{"_id":"35ca16564e770739440dedf7f352d019","slug":"farmers-festival-in-conventional-farming-will-change-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कृषक महोत्सव से परंपरागत खेती में आएगा बदलाव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कृषक महोत्सव से परंपरागत खेती में आएगा बदलाव
ब्यूरो /अमर उजाला, गरुड़ (बागेश्वर)।
Updated Tue, 27 Oct 2015 11:03 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कृषि विभाग का कृषि रथ नकू लौबांज और गढ़सेर पहुंचा। रथ प्रभारी एवं कृषि, भूमि संरक्षण अधिकारी बीसी जलाल ने कहा कि कृषक महोत्सव से परंपरागत खेती में बदलाव आएगा।
विज्ञापन
उन्होंने किसानों से उन्नत बीजों की खेती करने के साथ-साथ नकदी फसलों का उत्पादन करने को कहा। ब्लॉक सभागार और लौबांज कृषि निवेश केंद्र में हुई गोष्ठी में रथ प्रभारी जलाल ने कहा कि कत्यूर घाटी के भूमि काफी उपजाऊ है। उन्होंने किसानों से आधुनिक विधि से खेती करने को कहा।
विज्ञापन
बताया कि सरकार कृषि यंत्र खरीदने पर किसानों को 90 फीसदी तक छूट दे रही है। कृषि विभाग ने ट्रैक्टर का प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता ग्राम प्रधान संगठन के ब्लॉक अध्यक्ष नवीन ममगई ने की। कृषि विभाग के ब्लॉक प्रभारी धन राम आर्य ने संचालन किया।
वहां पशु चिकित्साधिकारी पीके पाठक, प्राध्यापक पादप रोग डॉ. केपी सिंह, राष्ट्रीय कृषि बीमा के परमानंद शर्मा, एडीओ जेसी खोलिया, जीसी परिहार, जगदीश अल्मिया, मटेना की प्रधान शकुंतला, कौसानी के प्रधान रवि नेगी, जिपं सदस्य पुष्पा कोरंगा, प्रधान लौबांज मनोहर अल्मिया, राजेंद्र राणा आदि ने विचार रखे।
विज्ञापन