{"_id":"604122e08ebc3ef10a331f8e","slug":"forest-fires-reached-population-bageshwar-news-hld417026741","type":"story","status":"publish","title_hn":"जंगल की आग आबादी तक पहुंची","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जंगल की आग आबादी तक पहुंची
विज्ञापन
गरुड़ के भिटारकोट में आग से जली लकड़ियां। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
गरुड़/बागेश्वर। गरुड़ के भिटारकोट के जंगल में लगी भीषण आग आबादी तक पहुंच गई। एक मकान तक पहुंची आग को ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद बुझाया। आग की चपेट में आने से एक गरीब ग्रामीण के आठ घास के लुट्टे (ढेर) और जलौनी लकड़ी का ढेर जल गया। जंगल रातभर जलता रहा।
बुधवार रात भिटारकोट के जंगल में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने भीषण रूप धर लिया और आबादी की ओर बढ़ने लगी। रात करीब 10 बजे आग भिटारकोट के सुरेश सती के घर के पास तक पहुंच गई। आग की चपेट में आने से घास के आठ लुट्टे और खाना बनाने के लिए रखी जलौनी लकड़ी राख हो गई। गांव के लोगों ने काफी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया। आग न बुझती तो सुरेश सती का मकान आग की चपेट में आ जाता। लोगों ने जंगल में आग लगने की जानकारी वन विभाग को दी। देर रात वन कर्मी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर आग बुझाई। ग्रामीणों ने जंगल की आग आबादी तक पहुंचने पर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि वन विभाग जंगलों को आग से बचाने के तमाम दावे कर रहा है लेकिन हकीकत सबसे सामने है। गांव के लोगों ने प्रभावित परिवार को मुआवजा देने के साथ ही जंगलों को आग से बुझाने के लिए तत्परता से कदम उठाने की मांग की है। बृहस्पतिवार को एसडीएम जयवर्धन शर्मा के निर्देश पर राजस्व निरीक्षक किशन लोबियाल ने प्रभावित गांव पहुंचे। उन्होंने बताया कि नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। रिपोर्ट उपजिलाधिकारी को सौंपी जाएगी। प्रभावित परिवार को आर्थिक मदद दिलाई जाएगी।
पत्थर की स्लेट वाले पुराने मकान में रहता है सुरेश
गरुड़। भिटारकोट के ग्रामीण सुरेश के पास आवास की उचित व्यवस्था नहीं है। बुजुर्गों के समय बने पत्थरों की स्लेट के मकान में रहते हैं। आवास की स्थिति ठीक नहीं है। बारिश से बचाने के लिए मकान की छत पर प्लास्टिक बिछाए है। सुरेश जब काफी छोटा था तो उसके पिता की मृत्यु हो गई थी।
विज्ञापन
बुधवार रात्रि में ही वन कर्मियों के साथ मौके पर पहुंच गए थे। ग्रामीणों के साथ मिलकर आग पर काबू पाया। प्रभावित को मुआवजा दिलाने के संबंध में प्रभागीय वनाधिकारी से वार्ता की जाएगी। - एसएस नेगी वन क्षेत्राधिकारी गरुड़
कांडा में आग से घास के आठ ढेर जले
कांडा/बागेश्वर। कांडा तहसील क्षेत्र के रिखाड़ी गांव में अचानक भड़की आग से ग्रामीण के घास के आठ लुट्टे (ढेर) जलकर खाक हो गए है। प्रभावित ग्रामीण ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। बृहस्पतिवार की सुबह रिखाड़ी गांव के त्रिलोकी नाथ पंत के घास के ढेर में आग लग गई। लोग मदद को दौड़े लेकिन घास के सभी ढेर एक साथ होने के कारण आग विकराल हो गई। ग्रामीणों के आग बुझाने के प्रयास नाकाफी साबित हुए और कुछ ही देर में सभी ढेर जलकर राख हो गए। ग्रामीण ने बताया कि आग लगने से 20 हजार रुपये से अधिक का नुकसान हो गया है। (संवाद)
मेलाडुंगरी के गांव के चीड़ के जंगल धधके
