{"_id":"5b5f4b634f1c1b4a748b7c8b","slug":"eight-motorways-are-closed-from-landslides-and-debris","type":"story","status":"publish","title_hn":"भूस्खलन और मलबा आने से बंद हैं आठ मोटर मार्ग ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भूस्खलन और मलबा आने से बंद हैं आठ मोटर मार्ग
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर।
Updated Mon, 30 Jul 2018 11:01 PM IST
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बागेश्वर-कपकोट सड़क खोलती जेसीबी।
- फोटो : अमर उजाला
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बारिश कारण मलबा आने और भूस्खलन होने बागेश्वर जिले में आठ मोटर मार्ग बंद पड़े हुए हैं। जिससे लोगों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही है। जिले में बारिश का कहर सड़कों पर भारी पड़ रहा है। मलबा आने से समय-समय पर सड़कें बंद हो जा रही है। जिससे यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
सोमवार को मलबा आने से बागेश्वर-बैजनाथ सड़क किमी सात पर सुबह छह बजे बंद हो गई। इस मार्ग पर द्यांगण कॉजवे पर भारी मलबा आया। इससे मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। सैकड़ों यात्री मार्ग में जगह-जगह फंसे रहे। साढ़े दस बजे यातायात को रिंग रोड पुल की ओर मोड़कर सुचारु किया गया। तब जाकर यात्रियों ने राहत की सांस ली। बागेश्वर-कपकोट मार्ग पर हरसीला के पास भूस्लखन के बाद दरकी पहाड़ी का मलबा व कुछ पेड़ सड़क पर आ गिरे। इसके साथ ही सड़क पर यातायात ठप हो गया। मलबा आने से कपकोट-लीली, शामा-लीती, लीती बाजार-लीती गांव, डंगोली-सैलानी, गनीगांव मोटर मार्ग भी बंद हो गए हैं। किड़ई-अना-लोहारचारा-गैरलेख मोटर मार्ग के किमी सात पर एक पेड़ टूट कर सड़क पर गिर गया। इससे सड़क पर दोनों ओर कई वाहन फंस गए। सड़क पर दो घंटा से अधिक जाम लगा रहा। पेड़ काटने के बाद जाम खुलवाया गया। सड़कें बंद होने से वाहनों की रफ्तार पर तो ब्रेक लगा ही, यात्रियों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ी। खराब मौसम और हालातों के बीच यात्रियों को जोखिम में सफर करना पड़ा।
तीन आवासीय भवन बुरी तरह क्षतिग्रस्त, तीन मकानों को हल्का नुकसान
बागेश्वर। आपदा की मार से आवासीय भवनों को नुकसान की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। जिले में बारिश के बीच तीन और मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जबकि तीन आवासीय भवनों को हल्का नुकसान हुआ है।
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सोमवार को जिला आपदा कंट्रोल रूम की सूचना के मुताबिक बागेश्वर तहसील के जौलगांव में कमला देवी, गरुड़ तहसील के बैगांव कालरो में महेंद्र सिंह, रिठाड़ में नंदी देवी का आवासीय मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। तहसील कांडा में सकंयूड़ा गांव में रमेश राम और प्रिया देवी का मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। जबकि कपकोट तहसील में बारिश से इंद्रा देवी का मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सूचना पर राजस्व कर्मियों ने प्रभावित स्थलों का मौका मुआयना किया।
बिजली लाइनों पर गिरे पेड़, सुचारु नहीं हुई पेयजल योजनाएं
बागेश्वर। बारिश के चलते पेयजल और बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही। पेयजल योजनाओं का फिल्टरेशन प्रभावित रहा। क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं की मरम्मत नहीं हो पाई। दूसरी तरफ जगह-जगह बिजली की लाइनों पर पेड़ गिरने से कई जगहों पर बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। 33 केवीए लाइन पर पेड़ गिरने से कपकोट की बिजली सुबह से ही गुल रही। सोमवार को कपकोट लाइन पर पेड़ गिर गया। इससे पूरे कपकोट क्षेत्र की बिजली गुल हो गई। सूचना मिलने पर यूपीसीएल की टीम ने मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। अभी तक आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई। इधर, बारिश के बाद सरयू और गोमती का जलस्तर बढ़ गया। बागेश्वर में सरयू खतरे के निशान से साढ़े तीन मीटर नीचे बही। कपकोट में भी सरयू उफनाई रही। गोमती के पानी में काफी सिल्ट आ रहा है। इससे पेयजल योजनाओं का फिल्टरेशन प्रभावित हुआ। बारिश और मलबा आने से कपकोट विकास खंड की पेयजल योजनाएं भी सुचारु नहीं हो पाई।
खूब कहर बरपा रहा मानसून
