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पैदल चलने से कतराए, एक ही गांव में दो बोर्ड लगाए
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बागेश्वर के जौलकांडे गांव में लगा बडोली गांव के ओडीएफ होने का बोर्ड।
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। केंद्र सरकार के निर्देश पर जिले में स्वच्छता अभियान चल रहा है। गांवों को खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) होने का बोर्ड भी बनाया जा रहा है। इसका काम किसी संस्था को दिया जा रहा है। इसमें भी अधिकारियों की लापरवाही उजागर हो रही है। पैदल चलने के डर से कर्मचारियों ने एक ही गांव में दो गांवों के ओडीएफ होने का बोर्ड लगा दिया।
विकासखंड के जौलकांडे गांव को पूर्व में ही ओडीएफ घोषित किया गया, जिसका बोर्ड भी गांव में सड़क किनारे लगाया गया है। गांव से करीब चार किमी दूर स्थित गांव बडोली को खुले में शौच मुक्त गांव घोषित किया गया। इस गांव में भी बोर्ड लगना था लेकिन करीब चार किमी दूर पैदल मार्ग होने के कारण बोर्ड लगाने वाले कर्मचारियों ने जौलकांडे गांव में ओडीएफ के बोर्ड से करीब 400 मीटर की दूरी पर बडोली गांव का बोर्ड भी लगा दिया।
ग्रामीण अशोक लोहनी, दीपक कुमार, किशोर चंद्र, हेमंत कुमार, मुन्ना सिंह ने बताया कि पूर्व में शीशाखानी गांव का बोर्ड भी इस गांव में लगा था, जिसे बाद में शीशाखानी ले जाया गया लेकिन बडोली गांव के बोर्ड को गांव में ही लगाया गया है। बडोली के ग्रामीणों ने यह बोर्ड उनके गांव में लगाने की मांग की है। बताया कि गांव में बडोली गांव का बोर्ड लगने के कारण कई बाहर से आने वाले लोग गांव के नाम पर शक जता रहे हैं। उन्होंने बोर्ड को हटाने और लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की है।
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विकासखंड के जौलकांडे गांव को पूर्व में ही ओडीएफ घोषित किया गया, जिसका बोर्ड भी गांव में सड़क किनारे लगाया गया है। गांव से करीब चार किमी दूर स्थित गांव बडोली को खुले में शौच मुक्त गांव घोषित किया गया। इस गांव में भी बोर्ड लगना था लेकिन करीब चार किमी दूर पैदल मार्ग होने के कारण बोर्ड लगाने वाले कर्मचारियों ने जौलकांडे गांव में ओडीएफ के बोर्ड से करीब 400 मीटर की दूरी पर बडोली गांव का बोर्ड भी लगा दिया।
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ग्रामीण अशोक लोहनी, दीपक कुमार, किशोर चंद्र, हेमंत कुमार, मुन्ना सिंह ने बताया कि पूर्व में शीशाखानी गांव का बोर्ड भी इस गांव में लगा था, जिसे बाद में शीशाखानी ले जाया गया लेकिन बडोली गांव के बोर्ड को गांव में ही लगाया गया है। बडोली के ग्रामीणों ने यह बोर्ड उनके गांव में लगाने की मांग की है। बताया कि गांव में बडोली गांव का बोर्ड लगने के कारण कई बाहर से आने वाले लोग गांव के नाम पर शक जता रहे हैं। उन्होंने बोर्ड को हटाने और लापरवाही करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की है।
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