गरुड़(बागेश्वर)। मेलाडुंगरी गांव के अनारक्षित भूमि में चीड़ के पेड़ों में बृहस्पतिवार को एकाएक आग से धधक गए। घटनास्थल पर पहुंचे ग्रामीणों ने प्राथमिक विद्यालय और आबादी की ओर बढ़ रही आग पर समय रहते काबू पाया। चीड़ के पेड़ों पर लगी आग बुझी नहीं है। मेलाडुंगरी के पूर्व प्रधान बलवंत सिंह भंडारी, बीडीसी सदस्य नीमा भंडारी ने वन विभाग से चीड़ के पेड़ों पर लगी आग शीघ्र बुझाने की मांग की है। वन रेंजर हरीश खर्कवाल ने राहगीरों से चीड़ के जंगलों में बीड़ी, सिगरेट नहीं पीने के लिए कहा है। जंगलों में बीड़ी, सिगरेट पीते कोई नजर आया तो वन विभाग उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेगा।
जंगल की आग से गौशाला जलकर राख, दुधारू भैंस की मौत
जैंती (अल्मोड़ा)। जैंती तहसील के अंतर्गत गणाऊं गांव के निकटवर्ती जंगल में बृहस्पतिवार को आग लग गई। देखते ही देखते आग गणाऊं गांव में स्थित गौशाला तक पहुंच गई। आग में जलकर गणाऊं निवासी मोहनी देवी पत्नी स्व. बची दत्त की गौशाला में बंधी दुधारू भैंस की मौत हो गई। इसी गांव के गिरीश जोशी की गौशाला जलकर राख हो गई। इसके अलावा ग्रामीणों के घास के 200 लुट्टे जलकर राख हो गए। गणाऊं के प्रधान नवीन चंद्र ने बताया कि गौशाला तक पहुंची आग पर काबू पा लिया गया है, जबकि जंगल में अभी भी आग भड़की है। इससे अभी भी खतरा बना हुआ है। (संवाद)
घरों तक पहुंच गई जंगल की आग
भिकियासैंण। स्याल्दे के चचरोटी गांव में जंगल की आग घरों के पास तक पहुंची, जिससे घरों के पास बड़ी मात्रा में घास व लकड़ी जलकर राख हो गई। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया। बृहस्पतिवार को स्याल्दे के चचरोटी गांव में दोपहर बाद अचानक जंगल की आग भड़क कर गांव के चारों ओर फैल गई तेज हवा चलने से आग ने भयंकर रूप ले लिया। अचानक चारों तरफ से घिरी आग से ग्रामीण दहशत में आ गए। ग्राम प्रधान अर्जुन सिंह मनराल ने बताया कि चचरोटी गांव के चारों ओर जंगल है। गांव के ऊंचाई पर बसे होने के कारण आग की लपटें सीधे घरों तक पहुंच गईं। उन्होंने सारे गांव के लोगों को इकट्ठा कर पानी इकट्ठा कर आग बुझाने में लगाया तब तक गांव के कई परिवारों के आधा दर्जन से अधिक घास के लूटे व लकड़ी के ढेर जलकर राख हो गए। बड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।
विज्ञापन
बुधवार रात भिटारकोट के जंगल में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने भीषण रूप धर लिया और आबादी की ओर बढ़ने लगी। रात करीब 10 बजे आग भिटारकोट के सुरेश सती के घर के पास तक पहुंच गई। आग की चपेट में आने से घास के आठ लुट्टे और खाना बनाने के लिए रखी जलौनी लकड़ी राख हो गई। गांव के लोगों ने काफी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया। आग न बुझती तो सुरेश सती का मकान आग की चपेट में आ जाता। लोगों ने जंगल में आग लगने की जानकारी वन विभाग को दी। देर रात वन कर्मी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों के साथ मिलकर आग बुझाई। ग्रामीणों ने जंगल की आग आबादी तक पहुंचने पर सवाल खड़े करते हुए कहा है कि वन विभाग जंगलों को आग से बचाने के तमाम दावे कर रहा है लेकिन हकीकत सबसे सामने है। गांव के लोगों ने प्रभावित परिवार को मुआवजा देने के साथ ही जंगलों को आग से बुझाने के लिए तत्परता से कदम उठाने की मांग की है। बृहस्पतिवार को एसडीएम जयवर्धन शर्मा के निर्देश पर राजस्व निरीक्षक किशन लोबियाल ने प्रभावित गांव पहुंचे। उन्होंने बताया कि नुकसान की रिपोर्ट तैयार कर ली गई है। रिपोर्ट उपजिलाधिकारी को सौंपी जाएगी। प्रभावित परिवार को आर्थिक मदद दिलाई जाएगी।
विज्ञापन
पत्थर की स्लेट वाले पुराने मकान में रहता है सुरेश
