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खाद्यान्न भंडारण, वितरण व्यवस्था का जायजा लिया
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यूएनओ की विश्व खाद्य कार्यक्रम की टीम ने खाद्यान्न वितरण प्रणाली की जानकारी ली।
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। वर्ल्ड फूड प्रोग्राम (डब्ल्यूएफपी) के तहत संयुक्त राष्ट्र संघ (यूएनओ) की टीम शनिवार को जिले में पहुंची। इस टीम ने जिले में खाद्यान्न भंडारण और वितरण प्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से दूरस्थ क्षेत्रों में खाद्यान्न वितरण की समस्या को समझा।
इस टीम में पुर्तगाल, स्विट्जरलैंड और नीदरलैंड के प्रतिनिधि शामिल थे। उन्होंने खाद्य आपूर्ति के भंडारण और उसकी वितरण प्रणाली में आ रहीं समस्याओं की जानकारी ली। देखा कि दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्र में खाद्यान्न कैसे पहुंचाया और बांटा जा रहा है। इसमें किस तरह की समस्याएं आती हैं। जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार ने टीम को जानकारी दी कि जिले में तीन हजार मीट्रिक टन भंडारण क्षमता के नौ गोदामों में खाद्यान्न बांटा जा रहा है। इनमें से नौ गोदाम रोड से जुड़े हैं जबकि सात गोदाम पैदल मार्ग से जुड़े हैं। इन सात पैदल गोदामों में खच्चर और घोड़े से खाद्यान्न भेजा जाता है। छह माह का राशन उपभोक्ताओं को सीधे बांट दिया जाता है। ताकि बरसात के दौरान रोड बंद होने से खाद्यान्न वितरण पर कोई प्रभाव न पड़े।
आपदा के दौरान स्थानीय बाजार से भी खाद्यान्न खरीदा जाता है। टीम को विभागीय वितरण प्रणाली और भाड़े की भी जानकारी दी गई। टीम ने सस्ता गल्ला विक्रेता और खाद्यान्न गोदामों का निरीक्षण किया। टीम ने कहा कि जिले में नेटवर्क की दिक्कत के चलते ऑनलाइन खाद्यान्न वितरण की बड़ी समस्या है। इसके बावजूद नियमित रूप से खाद्यान्न बांटना सराहनीय है। डब्ल्यूएफपी की टीम में जॉर्ज गिलाई, जैन लुक खोलर, लुइस एन्योस, तकनीकी अधिकारी अंकित सूद शामिल थे। इस दौरान डीएसओ अरुण वर्मा, पूर्ति निरीक्षक बबलू पांडे, जगदीश जोशी, तकनीकी सलाहकार कमल शर्मा मौजूद रहे।
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इस टीम में पुर्तगाल, स्विट्जरलैंड और नीदरलैंड के प्रतिनिधि शामिल थे। उन्होंने खाद्य आपूर्ति के भंडारण और उसकी वितरण प्रणाली में आ रहीं समस्याओं की जानकारी ली। देखा कि दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्र में खाद्यान्न कैसे पहुंचाया और बांटा जा रहा है। इसमें किस तरह की समस्याएं आती हैं। जिला पूर्ति अधिकारी अरुण कुमार ने टीम को जानकारी दी कि जिले में तीन हजार मीट्रिक टन भंडारण क्षमता के नौ गोदामों में खाद्यान्न बांटा जा रहा है। इनमें से नौ गोदाम रोड से जुड़े हैं जबकि सात गोदाम पैदल मार्ग से जुड़े हैं। इन सात पैदल गोदामों में खच्चर और घोड़े से खाद्यान्न भेजा जाता है। छह माह का राशन उपभोक्ताओं को सीधे बांट दिया जाता है। ताकि बरसात के दौरान रोड बंद होने से खाद्यान्न वितरण पर कोई प्रभाव न पड़े।
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आपदा के दौरान स्थानीय बाजार से भी खाद्यान्न खरीदा जाता है। टीम को विभागीय वितरण प्रणाली और भाड़े की भी जानकारी दी गई। टीम ने सस्ता गल्ला विक्रेता और खाद्यान्न गोदामों का निरीक्षण किया। टीम ने कहा कि जिले में नेटवर्क की दिक्कत के चलते ऑनलाइन खाद्यान्न वितरण की बड़ी समस्या है। इसके बावजूद नियमित रूप से खाद्यान्न बांटना सराहनीय है। डब्ल्यूएफपी की टीम में जॉर्ज गिलाई, जैन लुक खोलर, लुइस एन्योस, तकनीकी अधिकारी अंकित सूद शामिल थे। इस दौरान डीएसओ अरुण वर्मा, पूर्ति निरीक्षक बबलू पांडे, जगदीश जोशी, तकनीकी सलाहकार कमल शर्मा मौजूद रहे।
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