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रसोई गैस को लेकर मचा हाहाकार
ब्यूरो /अमर उजाला, बागेश्वर।
Updated Sun, 29 Nov 2015 12:32 AM IST
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जिले में रसोई गैस की किल्लत बढ़ती जा रही है। रसोई गैस को लेकर लोग देर रात तक इंतजार कर रहे हैं। इसके बावजूद निराश होकर खाली सिलेंडर लेकर लौटने को मजबूर हैं। गैस नहीं मिलने से विवाह के कार्यक्रम भी प्रभावित होने लगे हैं।
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ऐसे में ईंधन के लिए लोग पेड़ काटने को मजबूर हैं। इस कारण जहां वर्षाकाल में बाढ़ भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है, वहीं जलस्रोतों में पानी की मात्रा घटने का भी खतरा है। गुस्साए लोगों ने गैस की आपूर्ति शीघ्र सुचारु न होने पर आंदोलन की चेेतावनी दी है।
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जिले में रसोई गैस के कुल 44 हजार कनेक्शन हैं। इनमें नगर, कपकोट, गरुड़, कांडा में क्रमश: 23000, छह हजार, सात, आठ हजार उपभोक्ता हैं। यहां करीब 18 दिन से रसोई गैस की किल्लत है। लोग गैस के लिए निर्धारित वितरणस्थलों पर सुबह पहुंच जाते हैं।
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शाम तक गैस की गाड़ी के न पहुंचने से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि गैस की नियमित आपूर्ति के लिए एजेंसियों से कई बार संपर्क किया गया है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है। गैस की आपूर्ति चरमराने का असर विवाह समारोहों पर भी पड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में खाना बनाने के लिए लोगों को मिट्टी तेल की भी पर्याप्त मात्रा में आपूर्ति नहीं हो पा रही है। मजबूरी में वह पेड़ काटकर काम चला रहे हैं। इस कारण पर्यावरण भी प्रभावित हो रहा है। पूर्व मंत्री बलवंत भौर्याल, भाजपा नगर अध्यक्ष प्रकाश लाल साह, छात्रसंघ अध्यक्ष हरीश मेहरा, बसपा रमेश पर्वतीय, उक्रांद नेता हीराबल्लभ समेत विभिन्न संगठनों से जुड़े लोगों ने गैस की आपूर्ति शीघ्र सुचारु न होने पर आंदोलन की चेेतावनी दी।
इधर स्थानीय गैस एजेंसी के प्रबंधक जीएस बाफिला ने बताया रसोई गैस के मोटाहल्दू स्थित प्लांट से ही आपूर्ति कम हो रही है। प्रतिदिन 480 सिलेंडरों की मांग के सापेक्ष यहां 160 सिलेंडर ही आ रहे हैं। गैस के लिए प्लांट को एडवांस ड्राफ्ट भेजा गया है। उन्होंने कहा कि आपूर्ति सुचारु होते ही वितरण भी नियमित रूप से कर दिया जाएगा। उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है।
भिकियासैंण क्षेत्र में मांग के अनुरूप रसोई गैस की आपूर्ति नहीं हो रही है। इससे दूरदराज के उपभोक्ता परेशान हैं। सप्ताह भर से गैस गोदाम में सिलेंडर का वाहन नहीं पहुंचा है। तहसील मुख्यालय स्थित ज्योतिका इंडेन गैस एजेंसी के माध्यम से भिकियासैंण, स्याल्दे, तल्ला सल्ट, मासी, देघाट आदि क्षेत्रों के 9500 उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति की जाती है, लेकिन पिछले तीन महीने से क्षेत्र में गैस सिलेंडरों की पर्याप्त आपूति नहीं हो रही है।
एक सप्ताह से प्लांट से गैस का वाहन स्थानीय गैस गोदाम में नहीं पहुंचा है। एजेंसी के प्रबंधक महेंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि प्रतिमाह 24 ट्रक सिलेंडरों की जरूरत है। सितंबर में 21 ट्रक, अक्तूबर में 16, नवंबर में 14 ट्रक सिलेंडर ही मिल पाए हैं। जिससे रोस्टर के अनुसार निर्धारित स्थानों पर समय पर गैस की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।