गरुड़। भिटारकोट के ग्रामीण सुरेश के पास आवास की उचित व्यवस्था नहीं है। बुजुर्गों के समय बने पत्थरों की स्लेट के मकान में रहते हैं। आवास की स्थिति ठीक नहीं है। बारिश से बचाने के लिए मकान की छत पर प्लास्टिक बिछाए है। सुरेश जब काफी छोटा था तो उसके पिता की मृत्यु हो गई थी।
विज्ञापन
बुधवार रात्रि में ही वन कर्मियों के साथ मौके पर पहुंच गए थे। ग्रामीणों के साथ मिलकर आग पर काबू पाया। प्रभावित को मुआवजा दिलाने के संबंध में प्रभागीय वनाधिकारी से वार्ता की जाएगी। - एसएस नेगी वन क्षेत्राधिकारी गरुड़
कांडा में आग से घास के आठ ढेर जले
कांडा/बागेश्वर। कांडा तहसील क्षेत्र के रिखाड़ी गांव में अचानक भड़की आग से ग्रामीण के घास के आठ लुट्टे (ढेर) जलकर खाक हो गए है। प्रभावित ग्रामीण ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। बृहस्पतिवार की सुबह रिखाड़ी गांव के त्रिलोकी नाथ पंत के घास के ढेर में आग लग गई। लोग मदद को दौड़े लेकिन घास के सभी ढेर एक साथ होने के कारण आग विकराल हो गई। ग्रामीणों के आग बुझाने के प्रयास नाकाफी साबित हुए और कुछ ही देर में सभी ढेर जलकर राख हो गए। ग्रामीण ने बताया कि आग लगने से 20 हजार रुपये से अधिक का नुकसान हो गया है। (संवाद)
मेलाडुंगरी के गांव के चीड़ के जंगल धधके
गरुड़(बागेश्वर)। मेलाडुंगरी गांव के अनारक्षित भूमि में चीड़ के पेड़ों में बृहस्पतिवार को एकाएक आग से धधक गए। घटनास्थल पर पहुंचे ग्रामीणों ने प्राथमिक विद्यालय और आबादी की ओर बढ़ रही आग पर समय रहते काबू पाया। चीड़ के पेड़ों पर लगी आग बुझी नहीं है। मेलाडुंगरी के पूर्व प्रधान बलवंत सिंह भंडारी, बीडीसी सदस्य नीमा भंडारी ने वन विभाग से चीड़ के पेड़ों पर लगी आग शीघ्र बुझाने की मांग की है। वन रेंजर हरीश खर्कवाल ने राहगीरों से चीड़ के जंगलों में बीड़ी, सिगरेट नहीं पीने के लिए कहा है। जंगलों में बीड़ी, सिगरेट पीते कोई नजर आया तो वन विभाग उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेगा।
जंगल की आग से गौशाला जलकर राख, दुधारू भैंस की मौत
जैंती (अल्मोड़ा)। जैंती तहसील के अंतर्गत गणाऊं गांव के निकटवर्ती जंगल में बृहस्पतिवार को आग लग गई। देखते ही देखते आग गणाऊं गांव में स्थित गौशाला तक पहुंच गई। आग में जलकर गणाऊं निवासी मोहनी देवी पत्नी स्व. बची दत्त की गौशाला में बंधी दुधारू भैंस की मौत हो गई। इसी गांव के गिरीश जोशी की गौशाला जलकर राख हो गई। इसके अलावा ग्रामीणों के घास के 200 लुट्टे जलकर राख हो गए। गणाऊं के प्रधान नवीन चंद्र ने बताया कि गौशाला तक पहुंची आग पर काबू पा लिया गया है, जबकि जंगल में अभी भी आग भड़की है। इससे अभी भी खतरा बना हुआ है। (संवाद)
घरों तक पहुंच गई जंगल की आग
भिकियासैंण। स्याल्दे के चचरोटी गांव में जंगल की आग घरों के पास तक पहुंची, जिससे घरों के पास बड़ी मात्रा में घास व लकड़ी जलकर राख हो गई। ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत से आग पर काबू पाया। बृहस्पतिवार को स्याल्दे के चचरोटी गांव में दोपहर बाद अचानक जंगल की आग भड़क कर गांव के चारों ओर फैल गई तेज हवा चलने से आग ने भयंकर रूप ले लिया। अचानक चारों तरफ से घिरी आग से ग्रामीण दहशत में आ गए। ग्राम प्रधान अर्जुन सिंह मनराल ने बताया कि चचरोटी गांव के चारों ओर जंगल है। गांव के ऊंचाई पर बसे होने के कारण आग की लपटें सीधे घरों तक पहुंच गईं। उन्होंने सारे गांव के लोगों को इकट्ठा कर पानी इकट्ठा कर आग बुझाने में लगाया तब तक गांव के कई परिवारों के आधा दर्जन से अधिक घास के लूटे व लकड़ी के ढेर जलकर राख हो गए। बड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका।

गरुड़ के भिटारकोट के जंगल में लगी आग। संवाद न्यूज एजेंसी- फोटो : BAGESHWAR