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कोरोना: चार दिन से बागेश्वर में फंसे रहे लखनऊ के व्यापारी
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तरुण गुजराल।
- फोटो : BAGESHWAR
बागेश्वर। कोरोना महामारी के चलते दूसरे राज्यों से उत्तराखंड पहुंचे लोगों को भी घर लौटने का कोई साधन नहीं मिल पा रहा है। ऐसे ही एक मामले में बलून (गुब्बारों) की डिलीवरी देने आए लखनऊ के दो व्यापारी वाहन नहीं मिलने से पिछले चार दिन से बागेश्वर में फंसे हैं।
लखनऊ के दो व्यापारी किशोर पंजवानी (53) पुत्र वापारीमल और तरुण गुजराल (43) पुत्र इंद्रजीत गुजराल छह दिन पहले वैलून की डिलीवरी देने अल्मोड़ा से होते हुए गरुड़ पहुंचे।
21 मार्च को बागेश्वर में डिलीवरी देने के बाद व्यापारियों को वाहन नहीं मिल पाए। इस वजह से उन्हें रुकने के लिए एक होटल में कमरा लेना पड़ा। अगले दिन जनता कर्फ्यू लगने के बाद उन्हें वाहन नहीं मिल पाए। इसके बाद प्रदेश सरकार की 31 मार्च तक लॉकडाउन की घोषणा हो गई। जिसके बाद व्यापारी होटल में कमरा लेकर रुके हैं। यह लोग गरुड़ में किसी रिश्तेदार के वहां जाना चाह रहे थे लेकिन आवाजाही की व्यवस्था न होने से गरुड़ भी नहीं जा पाए।
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लखनऊ के दो व्यापारी किशोर पंजवानी (53) पुत्र वापारीमल और तरुण गुजराल (43) पुत्र इंद्रजीत गुजराल छह दिन पहले वैलून की डिलीवरी देने अल्मोड़ा से होते हुए गरुड़ पहुंचे।
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21 मार्च को बागेश्वर में डिलीवरी देने के बाद व्यापारियों को वाहन नहीं मिल पाए। इस वजह से उन्हें रुकने के लिए एक होटल में कमरा लेना पड़ा। अगले दिन जनता कर्फ्यू लगने के बाद उन्हें वाहन नहीं मिल पाए। इसके बाद प्रदेश सरकार की 31 मार्च तक लॉकडाउन की घोषणा हो गई। जिसके बाद व्यापारी होटल में कमरा लेकर रुके हैं। यह लोग गरुड़ में किसी रिश्तेदार के वहां जाना चाह रहे थे लेकिन आवाजाही की व्यवस्था न होने से गरुड़ भी नहीं जा पाए।

किशोर पंजवानी।- फोटो : BAGESHWAR
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