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गलत के खिलाफ आवाज उठाएं : राधा
Sun, 08 Jun 2025 11:56 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Sun, 08 Jun 2025 11:56 PM IST
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कौसानी (बागेश्वर)। पर्यटन नगरी में यूथ फॉर ट्रुथ कार्यशाला जारी रही। अनासक्ति आश्रम में चल रहे आयोजन के दूसरे दिन देशभर से आए गांधीवादी विचारकों को पद्मश्री राधा भट्ट ने संबोधित किया। उन्होंने युवाओं से डर से बाहर निकलकर गलत के खिलाफ बोलने की हिम्मत जुटाने को कहा। कार्यशाला में 55 विचारक और युवा भागीदारी कर रहे हैं।
रविवार को पद्मश्री राधा बहन ने कहा कि आज देश में सद्भावना का वातावरण नहीं है। इसे बदलने के लिए युवाओं को आगे आना होगा। युवा अगर संघर्ष और त्याग छोड़कर आराम करेगा तो किसी भी हाल में बदलाव नहीं होगा।
कहा कि हम महात्मा गांधी की शिक्षा नीति को आगे लेकर नहीं चल सके। गांधी विचार को किसी भी सरकार में मान्यता नहीं मिली। कहा कि धर्म के नाम पर जो बंटवारा हो रहा है वही अधर्म है। आज के युवा को समझना होगा कि भाईचारे से ही देश का भविष्य उज्ज्वल होगा।
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विचारक राम दत्त त्रिपाठी ने कहा कि परिस्थितियां तो गांधी के सामने भी कठिन थी लेकिन उन्होंने डटकर चुनौतियों का सामना किया। उत्तर प्रदेश सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष राम धीरज ने कहा कि विचार की शक्ति के साथ आजीविका भी जरूरी है।
अर्थशास्त्री प्रो. सुदर्शन अयंगर ने कहा कि आज आंदोलनों का दौर खत्म हो चुका है। इस मौके पर राजीव लोचन शाह, दिनेश उपाध्याय, नीमा वैष्णव, बसंत पांडे, रमेश मुमुक्षु, डॉ. सीपी जोशी आदि मौजूद रहे।
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रविवार को पद्मश्री राधा बहन ने कहा कि आज देश में सद्भावना का वातावरण नहीं है। इसे बदलने के लिए युवाओं को आगे आना होगा। युवा अगर संघर्ष और त्याग छोड़कर आराम करेगा तो किसी भी हाल में बदलाव नहीं होगा।
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कहा कि हम महात्मा गांधी की शिक्षा नीति को आगे लेकर नहीं चल सके। गांधी विचार को किसी भी सरकार में मान्यता नहीं मिली। कहा कि धर्म के नाम पर जो बंटवारा हो रहा है वही अधर्म है। आज के युवा को समझना होगा कि भाईचारे से ही देश का भविष्य उज्ज्वल होगा।
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विचारक राम दत्त त्रिपाठी ने कहा कि परिस्थितियां तो गांधी के सामने भी कठिन थी लेकिन उन्होंने डटकर चुनौतियों का सामना किया। उत्तर प्रदेश सर्वोदय मंडल के अध्यक्ष राम धीरज ने कहा कि विचार की शक्ति के साथ आजीविका भी जरूरी है।
अर्थशास्त्री प्रो. सुदर्शन अयंगर ने कहा कि आज आंदोलनों का दौर खत्म हो चुका है। इस मौके पर राजीव लोचन शाह, दिनेश उपाध्याय, नीमा वैष्णव, बसंत पांडे, रमेश मुमुक्षु, डॉ. सीपी जोशी आदि मौजूद रहे।