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और राज्यों मिल रही प्रोत्साहन राशि, उत्तराखंड में कटौती क्यों
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बागेश्वर/अल्मोड़ा। मांगों पर कार्यवाही नहीं होने से नाराज डॉक्टरों ने मंगलवार को बांह में काला फीता बांधकर विरोध जताया। डॉक्टरों ने पूरा वेतन देने, कार्य में प्रशासनिक हस्तक्षेप नहीं करने, पीजी के लिए भेजे गए डॉक्टरों को पूरा वेतन दिए जाने की मांग पूरी नहीं होने पर आठ सितंबर को सामूहिक इस्तीफा देने की चेतावनी दी।
बागेश्वर जिला चिकित्सालय के सोमवार को मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए डॉक्टरों ने कहा कि कोरोना काल में भी वह पूरी ईमानदारी के साथ कार्य कर रहे हैं। इसके बाद भी उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है। कोरोना से जंग लड़ रहे डॉक्टरों को अन्य राज्यों में प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। लेकिन उत्तराखंड प्रदेश में हर माह डॉक्टरों का एक दिन का वेतन काटा जा रहा है।
उन्होंने सीएम द्वारा की गई घोषणा का शासनादेश जारी नहीं करने पर भी रोष जताया। कहा कि डॉक्टरों के कार्य पर प्रशासनिक हस्तक्षेप कर उनके सम्मान को ठेस पहुंचाई जा रही है। उनका कहना है कि वह सात दिन तक काली पट्टी बांधकर विरोध करेंगे। इसके बाद भी अगर उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो वह आठ सितंबर को सामूहिक इस्तीफा देने को बाध्य होंगे। इधर अल्मोड़ा बेस अस्पताल में भी चिकित्सकों ने सांकेतिक प्रदर्शन किया।
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बागेश्वर जिला चिकित्सालय के सोमवार को मांगों को लेकर नारेबाजी करते हुए डॉक्टरों ने कहा कि कोरोना काल में भी वह पूरी ईमानदारी के साथ कार्य कर रहे हैं। इसके बाद भी उनकी मांगों की अनदेखी की जा रही है। कोरोना से जंग लड़ रहे डॉक्टरों को अन्य राज्यों में प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। लेकिन उत्तराखंड प्रदेश में हर माह डॉक्टरों का एक दिन का वेतन काटा जा रहा है।
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उन्होंने सीएम द्वारा की गई घोषणा का शासनादेश जारी नहीं करने पर भी रोष जताया। कहा कि डॉक्टरों के कार्य पर प्रशासनिक हस्तक्षेप कर उनके सम्मान को ठेस पहुंचाई जा रही है। उनका कहना है कि वह सात दिन तक काली पट्टी बांधकर विरोध करेंगे। इसके बाद भी अगर उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो वह आठ सितंबर को सामूहिक इस्तीफा देने को बाध्य होंगे। इधर अल्मोड़ा बेस अस्पताल में भी चिकित्सकों ने सांकेतिक प्रदर्शन किया।
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