फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Bageshwar News ›   Forest rank for former paramilitary forces Demanded to give one pension

पूर्व अर्द्धसैनिक बलों को वन रैंक  वन पेंशन देने की मांग उठाई

Sat, 25 Mar 2017 11:34 PM IST
Updated Sat, 25 Mar 2017 11:34 PM IST
विज्ञापन
Forest rank for former paramilitary forces Demanded to give one pension
बागेश्वर में बैठक करते पूर्व अर्द्ध सैनिक बल। - फोटो : अमर उजाला

विज्ञापन
पूर्व पैरामिलिट्री फोर्सेज वैलफेयर एसोसिएशन की जिला इकाई की बैठक में केंद्र सरकार से पूर्व अर्द्ध सैनिक बलों को भी वन रैंक वन पेंशन योजना लाभ देने की जोरदार मांग की गई। बैठक में लंबित समस्याओं पर विस्तार से चर्चा हुई। इस मौके पर मुख्य अतिथि  ऐसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष एमएस नेगी ने लंबित समस्याओं के निस्तारण के लिए संगठन स्तर से की जा रही कार्यवाही के बारे में बताया। सभी से संगठन की मजबूती के लिए काम करने को कहा।

आशीर्वाद भवन में हुई बैठक में प्रदेश अध्यक्ष नेगी ने बताया कि संगठन पूर्व अर्द्ध सैनिक बलों को वन रैंक वन पेंशन योजना का लाभ दिलाने, पैरामिलिट्री सर्विस 2004 के बाद भर्ती जवानों को पेंशन देने, पैरामिलिट्री फोर्सेज के सर्विस और पेंशन नियम तुरंत बनाने, केंद्र में पैरामिलिट्री का अलग मंत्रालय बनाने के लिए प्रयास कर रहा है। संगठन की ओर से राज्यों में निदेशालय और हर जिले में कार्यालय का गठन खोलने का भी प्रयास किया जा रहा है। 
विज्ञापन



उन्होंने कहा कि लंबित समस्याओं के लिए सभी को जागरूक रहना होगा। बैठक में वक्ताओं ने एसएसबी कैंटीन ग्वालदम से विधवाओं और शहीदों के आश्रितों को एसओपी के मुताबिक मदिरा सुविधा नहीं देने के मामले को शहीदों का अपमान बताया। अध्यक्षता ऐसोसिएशन के जिलाध्यक्ष मोहन सिंह कपकोटी ने की। वहां जिला सचिव नारायण सिंह दुबड़िया, नारायण सिंह हरड़िया कोषाध्यक्ष, खीम सिंह स्यूनरी ब्लाक अध्यक्ष बागेश्वर और उमेद सिंह फर्त्याल कपकोट मौजूद थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed