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मछली पालन का हब बन रहे हैं जगथाना और सुमटि गांव: भौर्याल
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ागेश्वर के जगथाना में मछली उत्पादन के बारे में जानकारी हासिल करते डीएम। विज्ञप्ति
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। कनलगढ़ घाटी के जगथाना और सुमटि गांव को मछली पालन का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए ट्राउट कलस्टर फार्मिंग के तहत विकसित किया जा रहा है। इसके लिए डीएम ने मत्स्य विभाग को अनटाइड फंड से 90 लाख रुपये जारी किए हैं। युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए जगथाना में एक दिनी कार्यशाला हुई। इसमें युवाओं को मत्स्य पालन और मार्केटिंग की बारीकियां सिखाई गईं। डीएम विनीत कुमार ने युवाओं से मछली पालन को आजीविका का साधन बनाने की अपील की।
कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए विधायक बलवंत सिंह भौर्याल ने कहा कि जगथाना और सुमटि में कलस्टर फार्मिंग के तहत 60 तालाब बनाए जाएंगे। ग्रामीणों को पारंपरिक खेती के साथ मछली पालन में भी रोजगार मिलेगा। वहीं, डीएम ने कहा कि जगथाना और सुमटि का वातावरण ट्राउट उत्पादन के लिए अनुकूल हैं। प्रशासन का लक्ष्य जगथाना में ट्राउट के उत्पादन को दो वर्ष में 10 टन करना है।
उत्पादन बढ़ाने के लिए क्षेत्र में चार करोड़ 87 लाख रुपये की लागत से हैचरी बनाई जा रही है। इसके बाद ट्राउट उत्पादन के लिए सीड और चारा जिला स्तर पर ही उपलब्ध होगा। उन्होंने तीन माह के भीतर हैचरी का निर्माण पूरा करने के निर्देेश दिए। वहां पर पूर्व जिपं अध्यक्ष विक्रम सिंह शाही, पूर्व ब्लॉक प्रमुख मनोहर राम, भाजयुमो के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश गढ़िया, मत्स्य निरीक्षक मनोज मियान, तहसीलदार पूजा शर्मा आदि थे।
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कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए विधायक बलवंत सिंह भौर्याल ने कहा कि जगथाना और सुमटि में कलस्टर फार्मिंग के तहत 60 तालाब बनाए जाएंगे। ग्रामीणों को पारंपरिक खेती के साथ मछली पालन में भी रोजगार मिलेगा। वहीं, डीएम ने कहा कि जगथाना और सुमटि का वातावरण ट्राउट उत्पादन के लिए अनुकूल हैं। प्रशासन का लक्ष्य जगथाना में ट्राउट के उत्पादन को दो वर्ष में 10 टन करना है।
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उत्पादन बढ़ाने के लिए क्षेत्र में चार करोड़ 87 लाख रुपये की लागत से हैचरी बनाई जा रही है। इसके बाद ट्राउट उत्पादन के लिए सीड और चारा जिला स्तर पर ही उपलब्ध होगा। उन्होंने तीन माह के भीतर हैचरी का निर्माण पूरा करने के निर्देेश दिए। वहां पर पूर्व जिपं अध्यक्ष विक्रम सिंह शाही, पूर्व ब्लॉक प्रमुख मनोहर राम, भाजयुमो के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश गढ़िया, मत्स्य निरीक्षक मनोज मियान, तहसीलदार पूजा शर्मा आदि थे।
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