बागेश्वर। जिले में इन दिनों जंगलों के जलने का सिलसिला जारी है। कई स्थानों पर अराजक तत्व जंगलों को आग के हवाले कर रहे हैं, तो कहीं वन विभाग नियंत्रित फुंकान कर रहा है। कनगाड़छीना के जंगलों से भी अचानक धुंआ उठता देखकर ग्रामीणों को जंगल जलने का अंदेशा हुआ, हालांकि वन विभाग ने स्पष्ट किया कि जंगल में नियंत्रित फुंकान के तहत आग लगाई गई है।
सर्दियों में जिले के जंगल लगातार सुलग रहे हैं। विजयपुर, कुकुड़ामाई, छतीना और जौलकांडे के जंगलों में अब तक आग लग चुकी है। जिनमें कुकुड़ामाई में वन विभाग की ओर से नियंत्रित फुंकान किया गया लेकिन अन्य जंगल अराजक तत्वों की शरारत के चलते जल गए थे। बुधवार को कनगाड़छीना के जंगल में अचानक आग लग गई। आसपास के ग्रामीणों ने वन विभाग को तत्काल आग लगने की सूचना दी। विभाग की ओर से स्पष्ट किया गया कि जंगल में विभाग की ओर से कंट्रोल बर्निंग की जा रही है। जिसके तहत चयनित स्थान पर आग लगाकर उसे बुझाने का अभ्यास किया जा रहा है। इधर रेंजर श्याम सिंह करायत ने बताया कि 14 फरवरी तक जिले के विभिन्न स्थानों पर नियंत्रित फुंकान किया जाना है। चयनित जंगलों में रोस्टर के अनुसार कंट्रोल बर्निंग की जा रही है।