{"_id":"57852dc94f1c1ba55313e2cc","slug":"drinking-water-farmers-are-planting","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीने के पानी से किसान कर रहे रोपाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीने के पानी से किसान कर रहे रोपाई
अमर उजाला ब्यूरो, बागेश्वर
Updated Tue, 12 Jul 2016 11:20 PM IST
विज्ञापन
पौधरोपण
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कृषि और सब्जियों का उत्पादन दोगुना करने के लिए सरकार ने कई कार्यक्रम चलाए हैं। देश की आजादी के बाद सेेेे अब तक न जाने सिंचाई की कितनी नहरें, गूल, टैंक और पंपिंग योजनाएं बनी होंगी लेकिन कपकोट ब्लाक के दूरस्थ कालापैर काभड़ी के काश्तकारों को इनका लाभ आज तक नहीं मिल सका है। काश्तकार पीने के पानी से धान रोपाई करने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
लघु डाल खंड विभाग बीते नौ साल से योजना का प्रस्ताव भेजता रहा है। लेकिन शासन से आज तक बजट नहीं हो सका है। काश्तकारों का कहना है कि सिंचाई की सुविधा नहीं होने के कारण अब उनका कृषि और सब्जियों से मोह भंग होता जा रहा है। कपकोट ब्लाक के पूर्वी राम गंगा से महज 300 मीटर की दूरी पर स्थित कालापैर काभड़ी गांव के काश्तकारों के समतल और सीढ़ी दार खेत हैं। इन खेतों में अनाज और सब्जियों की गजब की उर्वरा शक्ति है। किसान सिंचाई के जरिए खेतों को अच्छा उत्पादन वाला बनाना चाहते हैं।
विज्ञापन
इसके लिए वह कई दशक से प्रयासरत भी हैं अब तक कई सरकारें आई गई लेकिन सिंचाई के लिए पंपिंग योजना बनाने की तमन्ना आज तक पूरी नहीं हो सकी है। नेता भी योजना का निर्माण अब होगा तब होगा का आश्वासन देते थक नहीं रहे हैं।
विज्ञापन