नहीं बन सका डिग्री कालेज भवन
राजकीय महाविद्यालय कपकोट का भवन दस साल बाद भी नहीं बन सका है। कॉलेज की कक्षाएं इंटर कॉलेज असों के चार कक्षों और ब्लॉक के विपणन केंद्र भवन में चल रही हैं। बढ़ती छात्र संख्या के चलते अब यह कमरे भी कम पड़ने लगे हैं। क्षेत्र के लोगों को उमीद है कि भवन 2016 में बन ही जाएंगे।
राजकीय महाविद्यालय कपकोट की स्थापना 2005 में हो गई थी। तब से इसका भवन नहीं बन सका है।
भवनों के निर्माण के लिए असों ग्राम पंचायत के पतैया बगड़ में 1.66 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध है। इस भूमि को वन अधिनियम से स्वीकृति मिल चुकी है जबकि शेष 0.38 हेक्टेयर भूमि को वन अधिनियम की स्वीकृति मिलनी शेष है।
महाविद्यालय को ग्रेजुएशन के कला संकाय में हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत समाजशास्त्र, चित्रकला, इतिहास, गृहविज्ञान, राजनीति शास्त्र, शिक्षा, अर्थशास्त्र विषय की मान्यता है जबकि मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप गत 30 नवंबर को स्नांतकोत्तर स्तर पर चित्रकला, गृहविज्ञान विषय के लिए पैनल हो चुका है।
महाविद्यालय को इंटर कॉलेज असों के चार कक्षों और ब्लॉक का विपणन केंद्र भवन उपलब्ध कराया गया है। महाविद्यालय में इस सत्र में 328 छात्र-छात्राएं रजिस्टर्ड हैं। बढ़ती छात्र संख्या के आगे यह भवन भी कम पड़ने लगे हैं।