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दो कमरों में संचालित हो रहा दुगनाकुरी का आईटीआई
ब्यूरो/अमर उजाला ब्यूरो, दुगनाकुरी (बागेश्वर)।
Updated Thu, 18 Feb 2016 12:18 AM IST
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दुगनाकुरी में खोला गया औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) बदहाल है। इंटर कॉलेज के दो कमरों में संचालित हो रहे इस आईटीआई में मात्र दो ट्रेड संचालित हो रहे हैं। जिनमें एक अनुदेशक संविदा में तैनात है। हालात यह है कि सुविधाओं के अभाव में हर साल छात्रों की तादाद घटती जा रही है।
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क्षेत्र के युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही तकनीकी शिक्षा देने के लिए भाजपा शासनकाल में वर्ष 2011 में दुगनाकुरी में आईटीआई खोला गया। पांच वर्ष पूर्व लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज के दो कमरों में खुले इस आईटीआई का संचालन आज भी इन्हीं दो कक्षों में हो रहा है।
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इस आईटीआई में चार ट्रेड वेल्डर, कटिंग, टेलरिंग, मोटर मैकेनिक, इलेक्ट्रीशियन स्वीकृत हुए थे। इनमें से केवल कटिंग टेलरिंग, इलेक्ट्रीशियन ट्रेडों का ही संचालन इस समय हो रहा है। इनमें भी कटिंग, टेलरिंग ट्रेड में संविदा पर इंस्ट्रक्टर को नियुक्त किया गया है।
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इस संस्थान में न तो प्रधानाचार्य हैं और न ही लिपिक। पिथौरागढ़ के प्रधानाचार्य और कांडा आईटीआई के लिपिक दुग नाकुरी आईटीआई का काम भी देखते हैं। प्रधानाचार्य और लिपिक के पास दूसरी आईटीआई का भी जिम्मा है। आईटीआई भवन के लिए जमीन चयन होने के बाद रजिस्ट्री भी हो चुकी है, लेकिन इससे आगे कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
भवन, प्रयोगशाला, संसाधनों के अभाव में किस तरह छात्र तकनीकी शिक्षा प्राप्त करते होंगे। इसका सहज ही अनुमान लगाया जा सकता है। आईटीआई की इस उपेक्षा के चलते हर साल छात्रों की संख्या घटती जा रही है। इस समय इस संस्थान में कटिंग, टेलरिंग में 12, इलेक्ट्रीशियन में 10 छात्र रह गए हैं।
इसके बावजूद दुगनाकुरी आईटीआई से महज दो किमी की दूरी पर खुनौली में एक और आईटीआई खोलने की तैयारी हो रही है। जब पुराना आईटीआई बदहाल है तो नए संस्थान की स्वयं कल्पना की जा सकती है।