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सगे भाइयों की मौत का रहस्य गहराया, जहर सेवन के कारणों का नहीं चला पता
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बागेश्वर। कांडा तहसील के ढप्टी गांव में दो भाइयों की संदिग्ध हालत में जहर से मौत के मामले का खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस जहर खाने/खिलाने के कारणों का पता नहीं लगा सकी है। दो जवान लड़कों की मौत से बूढ़ी मां बेसुध है, वहीं प्रकाश की पत्नी का भी रो-रोकर बुरा हाल है।
ढप्टी गांव निवासी प्रकाश सिंह और भूपाल सिंह की शनिवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पुलिस के अनुुसार मौत का कारण जहर खाना बताया गया। जिला अस्पताल में युवकों के शव का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर एलएस बृजवाल ने भी शरीर में किसी तरह के चोट का निशान होने से इनकार किया।
उनके अनुसार मौत जहर से हो सकती है, हालांकि विस्तृत जानकारी रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगी। इधर कांडा के थानाध्यक्ष महेंद्र प्रसाद ने कहा कि घटनास्थल गांव से अलग है।
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एकांत में घर होने के कारण ग्रामीणों को भी युवकों की मौत के कारण की कोई जानकारी नहीं है। घर में मृतकों के अलावा उनकी मां, प्रकाश की पत्नी और बच्चा ही था। हादसे के बाद घर की महिलाएं कुछ भी बता पाने की स्थिति में नहीं हैं। इससे मौत के कारण का पता नहीं चल सका है। पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विसरा जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
भूपाल ने कोरोना से जीती थी जंग
बागेश्वर। मृतक भूपाल कुछ दिन पहले गुजरात से घर लौटा था। इस दौरान उसकी कोविड जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। थानाध्यक्ष प्रसाद ने बताया कि वह 20 अप्रैल को संक्रमित पाया गया। 30 अप्रैल को उसने कोरोना को मात दी थी। इसके बाद वह सात दिनों के होम क्वारंटीन भी भी रहा।
ढप्टी गांव में हुई दो भाइयों की मौत संबंधी घटना की जांच की जा रही है। थानाध्यक्ष मामले की जांच में जुटे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार है। फिलहाल जहर खाने के कारणों का पता नहीं चल सका है।
- शिवराज सिंह राणा, सीओ बागेश्वर।
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ढप्टी गांव निवासी प्रकाश सिंह और भूपाल सिंह की शनिवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पुलिस के अनुुसार मौत का कारण जहर खाना बताया गया। जिला अस्पताल में युवकों के शव का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर एलएस बृजवाल ने भी शरीर में किसी तरह के चोट का निशान होने से इनकार किया।
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उनके अनुसार मौत जहर से हो सकती है, हालांकि विस्तृत जानकारी रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगी। इधर कांडा के थानाध्यक्ष महेंद्र प्रसाद ने कहा कि घटनास्थल गांव से अलग है।
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एकांत में घर होने के कारण ग्रामीणों को भी युवकों की मौत के कारण की कोई जानकारी नहीं है। घर में मृतकों के अलावा उनकी मां, प्रकाश की पत्नी और बच्चा ही था। हादसे के बाद घर की महिलाएं कुछ भी बता पाने की स्थिति में नहीं हैं। इससे मौत के कारण का पता नहीं चल सका है। पुलिस को पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विसरा जांच रिपोर्ट का इंतजार है।
भूपाल ने कोरोना से जीती थी जंग
बागेश्वर। मृतक भूपाल कुछ दिन पहले गुजरात से घर लौटा था। इस दौरान उसकी कोविड जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। थानाध्यक्ष प्रसाद ने बताया कि वह 20 अप्रैल को संक्रमित पाया गया। 30 अप्रैल को उसने कोरोना को मात दी थी। इसके बाद वह सात दिनों के होम क्वारंटीन भी भी रहा।
ढप्टी गांव में हुई दो भाइयों की मौत संबंधी घटना की जांच की जा रही है। थानाध्यक्ष मामले की जांच में जुटे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का भी इंतजार है। फिलहाल जहर खाने के कारणों का पता नहीं चल सका है।
- शिवराज सिंह राणा, सीओ बागेश्वर।