बागेश्वर। इस बार भी मानसून खूब कहर बरपा रहा है। इस सीजन में 15 जून से लेकर अब तक जिले में दो पक्के मकान टूट चुके हैं। जबकि चार को काफी नुकसान पहुंचा है। ये मकान गिरने के कगार पर आ गए हैं। आपदा की मार से तीन गौशाला ध्वस्त हो चुकी है। जबकि 13 मवेशी मारे जा चुके हैं। यह बात अलग है कि कई घटनाएं अभी सरकार रिकार्ड में दर्ज नहीं हो पाई है। नुकसान का संभावित आंकड़ा ज्यादा बड़ा है।
जिले में हुई बारिश
बागेश्वर- 5 एमएम
कपकोट-25 एमएम
गरुड़- 5 एमएम
जिले में बंद मोटर मार्ग
= कपकोट-पिंडारी
= खड़लेख-भनार
= बागेश्वर-कपकोट
= शामा-लीती
= लीती बाजार-लीती गांव
= डंगोली-सैलानी
= गनीगांव
= कपकोट-लीली
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सोमवार को मलबा आने से बागेश्वर-बैजनाथ सड़क किमी सात पर सुबह छह बजे बंद हो गई। इस मार्ग पर द्यांगण कॉजवे पर भारी मलबा आया। इससे मार्ग पर दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। सैकड़ों यात्री मार्ग में जगह-जगह फंसे रहे। साढ़े दस बजे यातायात को रिंग रोड पुल की ओर मोड़कर सुचारु किया गया। तब जाकर यात्रियों ने राहत की सांस ली। बागेश्वर-कपकोट मार्ग पर हरसीला के पास भूस्लखन के बाद दरकी पहाड़ी का मलबा व कुछ पेड़ सड़क पर आ गिरे। इसके साथ ही सड़क पर यातायात ठप हो गया। मलबा आने से कपकोट-लीली, शामा-लीती, लीती बाजार-लीती गांव, डंगोली-सैलानी, गनीगांव मोटर मार्ग भी बंद हो गए हैं। किड़ई-अना-लोहारचारा-गैरलेख मोटर मार्ग के किमी सात पर एक पेड़ टूट कर सड़क पर गिर गया। इससे सड़क पर दोनों ओर कई वाहन फंस गए। सड़क पर दो घंटा से अधिक जाम लगा रहा। पेड़ काटने के बाद जाम खुलवाया गया। सड़कें बंद होने से वाहनों की रफ्तार पर तो ब्रेक लगा ही, यात्रियों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ी। खराब मौसम और हालातों के बीच यात्रियों को जोखिम में सफर करना पड़ा।
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तीन आवासीय भवन बुरी तरह क्षतिग्रस्त, तीन मकानों को हल्का नुकसान
बागेश्वर। आपदा की मार से आवासीय भवनों को नुकसान की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। जिले में बारिश के बीच तीन और मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। जबकि तीन आवासीय भवनों को हल्का नुकसान हुआ है।
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सोमवार को जिला आपदा कंट्रोल रूम की सूचना के मुताबिक बागेश्वर तहसील के जौलगांव में कमला देवी, गरुड़ तहसील के बैगांव कालरो में महेंद्र सिंह, रिठाड़ में नंदी देवी का आवासीय मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। तहसील कांडा में सकंयूड़ा गांव में रमेश राम और प्रिया देवी का मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। जबकि कपकोट तहसील में बारिश से इंद्रा देवी का मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सूचना पर राजस्व कर्मियों ने प्रभावित स्थलों का मौका मुआयना किया।
बिजली लाइनों पर गिरे पेड़, सुचारु नहीं हुई पेयजल योजनाएं
बागेश्वर। बारिश के चलते पेयजल और बिजली आपूर्ति भी प्रभावित रही। पेयजल योजनाओं का फिल्टरेशन प्रभावित रहा। क्षतिग्रस्त पेयजल योजनाओं की मरम्मत नहीं हो पाई। दूसरी तरफ जगह-जगह बिजली की लाइनों पर पेड़ गिरने से कई जगहों पर बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। 33 केवीए लाइन पर पेड़ गिरने से कपकोट की बिजली सुबह से ही गुल रही। सोमवार को कपकोट लाइन पर पेड़ गिर गया। इससे पूरे कपकोट क्षेत्र की बिजली गुल हो गई। सूचना मिलने पर यूपीसीएल की टीम ने मरम्मत का काम शुरू कर दिया है। अभी तक आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई। इधर, बारिश के बाद सरयू और गोमती का जलस्तर बढ़ गया। बागेश्वर में सरयू खतरे के निशान से साढ़े तीन मीटर नीचे बही। कपकोट में भी सरयू उफनाई रही। गोमती के पानी में काफी सिल्ट आ रहा है। इससे पेयजल योजनाओं का फिल्टरेशन प्रभावित हुआ। बारिश और मलबा आने से कपकोट विकास खंड की पेयजल योजनाएं भी सुचारु नहीं हो पाई।
खूब कहर बरपा रहा मानसून
बागेश्वर। इस बार भी मानसून खूब कहर बरपा रहा है। इस सीजन में 15 जून से लेकर अब तक जिले में दो पक्के मकान टूट चुके हैं। जबकि चार को काफी नुकसान पहुंचा है। ये मकान गिरने के कगार पर आ गए हैं। आपदा की मार से तीन गौशाला ध्वस्त हो चुकी है। जबकि 13 मवेशी मारे जा चुके हैं। यह बात अलग है कि कई घटनाएं अभी सरकार रिकार्ड में दर्ज नहीं हो पाई है। नुकसान का संभावित आंकड़ा ज्यादा बड़ा है।
जिले में हुई बारिश
बागेश्वर- 5 एमएम
कपकोट-25 एमएम
गरुड़- 5 एमएम
जिले में बंद मोटर मार्ग
= कपकोट-पिंडारी
= खड़लेख-भनार
= बागेश्वर-कपकोट
= शामा-लीती
= लीती बाजार-लीती गांव
= डंगोली-सैलानी
= गनीगांव
= कपकोट-लीली