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डीडीओ ने दिए गरुड़ के बीडीओ का वेतन रोकने के निर्देश
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बागेश्वर के गरुड़ ब्लॉक कार्यालय में मनरेगा कार्यों की समीक्षा करते डीडीओ। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : BAGESHWAR
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बागेश्वर। विकासखंड गरुड़ में मनरेगा की कार्यों की खराब प्रगति की गाज बीडीओ सहित छह अन्य कर्मचारियों पर गिरी है। डीडीओ केएन तिवारी ने खंड विकास अधिकारी का वेतन प्रगति में सुधार आने तक रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने छह अन्य कर्मचारियों को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया। इनमें एक वीडीओ को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि के साथ कारण बताओ नोटिस दिया गया है।
बीते चार मार्च को मनरेगा योजना की समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी विनीत कुमार ने गरुड़ ब्लॉक में मनरेगा कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई थी। रविवार को डीडीओ तिवारी ने गरुड़ में अधिकारियों के साथ बैठक कर मनरेगा कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसी भी ग्राम विकास अधिकारी ने 50 दिन के अतिरिक्त रोजगार के लिए जारी निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया, जो खेद का विषय है। कहा कि 2019-20 की कार्यपूर्ति दर 45.01 है, जो बेहद खराब है। 204 कार्य अब भी प्रगति में हैं। उन्होंने 31 मार्च तक कार्यों को पूरा कराने के लिए माइक्रो प्लान तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देेश दिए। रिजेक्ट ट्रांजेक्शन पेंडिंग को भी तत्काल ठीक कराने को कहा।
उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण के कार्य जल्द पूरे कराने को कहा। 100 दिन के रोजगार में मात्र 340 परिवार होने पर इसकी प्रगति में सुधार लाने के भी निर्देश दिए। 90 दिन का कार्य पूरे कर चुकेे लोगों की लिस्ट निकालकर नए कार्य में लगाने को भी कहा। उन्होंने कहा कि मानकों के सापेक्ष कई कार्य नहीं हुए हैैं। प्रगति भी काफी धीमी चल रही है। जिसमें तत्काल सुुधार लाने की जरूरत है। बैठक में बीडीओ त्रिलोक सिंह भाकुनी, सहायक खंड विकास अधिकारी देवेंद्र तिवारी, ग्राम विकास अधिकारी देवेंद्र पुरी आदि मौजूद रहे।
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इन पर हुई कार्रवाई
बागेश्वर। डीडीओ तिवारी ने प्रगति खराब होने का प्रमुख कारण खंड विकास अधिकारी की निष्क्रियता के साथ ग्राम विकास अधिकारियों का अपने दायित्वों के प्रति लापरवाही बरतने को माना। उन्होंने ग्राम विकास अधिकारी मुकुल आर्या को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि के साथ और ग्राम विकास अधिकारी प्रभात जोशी, दीपक मरवाल, चंद्र शेखर लोहनी को कारण बताओ नोटिस दिया। मनरेगा जेई सतीश बोरा और आसिफ खान को समय पर एमबी न करने पर कारण बताओ नोटिस दिया। खंड विकास अधिकारी भाकुनी का वेतन प्रगति में सुधार आने तक रोकने के निर्देश दिए। (संवाद)
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बीते चार मार्च को मनरेगा योजना की समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी विनीत कुमार ने गरुड़ ब्लॉक में मनरेगा कार्यों की धीमी प्रगति पर नाराजगी जताई थी। रविवार को डीडीओ तिवारी ने गरुड़ में अधिकारियों के साथ बैठक कर मनरेगा कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि किसी भी ग्राम विकास अधिकारी ने 50 दिन के अतिरिक्त रोजगार के लिए जारी निर्देशों को गंभीरता से नहीं लिया, जो खेद का विषय है। कहा कि 2019-20 की कार्यपूर्ति दर 45.01 है, जो बेहद खराब है। 204 कार्य अब भी प्रगति में हैं। उन्होंने 31 मार्च तक कार्यों को पूरा कराने के लिए माइक्रो प्लान तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देेश दिए। रिजेक्ट ट्रांजेक्शन पेंडिंग को भी तत्काल ठीक कराने को कहा।
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उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण के कार्य जल्द पूरे कराने को कहा। 100 दिन के रोजगार में मात्र 340 परिवार होने पर इसकी प्रगति में सुधार लाने के भी निर्देश दिए। 90 दिन का कार्य पूरे कर चुकेे लोगों की लिस्ट निकालकर नए कार्य में लगाने को भी कहा। उन्होंने कहा कि मानकों के सापेक्ष कई कार्य नहीं हुए हैैं। प्रगति भी काफी धीमी चल रही है। जिसमें तत्काल सुुधार लाने की जरूरत है। बैठक में बीडीओ त्रिलोक सिंह भाकुनी, सहायक खंड विकास अधिकारी देवेंद्र तिवारी, ग्राम विकास अधिकारी देवेंद्र पुरी आदि मौजूद रहे।
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इन पर हुई कार्रवाई
बागेश्वर। डीडीओ तिवारी ने प्रगति खराब होने का प्रमुख कारण खंड विकास अधिकारी की निष्क्रियता के साथ ग्राम विकास अधिकारियों का अपने दायित्वों के प्रति लापरवाही बरतने को माना। उन्होंने ग्राम विकास अधिकारी मुकुल आर्या को विशेष प्रतिकूल प्रविष्टि के साथ और ग्राम विकास अधिकारी प्रभात जोशी, दीपक मरवाल, चंद्र शेखर लोहनी को कारण बताओ नोटिस दिया। मनरेगा जेई सतीश बोरा और आसिफ खान को समय पर एमबी न करने पर कारण बताओ नोटिस दिया। खंड विकास अधिकारी भाकुनी का वेतन प्रगति में सुधार आने तक रोकने के निर्देश दिए। (संवाद)