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बारिश के बाद असिंचित क्षेत्रों में होने लगी धान की बुवाई
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बागेश्वर। जिले में किसान बारिश के बाद धान की बुवाई करने लगे हैं। जिले में 80 प्रतिशत कृषि क्षेत्र असिंचित है। ऐसे क्षेत्र के किसानों के लिए बारिश राहत लेकर आई है।
जिले में 47218 हेक्टेयर क्षेत्रफल में कृषि होती है। केवल 20 प्रतिशत कृषि क्षेत्र ही सिंचित है। मुख्य कृषि अधिकारी विजय प्रकाश मौर्य ने बताया कि जिले में 15 हजार हेक्टेयर में धान की खेती होती है।
धान का बीज समय पर आ गया है। हाल की बारिश के बाद असिंचित क्षेत्र में भी किसान बुवाई करने लगे हैं। धान का बीज समय पर किसानों को उपलब्ध हो गया था। जून, जुलाई की बारिश में किसान धान की रोपाई लगाएंगे।
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पिछले सप्ताह लगातार हुई बारिश के बाद से जिले के किसान धान की बुवाई करने लगे थे। शनिवार को हुई बारिश से किसानों को फिर से राहत मिली है।
ग्राम दोफाड़ निवासी हरीश कालाकोटी ने बताया कि जमीन को नमी मिलने से धान की बुवाई शुरू हो गई है। असिंचित क्षेत्र के लिए बारिश लाभकारी सिद्ध हुई है।
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जिले में 47218 हेक्टेयर क्षेत्रफल में कृषि होती है। केवल 20 प्रतिशत कृषि क्षेत्र ही सिंचित है। मुख्य कृषि अधिकारी विजय प्रकाश मौर्य ने बताया कि जिले में 15 हजार हेक्टेयर में धान की खेती होती है।
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धान का बीज समय पर आ गया है। हाल की बारिश के बाद असिंचित क्षेत्र में भी किसान बुवाई करने लगे हैं। धान का बीज समय पर किसानों को उपलब्ध हो गया था। जून, जुलाई की बारिश में किसान धान की रोपाई लगाएंगे।
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पिछले सप्ताह लगातार हुई बारिश के बाद से जिले के किसान धान की बुवाई करने लगे थे। शनिवार को हुई बारिश से किसानों को फिर से राहत मिली है।
ग्राम दोफाड़ निवासी हरीश कालाकोटी ने बताया कि जमीन को नमी मिलने से धान की बुवाई शुरू हो गई है। असिंचित क्षेत्र के लिए बारिश लाभकारी सिद्ध हुई है।