बुखार आदि की शिकायत थी। दवाओं का वितरण किया गया। संवाद
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बीते नवंबर माह से जीआईसी खाती में पढ़ने वाली बालिकाएं रोने, चिल्लाने के साथ ही अजीब हरकतें कर रही थीं। बालिकाओं में बेहोशी छा रही थी। उनमें मास हिस्टीरिया के लक्षण दिखाई दे रहे थे। मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने 9 दिसंबर को गांव का भ्रमण कर बालिकाओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक सलाह दी थी। तब जीआईसी खाती में पढ़ने वाली वाछम गांव की बालिकाएं शिविर में नहीं पहुंची थीं। अन्य बालिकाएं सामान्य हो गई थीं।
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हाल में एक बार फिर विद्यालय में पढ़ने वाली बालिकाएं उसी प्रकार की हरकतें करने लगीं। डीएम अनुराधा पाल ने खातीगांव में शिविर लगाने के निर्देश स्वास्थ्य विभाग को दिए थे। शिविर संचालन में खाती में हंस फाउंडेशन के सहयोग से संचालित अस्पताल के स्टाफ को सहयोग करने के निर्देश जारी किए थे।
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शनिवार को डिप्टी सीएमओ/मनोचिकित्सक डॉ. हरीश पोखरिया खाती गांव पहुंचे। उन्होंने जीआईसी खाती में छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया। बालिकाओं की काउंसिलिंग की। शिविर में वाछम गांव की 8 बालिकाओं लेकर अभिभावक पहुंचे हुए थे। डॉ. पोखरिया ने बताया कि बालिकाओं के साथ ही उनके अभिभावकों की भी काउंसिलिंग की गई। इन दिनों विद्यालय में प्री बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं। परीक्षा को लेकर भी बालिकाएं तनाव महसूस कर रही थीं। उन्हें परीक्षाओं को सकारात्मक रूप में लेने के साथ ही नियमित पढ़ाई करने की सलाह दी गई। नियमित योग करने की भी सलाह दी गई। अभिभावकों की भी काउंसिलिंग की गई।
बताया कि सभी बालिकाओं के खून की जांच के लिए सैंपल जिला अस्पताल में जमा करवा दिए हैं। अभिभावकों को बालिकाओं के संपर्क में रहने की सलाह दी गई है। बताया गया कि किशोरावस्था में हारमोंस में बदलाव के कारण इस तरह की दिक्कतें आती हैं। अभिभावकों, क्षेत्र के ग्राम प्रधानों, जीआईसी के प्रधानाचार्य किसी प्रकार की समस्या आने पर जिला नोडल अधिकारी से संपर्क करने को कहा गया है। शविर संचालन में हंस फाउंडेशन के सलाहकार एनबी अवस्थी और हंस फाउंडेशन संचालित अस्पताल के डॉक्टर, स्टाफ ने सहयोग दिया।
गांव के लोगों का भी स्वास्थ्य जांचा
बागेश्वर। डिप्टी सीएमओ डॉ. हरीश पोखरिया की मौजूदगी में खाती के लोनिवि गेस्ट हाउस में शिविर लगाकर गांव के लोगों के स्वास्थ्य की जांच की गई। लोगों को कमर दर्द, बुखार आदि की शिकायत थी। दवाओं का वितरण किया गया। संवाद