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करना था रक्तदान, छोड़ दिए जरूरी काम
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
Updated Wed, 14 Nov 2018 11:42 PM IST
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बागेश्वर में रक्तदान करते डायट प्रवक्ता केपी चंदोला।
- फोटो : अमर उजाला
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जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्रवक्ता कैलाश प्रकाश चंदोला ने मानवता की अनूठी मिसाल पेश की है। उन्होंने जिला अस्पताल में मौत से जूझ रहे शख्स को खून देने के लिए जरूरी काम तक छोड़ दिया। जिला रेडक्रास सोसाइटी ने उनके इस नेक कार्य की सराहना की है।
बुधवार को डायट में राष्ट्रीय सेमिनार चल रहा था, जिसे संपन्न कराने की जिम्मेदारी प्रवक्ता चंदोला पर भी थी। सेमिनार शुरू होने के कुछ समय बाद ही रेडक्रास सोसाइटी के सदस्य जगदीश चंद्र उपाध्याय ने उन्हें जिला अस्पताल में बी नेगेटिव रक्त की जरूरत के बारे में बताया। संयोग से कैलाश का ब्लड ग्रुप भी बी नेगेटिव था। सेमिनार की व्यवस्था साथियों पर छोड़ वह तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे और त्रिलोक सिंह नाम के मरीज को रक्तदान किया। मरीज का हीमोग्लोबिन घटकर चार प्वाइंट रह गया था। समय पर खून मिलने से उसकी जान बच गई। इससे पूर्व भी चंदोला दो बार रक्तदान कर मरीज की जान बचा चुके हैं।
चंदोला की इस पहल की रेडक्रास सोसाइटी के जिला सचिव आलोक पांडे ने सराहना की। उन्होंने बताया कि चंदोला वर्तमान में रेडक्रॉस की ब्लड डायरेक्टरी के निर्माण सहित वेबसाइट बनाने में भी सहयोग कर रहे हैं। रेडक्रॉस के चेयरमैन अशोक लोहनी, दीपक पाठक, डा. हरीश दफौटी, बीएल वर्मा, उमेश जोशी, संजय साह जगाती आदि ने इस नेक कार्य की सराहना की।
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बुधवार को डायट में राष्ट्रीय सेमिनार चल रहा था, जिसे संपन्न कराने की जिम्मेदारी प्रवक्ता चंदोला पर भी थी। सेमिनार शुरू होने के कुछ समय बाद ही रेडक्रास सोसाइटी के सदस्य जगदीश चंद्र उपाध्याय ने उन्हें जिला अस्पताल में बी नेगेटिव रक्त की जरूरत के बारे में बताया। संयोग से कैलाश का ब्लड ग्रुप भी बी नेगेटिव था। सेमिनार की व्यवस्था साथियों पर छोड़ वह तुरंत जिला अस्पताल पहुंचे और त्रिलोक सिंह नाम के मरीज को रक्तदान किया। मरीज का हीमोग्लोबिन घटकर चार प्वाइंट रह गया था। समय पर खून मिलने से उसकी जान बच गई। इससे पूर्व भी चंदोला दो बार रक्तदान कर मरीज की जान बचा चुके हैं।
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चंदोला की इस पहल की रेडक्रास सोसाइटी के जिला सचिव आलोक पांडे ने सराहना की। उन्होंने बताया कि चंदोला वर्तमान में रेडक्रॉस की ब्लड डायरेक्टरी के निर्माण सहित वेबसाइट बनाने में भी सहयोग कर रहे हैं। रेडक्रॉस के चेयरमैन अशोक लोहनी, दीपक पाठक, डा. हरीश दफौटी, बीएल वर्मा, उमेश जोशी, संजय साह जगाती आदि ने इस नेक कार्य की सराहना की।
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