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तेंदुए की दो खालों के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

Thu, 17 Jan 2019 11:02 PM IST
Almora desk ब्यूरो/अमर उजाला/बागेश्वर
ब्यूरो/अमर उजाला/बागेश्वर Published by: Almora desk Updated Thu, 17 Jan 2019 11:02 PM IST
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Two smugglers arrested with leopard skins
बागेश्वर में पुलिस टीम के साथ वन्य जीव अंगों के तस्कर। - फोटो : अमर उजाला

पुलिस ने वन्य जीव अंगों के दो तस्करों को दबोचा है। इनसे तेंदुए की दो खालें बरामद हुई हैं। पुलिस तस्करों के बाकी सदस्यों का सुराग लगाने में जुट गई है। 

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एसपी लोकेश्वर सिंह ने बृहस्पतिवार को प्रेस वार्ता में बताया कि पुलिस को वन्य जीव अंगों के तस्करों के बारे में सूचना मिली थी।  इस पर  पुलिस, एसओजी और वन विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से चेकिंग अभियान चलाया। बृहस्पतिवार तड़के टीम ने मुखबिर की सूचना पर नीलेश्वर मंदिर के समीप आरे द्यांगण बाईपास से दो युवकों को धर दबोचा। तलाशी लेने पर उनके थैले से तेंदुए की दो खालें बरामद हुईं।
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पूछताछ में दोनों ने अपना नाम लक्ष्मी नारायण गोस्वमी निवासी तल्ला बिलौना और पुष्कर सिंह पांडा निवासी भागीरथी मंडलसेरा बताया। दोनों इन खालों का सौदा करने हल्द्वानी और दिल्ली जा रहे थे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ  वन्य जीव जंतु संरक्षण अधिनियम 429 सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। देर सायं दोनों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। एसपी सिंह ने टीम को नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है। 
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टीम में ये रहे शामिल
 एसएसआई कैलाश बिष्ट, रवींद्र सिंह, विजय सिंह, महेंद्र सिंह, हेम मठपाल, चंदन राम, बसंत पंत, वन दरोगा भूपाल राम शामिल थे।  

खाल पर नहीं है निशान, जहर देकर मारने आशंका 
 पुलिस जांच में सामने आया है कि खाल पर एक भी कट, चोट का निशान नहीं है। ऐसे में पुलिस मान रही है कि तेंदुए को जहर देकर मारा गया होगा। गोली, हथियार का उपयोग होने पर खाल का निशान होता। खाल पर निशान नहीं होने पर इसके दाम बढ़ जाते हैं। खाल भी दो-तीन दिन पुरानी बताई जा रही है।


सर्दी बढ़ जाती है वन्य जीवों के अंगों की तस्करी
सर्दियों में उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पाए जाने वाले वन्य जीव निचले क्षेत्रों में आते हैं। ऐसे में इन वन्य जीवों की तलाश में बैठेे शिकारी इनको अपना निशाना बनाते हैं। बाद में उनके अंगों की तस्करी करते हैं।  

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