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Bageshwar News: रवाईंखाल में दरकती पहाड़ी बनी आफत, बार-बार बंद हो रहा हाईवे
Mon, 28 Sep 2026 11:45 PM IST
हल्द्वानी ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
संवाद न्यूज एजेंसी, बागेश्वर
Updated Mon, 28 Sep 2026 11:45 PM IST
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बागेश्वर-गरुड़ के रवांईखाल मोटर मार्ग में जान जोखिम में डालकर जा रहे यात्री। -स्त्रोत वीडियोग्
बागेश्वर। बागेश्वर-गरुड़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर रवाईंखाल के पास दरक रही पहाड़ी से लगातार मलबा और बोल्डर गिरने से यातायात प्रभावित हो रहा है। पहाड़ी से मलबा आने पर मार्ग दिन में कई बार घंटों बंद हो रहा है। इससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को खतरे के बीच आवाजाही करनी पड़ रही है।
बीआरओ की मशीनें मलबा हटाकर वाहनों के लिए संकरा रास्ता बना रही हैं लेकिन पहाड़ी के स्थायी उपचार की कार्रवाई नहीं हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क से हटाया गया मलबा गधेरे में डाला जा रहा है जिससे उसके प्राकृतिक प्रवाह में बाधा पड़ रही है। उनका कहना है कि पहाड़ी और डंपिंग की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो खतरा बढ़ सकता है।
पेड़-पत्थरों के उठान पर विभाग आमने-सामने
बीआरओ के एई गणेश खाती ने बताया कि मलबे के साथ आए बोल्डर और उखड़े पेड़ वन पंचायत की संपत्ति हैं। इनके निस्तारण के लिए वन पंचायत ने प्रस्ताव पास कर ठेकेदार का चयन कर लिया है, लेकिन अब तक उठान शुरू नहीं हुआ है। डीएओ प्रकाश आर्या ने बताया कि पेड़ों के कटान और पत्थरों के निस्तारण के संबंध में बीआरओ से वन विभाग को कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं मिला है। प्रस्ताव मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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बीआरओ की मशीनें मलबा हटाकर वाहनों के लिए संकरा रास्ता बना रही हैं लेकिन पहाड़ी के स्थायी उपचार की कार्रवाई नहीं हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सड़क से हटाया गया मलबा गधेरे में डाला जा रहा है जिससे उसके प्राकृतिक प्रवाह में बाधा पड़ रही है। उनका कहना है कि पहाड़ी और डंपिंग की समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो खतरा बढ़ सकता है।
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पेड़-पत्थरों के उठान पर विभाग आमने-सामने
बीआरओ के एई गणेश खाती ने बताया कि मलबे के साथ आए बोल्डर और उखड़े पेड़ वन पंचायत की संपत्ति हैं। इनके निस्तारण के लिए वन पंचायत ने प्रस्ताव पास कर ठेकेदार का चयन कर लिया है, लेकिन अब तक उठान शुरू नहीं हुआ है। डीएओ प्रकाश आर्या ने बताया कि पेड़ों के कटान और पत्थरों के निस्तारण के संबंध में बीआरओ से वन विभाग को कोई औपचारिक प्रस्ताव नहीं मिला है। प्रस्ताव मिलने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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