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चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात
Sat, 18 May 2019 11:26 PM IST
दीपक नेगी
बागेश्वर।
बागेश्वर।
Published by: दीपक नेगी
Updated Sat, 18 May 2019 11:26 PM IST
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बागेश्वर में बिलौना वार्ड के पोल पर बंद पड़ी स्ट्रीट लाइट।
- फोटो : अमर उजाला
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चार दिन की चांदनी फिर अंधेरी रात। यह कवत नगर पालिका की बिजली के पोलों पर लगाई स्ट्रीट लाइटों पर सटीक बैठती है। बिलौना में चार पोलों की स्ट्रीट लाइट सात दिन तक जगमगाई फिर बंद हो गई।
नगर पालिका ने 27 लाख रुपये की लागत से 11 वार्डों में 1,000 स्ट्रीट लाइटें लगाने का काम कर रही है। इसमें 700 लाइटें सभी वार्डों की मुख्य और बाहरी सड़कों पर लगाई गई हैं। इसी क्रम में बिलौना वार्ड में गोलू मंदिर के समीप पोलों पर भी स्ट्रीट लाइटें लगी थीं। रात होने पर इनकी रोशनी में इलाका जगमगा रहा था।
क्षेत्रवासियों की मानें तो हफ्ते भर तक तो इन लाइटों से रोशनी रही। इसके बाद इन लाइटों का कनेक्शन काट दिया गया। चार पोलों पर बनी ये लाइटें फिर से शोपीस बन गई हैं। नदी से सटा होने की वजह से अक्सर जंगली जानवरों का खतरा भी बना रहता है। इन लाइटों के बंद होने से क्षेत्रवासियों में आक्रोश है। उनका आरोप है कि यदि सिर्फ नाम के लिए ही लाइटें लगानी थी तो क्या फायदा। उन्होंने लाइटों में कनेक्शन चालू कराने की मांग की है। ईओ राजदेव जायसी ने बताया कि स्ट्रीट लाइट बंद होने की जानकारी नहीं है, अब शिकायत पता चली है तो जांच करा कर इनमें बिजली सुचारु करवाई जाएगी।
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नगर पालिका ने 27 लाख रुपये की लागत से 11 वार्डों में 1,000 स्ट्रीट लाइटें लगाने का काम कर रही है। इसमें 700 लाइटें सभी वार्डों की मुख्य और बाहरी सड़कों पर लगाई गई हैं। इसी क्रम में बिलौना वार्ड में गोलू मंदिर के समीप पोलों पर भी स्ट्रीट लाइटें लगी थीं। रात होने पर इनकी रोशनी में इलाका जगमगा रहा था।
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क्षेत्रवासियों की मानें तो हफ्ते भर तक तो इन लाइटों से रोशनी रही। इसके बाद इन लाइटों का कनेक्शन काट दिया गया। चार पोलों पर बनी ये लाइटें फिर से शोपीस बन गई हैं। नदी से सटा होने की वजह से अक्सर जंगली जानवरों का खतरा भी बना रहता है। इन लाइटों के बंद होने से क्षेत्रवासियों में आक्रोश है। उनका आरोप है कि यदि सिर्फ नाम के लिए ही लाइटें लगानी थी तो क्या फायदा। उन्होंने लाइटों में कनेक्शन चालू कराने की मांग की है। ईओ राजदेव जायसी ने बताया कि स्ट्रीट लाइट बंद होने की जानकारी नहीं है, अब शिकायत पता चली है तो जांच करा कर इनमें बिजली सुचारु करवाई जाएगी।
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