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खेल को कॅरिअर बनाएं पहाड़ के युवा : नितेंद्र
अमर उजाला ब्यूरो, गरुड़, बागेश्वर
Updated Sat, 10 Sep 2016 11:42 PM IST
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ओलंपियन नितेंद्र रावत राज्य सरकार के व्यवहार और समुचित सहयोग न मिलने से बेहद आहत हैं। राज्य सरकार से उन्हें भविष्य में भी उम्मीद नहीं है। उनका कहना है कि आर्मी ज्वाइन करने के बाद उन्होंने खेल को कॅरिअर बनाया। अगर बचपन से ही खेल को कॅरिअर बनाया होता तो मंजिल दूर नहीं होती।
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रियो से स्वदेश लौटने के बाद एक सप्ताह के अवकाश पर ओलंपियन नितेंद्र इन दिनों घर आए हैं। उन्होंने कुछ दिनों तक दिल्ली में घुटनों का उपचार कराया। वह सोमवार को पूूना लौटेंगे। बताया कि मंगनी कई माह पहले हो चुकी है। शादी फरवरी में करूंगा। नितेंद्र ने बताया कि रियो में भारत को पदक न दिला पाने का काफी गम है। फिर भी एथलेटिक्स के क्षेत्र में और आगे बढ़ने की कोशिश जारी रहेगी। नितेंद्र ने बताया कि रियो ओलंपिक में जाने से पहले और रियो से लौटने के बाद उत्तराखंड सरकार की खिलाड़ियों के प्रति सोच का अनुभव हो गया है।
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राज्य सरकार से भविष्य में भी कोई उम्मीद नहीं है, हालांकि राज्य सरकार के खेल सचिव ने राज्य में सरकारी नौकरी के लिए उनसे जरूर पूछा। उनका कहना है कि खेल में हर खिलाड़ी प्रथम नहीं रहता। देश के अन्य राज्यों के खिलाड़ियों ने ओलंपिक में प्रतिभाग किया। उन खिलाड़ियों के राज्य के सीएम ने रियो जाने और रियो से लौटने के बाद उन्हें जो सम्मान दिया, वह पल उन राज्यों के खिलाड़ियों को जीवनभर यादगार रहेगा। नितेंद्र ने बताया कि उत्तराखंड के युवाओं के लिए एथलेटिक्स में आगे बढ़ने की संभावनाएं अधिक हैं। खेलों में रुचि रखने वाले युवा खेल को कॅरिअर बनाकर आगे बढ़ सकते है।
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