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हरीश रावत ने किया गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने का वादा

Haldwani Bureau हल्द्वानी ब्यूरो
Updated Thu, 16 Jan 2020 11:45 PM IST
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Harish Rawat promises to make Garasain a permanent capital
बागेश्वर में जिला बार एसोसिएशन की ओर से बनाए गए अधिवक्ता कक्ष का लोकार्पण करते पूर्व सीएम हरीश रा - फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बृहस्पतिवार को जिला बार एसोसिएशन के नवनिर्मित अधिवक्ता विश्राम कक्ष का कक्ष का रिबन काटकर लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि यह कुली बेगार प्रथा का शताब्दी वर्ष है। जिले को सांस्कृतिक धरोहर के रूप में विकसित करने का सभी को संकल्प लेना होगा। उन्होंने सत्ता में काबिज होने पर गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने का भी वादा किया।
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जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष गोविंद सिंह भंडारी ने कहा कि विश्राम कक्ष का वरिष्ठ नागरिक, कर्मचारी, पत्रकार, अधिवक्ताओं को लाभ मिलेगा। इस मौके पर 35 साल तक अधिवक्ता के तौर पर विशिष्ट कार्य करने के लिए महेंद्र कनवाल को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक चंदन राम दास ने की। रावत ने पारंपरिक वेशभूषा में सजे छोटे बच्चों के साथ कई सामूहिक फोटो भी खिंचवाई। इस दौरान राज्यसभा सदस्य प्रदीप टम्टा, पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश ऐठानी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष नवीन परिहार, सीएमओ डॉ. भगत सिंह रावत, कांग्रेस जिलाध्यक्ष लोकमणि पाठक, रणजीत सिंह, दलीप सिंह खेतवाल, इंद्र सिंह परिहार, मनोज जोशी, विनोद भट्ट, कुंडल सिंह धपोला आदि रहे।
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सरयू नदी के उद्गम स्थल को पहचान दिलाएं
बागेश्वर। सरमूल, सौधारा, भद्रतुंगा विकास एवं सरयू संरक्षण समिति कपकोट के पदाधिकारियों ने पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को ज्ञापन सौंपा। इसमें प्रभारी अध्यक्ष भगवत कोरंगा ने बताया कि सरयू के उद्गम स्थल सरमूल, सौधारा, भद्रतुंगा को धाम के रूप में विकसित करने की जरूरत है। सदियों से हजारों श्रद्धालु इन स्थलों में पूजा-पाठ, दर्शन, स्नान, जप, तप, जनेऊ संस्कार, तर्पण करने पहुंचते हैं, लेकिन पर्यटन समेत तीर्थस्थल होने के साथ ही इन स्थानों में मूलभूत सुविधाओं का भी अभाव है। कहा कि सरयू के उद्गम स्थल कपकोट के सरमूल और सहस्त्रधारा, भद्रतुंगा आदि स्थलों को पहचान नहीं मिल पाई है। उन्होंने पूर्व सीएम से पतियासार-सूपी से भद्रतुंगा बाछम से होकर सौधारा की अपने समर्थकों, अनुयायियों के साथ पदयात्रा करने की मांग की। इस दौरान भद्रतुंगा के संत एवं महात्मा देवानंद दास, प्रभारी अध्यक्ष भगवत कोरंगा, भूतपूर्व सरपंच बाछम भीम सिंह दानू, सचिव एवं महामंत्री कमला कुमल्टा आदि मौजूद रहे। संवाद
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