{"_id":"5bbe3e9b867a5528740bd08c","slug":"evaporation-drug-case-tampered-with-evidence","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक्सपायरी दवा मामले में साक्ष्यों से छेड़छाड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक्सपायरी दवा मामले में साक्ष्यों से छेड़छाड़
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
Updated Wed, 10 Oct 2018 11:32 PM IST
विज्ञापन
बागेश्वर में गढ़िया गधेरे के पास जलाई गयी दवाईया
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सड़क से सटे वन क्षेत्र में एक्पायर एलोपैथिक दवाएं फेंकने के मामले में साक्ष्यों से छेड़छाड़ की गई। साक्ष्य मिटाने उद्देश्य से फेंकी गई दवाओं का जलाने की कोशिश की गई। सीएमओ की संस्तुति के बाद प्रशासन ने अज्ञात आरोपी पर कानूनी शिकंजा कसने की कोशिश तेज कर दी है।
बागेश्वर-कांडा रोड पर गाड़िया गधेरे के पास वन क्षेत्र में फेंकी गई दवा को पिछले दिन जलाने की कोशिश की गई। दवा का काफी हिस्सा जलकर राख हो गया। बावजूद इसके मौके पर गैर कानूनी तरीके से दवा फेंकने के निशान बाकी रहे। इस मामले के खुलासे के बाद डीएम ने सीएमओ को जांच के निर्देश दिए थे। सीएमओ की जांच में एक्सपायर दवा गैर कानूनी तरीके से फेंकने पर मुहर लग गई है। सीएमओ डॉ. जेसी मंडल ने भी माना कि खराब दवा के निस्तारण का यह सर्वथा अनुचित तरीका था। उन्होंने इसे पर्यावरण मानकों का खुला उल्लंघन माना है। इसके साथ ही प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई की संस्तुति की है। डीएम रंजना राजगुरु का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
वन विभाग दर्ज करा सकता है केस
बागेश्वर। इस मामले में एनजीटी मानकों के उल्लंघन के आरोप में वन विभाग अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करा सकता है। प्रकरण सामने आने के बाद विभाग ने कार्रवाई के संकेत दिए हैं। डीएफओ आरके सिंह का कहना है कि वन भूमि पर गैर कानूनी रूप से दवा फेंकी गई। इससे पर्यावरण प्रदूषित हुआ है। मामले के पूरे परीक्षण के बाद आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कराया जा सकता है। ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
बागेश्वर-कांडा रोड पर गाड़िया गधेरे के पास वन क्षेत्र में फेंकी गई दवा को पिछले दिन जलाने की कोशिश की गई। दवा का काफी हिस्सा जलकर राख हो गया। बावजूद इसके मौके पर गैर कानूनी तरीके से दवा फेंकने के निशान बाकी रहे। इस मामले के खुलासे के बाद डीएम ने सीएमओ को जांच के निर्देश दिए थे। सीएमओ की जांच में एक्सपायर दवा गैर कानूनी तरीके से फेंकने पर मुहर लग गई है। सीएमओ डॉ. जेसी मंडल ने भी माना कि खराब दवा के निस्तारण का यह सर्वथा अनुचित तरीका था। उन्होंने इसे पर्यावरण मानकों का खुला उल्लंघन माना है। इसके साथ ही प्रशासन को आवश्यक कार्रवाई की संस्तुति की है। डीएम रंजना राजगुरु का कहना है कि रिपोर्ट मिलने के बाद जरूरी कदम उठाए जाएंगे।
विज्ञापन
वन विभाग दर्ज करा सकता है केस
बागेश्वर। इस मामले में एनजीटी मानकों के उल्लंघन के आरोप में वन विभाग अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज करा सकता है। प्रकरण सामने आने के बाद विभाग ने कार्रवाई के संकेत दिए हैं। डीएफओ आरके सिंह का कहना है कि वन भूमि पर गैर कानूनी रूप से दवा फेंकी गई। इससे पर्यावरण प्रदूषित हुआ है। मामले के पूरे परीक्षण के बाद आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कराया जा सकता है। ब्यूरो
विज्ञापन