फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   Front against BEO

प्राथमिक शिक्षकों ने बीईओ के खिलाफ मोर्चा

Tue, 11 Apr 2017 10:44 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर। 
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।  Updated Tue, 11 Apr 2017 10:44 PM IST
विज्ञापन
Front against BEO
टीचर्स - फोटो : SELF

बागेश्वर। प्राथमिक शिक्षक संघ कपकोट इकाई ने उप शिक्षा अधिकारी पर समस्याओं की अनदेखी कर शिक्षकों का बेवजह उत्पीड़न करने का आरोप मढ़ा है। संघ ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन देकर समस्याओं का शीघ्र समाधान करवाने की मांग की है। ज्ञापन में उन्होंने समस्याओं का शीघ्र समाधान न होने पर 25 अप्रैल को खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में तालाबंदी कर आंदोलन की चेतावनी दी है।

विज्ञापन


शिक्षा विभाग के अधिकारियों को सौंपे ज्ञापन में प्राथमिक शिक्षक संघ कपकोट के पदाधिकारियों ने कहा है कि प्राइमरी स्कूल दार्सिंग की सहायक अध्यापिका वेतन अवरुद्ध करके उसका वेतन रोका गया है। अस्थायी व्यवस्था समाप्त होने के बाद भी कई शिक्षक बगैर स्थानांतरण के वर्षों से अस्थायी व्यवस्था के तहत जमे हैं। कुछ दुर्गम क्षेत्र में पदोन्नति पा चुके हैं लेकिन वह दूसरे ब्लॉकों मे कार्य कर रहे हैं। इस ब्लॉक के शिक्षकों को सातवें वेतन का लाभ भी नहीं मिला है जबकि अन्य ब्लॉकों को इसका लाभ मिल चुका है।
विज्ञापन


उन्होंने कहा है कि वर्ष 2008 से 31 मार्च 2017 तक के शिक्षकों के समस्त देयकों का भुुुगतान नहीं हो सका है। उन्होंने मांगें शीघ्र पूरी न होने पर घोषित तिथि से आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में संघ के अध्यक्ष कमलेश पांडे, मंत्री महिपाल कपकोटी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष आदि शामिल हैं। इधर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आकाश सारस्वत ने बताया कि उप शिक्षा अधिकारी ने प्राइमरी स्कूल दार्सिंग की सहायक अध्यापिका का उत्पीड़न नहीं किया है। शिक्षिका को नजदीक के स्कूल में भेजा गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


कहा कि सातवें वेतन आयोग के तहत शिक्षकों को वेतन देने के निर्देश दे दिए गए हैं। जिन शिक्षकों को उनके देयकों का भुगतान नहीं हो सका है, उन्हेें चिह्नित कर शीघ्र भुगतान के निर्देश दे दिए हैं। उन्होंने बताया कि उप शिक्षा अधिकारी को शिक्षकों की हर समस्या का समाधान शीघ्र करने के निर्देश दिए गए हैं। वह 15 दिन में खुद इसकी समीक्षा करेंगे। उन्होंने आगाह किया कि समस्याओं का समाधान तेेेजी से हो रहा है। इसके बावजूद यदि कोई विभागीय कार्यालय में तालाबंदी करता है तो वह संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई करने से नहीं चूकेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed